पटना को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए सौ करोड़ मंजूर

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बिहार कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को 33 एजेंडों पर मुहर लगाई गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में संपन्‍न बैठक में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत विधवा, वृद्ध एवं दिव्यांगजनों को मिलने वाले पेंशन मद के लिए 781 करोड़ रुपये विमुक्त करने के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगाई गई।

साथ ही, मंत्रिमंडल ने समाज कल्याण विभाग में अब अलग से दिव्यांगजन सशक्‍तीकरण निदेशालय के गठन के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान कर दी। इसके साथ ही पटना के स्मार्ट सिटी के लिए सौ करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी गई।

मिली जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2017-18 में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के  तहत विधवा, वृद्ध व दिव्यांगजनों को पिछले कई महीने से पेंशन राशि का भुगतान नहीं हो सका है। इसे देखते हुए मंत्रिपरिषद ने इस मद में 781 करोड़ रुपये विभाग को उपलब्ध करा दिए हैं। दिव्यांगजनों के लिए समाज कल्याण विभाग के अधीन एक अलग निदेशालय की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई है।

इस निदेशालय के लिए मुख्यालय स्तर पर एक निदेशक व दो सहायक निदेशक के पद के सृजन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। जबकि राज्य के सभी 38 जिलों में सहायक निदेशक के एक-एक नए पद सृजित किए गए हैं। अब दिव्यांगजनों से संबंधित सभी प्रकार के अधिनियम व नियमावली का कार्यान्वयन तथा राज्य नि:शक्तता सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना को छोड़कर दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए अन्य सभी योजनाओं का कार्यान्वयन निदेशालय में स्थानांतरित किया जाएगा।

मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में पूरक पोषाहार मद में केंद्रांश की राशि की प्रत्याशा में 401 करोड़, 23 लाख रुपये की निकासी की मंजूरी प्रदान की है।

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आइजीआइएम में 214 नए पदों का सृजन
राजधानी के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, शेखपुरा के विभिन्न विभागों हेतु विभिन्न स्तर के 214 अतिरिक्त पदों के सृजन के प्रस्ताव को भी मंत्रिपरिषद ने अपनी मंजूरी दे दी है।

चार मेलों को मिला राजकीय दर्जा
मंत्रिपरिषद ने बांका के बौंसी, औरंगाबाद के देव, मधेपुरा के विशुराउत धाम, नालंदा के एकंगरसराय अंतर्गत औंगारी धाम और नालंदा के ही बडग़ांव छठ मेले को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा पेश किए गए राजकीय दर्जा देने के प्रस्ताव को भी अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है।

स्कूलों में प्रयोगशाला के लिए 220 करोड़
वित्तीय वर्ष 2017-18 में राज्य के दो हजार उच्च माध्यमिक विद्यालयों एवं चार हजार माध्यमिक विद्यालयों में प्रयोगशाला उपकरणों की खरीद के लिए मंत्रिपरिषद ने 220 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसमें उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए एक सौ करोड़ तथा माध्यमिक विद्यालयों के लिए 120 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

स्कूलों में कंप्यूटर के लिए 65.68 करोड़
वित्तीय वर्ष 2017-18 में केंद्र प्रायोजित योजना आइसीटी ऐट स्कूल कार्यक्रम के लिए भी मंत्रिपरिषद ने 65 करोड़, 68 लाख रुपये की मंजूरी प्रदान की है। इस राशि से सरकारी स्कूलों के लिए कंप्यूटर व अन्य संसाधनों की खरीद की जाएगी।

Input : Dainik Jagran