BPSC ने परीक्षा में सफलता के बाद इंटरव्यू लिया, फिर रद कर दिया आवेदन

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बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने सहायक प्रोफेसर पद के लिए आवेदन करने वाले 34 अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा ली। इसमें सफल होने के बाद साक्षात्कार भी लिया। इसके बाद जब रिजल्ट जारी किया तो यांत्रिकी अभियंत्रण और टेक्नोलॉजी विषय के 34 अभ्यर्थियों के आवेदन इस आधार पर रद कर दिए गए कि उनकी उम्मीदवारी विज्ञापन के विषय के लिए उपयुक्त या प्रासंगिक नहीं है।

पीडि़त कई अभ्यर्थी गुरुवार को बीपीएससी अध्यक्ष से मिलने की  गुजारिश करते रहे, लेकिन उनका आवेदन तक नहीं लिए गए। बीपीएससी अधिकारियों ने कहा कि मामला कोर्ट में है। ऐसी स्थिति में किसी तरह की जानकारी साझा नहीं की जा सकती है।
आइएसएम धनबाद से एमटेक करने वाले विकास कुमार ने बताया कि बीपीएससी भारत सरकार के गजट को भी नहीं मान रहा है। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन द्वारा जारी राजपत्र में उनकी उपाधि को बीपीएससी के विज्ञापन के अनुसार माना है। इस संबंध में आइआइटी (आइएसएम) धनवाद के डीन और फ्यूल एंड मिनरल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष ने भी पत्र जारी किया है। बावजूद सुनवाई सिफर है।

जहानाबाद के संदीप कुमार, बांका के आशुतोष कुमार, मोतिहारी के राजीव रंजन कुमार, मधेपुरा के लोकेश कुमार, नालंदा के कुमार प्रकाश, मधुबनी के गणेश विद्यार्थी, गोपालपुर पटना के आनंद कुमार, धनबाद के आलोक कुमार स्नेही आदि के मामले भी विकास कुमार से ही मिलते-जुलते हैं। अभ्यर्थियों ने बताया कि बीपीएससी की लापरवाही के कारण चार साल से कॅरियर अधर में है।

अभ्यर्थियों की सूची 2015 में हुई थी जारी

बीपीएससी ने राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में यांत्रिक अभियंत्रण और टेक्नोलॉजी विषय में सहायक प्राध्यापक के पदों पर नियुक्ति के लिए 2014 में आवेदन मांगा था। आठ अगस्त, 2015 को योग्य अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई थी। इसके बाद लिखित परीक्षा की तिथि 29 नवंबर, 2015 के दो दिन पहले कई और अभ्यर्थियों का आवेदन रद कर दिया गया। 20 अप्रैल, 2016 को लिखित परीक्षा का रिजल्ट प्रकाशित किया गया। 25 अप्रैल, 2016 को अर्हता पूरी नहीं करने वाले 151 अभ्यर्थियों का आवेदन रद कर दिया गया।

कोर्ट के निर्देश के बाद इनमें से लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को फरवरी, 2016 में आयोजित इंटरव्यू में शामिल किया गया। फाइनल रिजल्ट छह सितंबर को प्रकाशित किया गया, जिसमें 34 अभ्यर्थियों के आवेदन विज्ञापन के अनुरूप उपयुक्त या प्रासंगिक नहीं होने के कारण रद कर दिए गए।

 

Source : Dainik Jagran

 

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