जंक्शन के विस्तारीकरण के लिए भारत वैगन की जमीन खरीदेगा रेलवे, बनेंगे दो अतिरिक्त प्लेटफॉर्म
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पिछले साल अगस्त माह से बंद हो चुकी भारत वैगन की जमीन पर रेलवे की भी नजर है। ताकि, मुजफ्फरपुर जंक्शन की सबसे बड़ी समस्या का समाधान हो सके। अतिरिक्त प्लेटफॉर्म के साथ-साथ रेलवे यार्ड, वाशिंग पीट तथा दक्षिणी छोर पर यात्री सुविधा का विस्तार किया जा सके। जंक्शन के विस्तारीकरण के लिए भारत वैगन की करीब 20 एकड़ जमीन का पहला ग्राहक रेलवे होगा। इससे मुजफ्फरपुर-नारायणपुर अनंत के बीच एलिवेटेड लाइन पर होने वाली करोड़ों रुपये के खर्च से भी बचा जा सकता है।

पूर्व मध्य रेलवे का परिचालन विभाग मुजफ्फरपुर जंक्शन से सटी भारत वैगन की 20 एकड़ जमीन की खरीदारी का प्रस्ताव एनबीसीसी (नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन) को भेजने की तैयारी में जुट गया है। प्रस्ताव की स्वीकृति लेने और राशि आवंटन के लिए पूर्व मध्य रेलवे के उच्चाधिकारी रेलवे बोर्ड के संपर्क में हैं। संभावना है कि पूरक बजट में इसके लिए राशि का प्रावधान किया जाएगा।

एक नजर में भारत वैगन
1978 में आर्थर बटलर कंपनी का भारत वैगन के रूप में हुई स्थापना
2002 में भारत वैगन बीमारू कंपनी के रूप में घोषित हुआ
2008 अगस्त माह में रेलवे ने भारत वैगन को अपने अधीन लिया
2017 अगस्त माह में केन्द्रीय कैबिनेट ने बंद करने का लिया फैसला 

भूमि कारोबारियों की नजर
भारत वैगन की करीब 12 साै करोड़ रुपये की जमीन पर अब भूमि कारोबारियों की भी नजर है। जमीन को लीज पर लेने के लिए पटना से दिल्ली तक बड़े-बड़े लोग संपर्क साध रहे हैं। कंपनी की मुजफ्फरपुर के अलावे पटना, मोकामा व कोलकाता में भी जमीन है। शहर के बीचो बीच बटलर स्थित भारत वैगन के अति महत्वपूर्ण इस जमीन की कीमत 25 लाख रुपए प्रति डिसमिल बताया गया है।

सवारी ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियों के परिचालन में भी होगी सहूलियत
31 जनवरी को रिटायर्ड हुए मुजफ्फरपुर के स्टेशन डायरेक्टर जेपी त्रिवेदी की मानें तो यदि भारत वैगन की जमीन रेलवे को मिल जाए तो जंक्शन की विस्तारीकरण योजना पूरी हो जाएगी। मुजफ्फरपुर जंक्शन पर कम से कम दो अतिरिक्त प्लेटफॉर्म का निर्माण हो जाएगा। दक्षिणी छोर पर यात्री सुविधा का भी विस्तार हो जाएगा। इस बाबत उच्चाधिकारियों का ध्यान पूर्व में ही आकृष्ट कराया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि जंक्शन से सटी कंपनी की जमीन के साथ-साथ भारत वैगन की आवासीय कॉलोनी की जमीन मिल जाने से माड़़ीपुर ओवरब्रिज तक जंक्शन का विस्तार हो सकेगा।

इससे रेलवे यार्ड का भी विस्तार हो जाएगा। इससे सवारी ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियों के परिचालन में भी सहूलियत होगी। स्मार्ट सिटी में चयन के साथ-साथ भविष्य के लिहाज से भी मुजफ्फरपुर जंक्शन का विस्तार आवश्यक है। एलिवेटेड लाइन बनाने में अरबों रुपये के खर्च से भी रेलवे बच जाएगा। भारत वैगन की जमीन का अधिग्रहण कर लेने से कम खर्च में ही जंक्शन का विस्तारीकरण हो जाएगा। भविष्य में मुजफ्फरपुर से छपरा व दरभंगा के लिए भी नई लाइन प्रस्तावित है। इसके बाद मुजफ्फरपुर जंक्शन से हाजीपुर, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, मोतिहारी, छपरा व दरभंगा के लिए कुल छह लाइन गुजरेगी।

भारत वैगन की जमीन पर केंद्र सरकार के उपक्रम को मिलेगी प्राथमिकता : सीएमडी
रेलवे बोर्ड से अनुमति मिलने के बाद भारत वैगन की संपति एनबीसीसी के हवाले कर दी गई है। भारत वैगन बंद होने की घोषणा के बाद से ही इसकी जमीन के उपयोग को लेकर ऊहापोह की स्थिति थी। भारत वैगन के एमडी महेश कुमार राय ने कहा कि भारत वैगन की जमीन पर केन्द्र सरकार के उपक्रम को पहली प्राथमिकता दी जाएगी। बटलर व ब्रह्मपुरा में भारत वैगन की करीब 1200 करोड़ रुपये की 26 एकड़ जमीन है। वहीं, जंक्शन से सटी फैक्ट्री 6 एकड़ जमीन पर अवस्थित है। इसके साथ ही 10 एकड़ में आवासीय कॉलोनी बना हुआ है।

Input : Dainik Bhaskar

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