बीएड कोर्स के लिए कॉमन एंट्रेंस टेस्‍ट लेने का फैसला

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मंगलवार को राजभवन में राज्‍यपाल सह कुलाधिपति सत्‍यपाल मलिक की अध्‍यक्षता में कुलपतियों की मासिक समीक्षा बैठक संपन्‍न हुई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पूरे राज्य में बी॰एड॰ पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए एक ‘काॅमन एंट्रेंस टेस्ट’ लिये जाने पर गंभीरतापूर्वक विचार करने के लिए कुलपतियों एवं विशेषज्ञों की एक समिति गठित की जाए। ‘रोटेशन’ के आधार पर विश्वविद्यालय इस प्रवेश-परीक्षा का आयोजन करेंगे।

बैठक में राज्यपाल श्री सत्य पाल मलिक ने कहा कि उच्च शिक्षा में सुधार के लिए जो महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं, निर्धारित समयावधि में उनके कार्यान्वयन हेतु हरसंभव प्रयास किए जाने चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि ‘एकेडमिक कैलेण्डर’ तैयार कर उसका पूरी तरह परिपालन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विश्वविद्यालयों के क्रियाकलापों में पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता विकास पर पूरा ध्यान दिया जाना चाहिए।

बैठक में महामहिम राज्यपाल के सुझाव के आलोक में यह निर्णय लिया गया कि पूरे राज्य में बी॰एड॰ पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए एक ‘काॅमन एंट्रेस टेस्ट’ लिये जाने पर गंभीरतापूर्वक विचार करने के लिए कुलपतियों एवं विशेषज्ञों की एक समिति गठित की जाए। ‘रोटेशन’ के आधार पर विश्वविद्यालय इस प्रवेश-परीक्षा का आयोजन करेंगे। वस्तुनिष्ठ प्रश्नों पर आधारित परीक्षा के आधार पर सफल विद्यार्थी ही राज्य में बी॰एड॰ के पाठ्यक्रम से जुड़े शिक्षण-संस्थानों में निर्धारित सीटों पर अपने नामांकन ले सकेंगे। इसके लिए समिति आवश्यक सुझाव देगी।

बैठक में एक अन्य महत्त्वपूर्ण यह निर्णय लिया गया कि 31 मार्च, 2018 तक सभी विश्वविद्यालय छात्र-संघ का चुनाव अनिवार्यतः करा लेंगे। विभिन्न विश्वविद्यालयों ने बैठक में बताया कि छात्र-संघ के चुनाव के लिए उनके द्वारा आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है और वे निर्धारित समयावधि में चुनाव करा लेंगे।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी 5 मार्च, 2018 को राजभवन में वित्तीय सलाहकारों एवं कुलसचिवों की एक बैठक होगी, जिसमें शिक्षा विभाग के भी अधिकारी शामिल होंगे। उक्त बैठक में ही विगत वित्तीय वर्षों के लिए सरकार द्वारा आबंटित विभिन्न राशियों से संबंधित ‘उपयोगिता-प्रमाण-पत्र’ भी प्रस्तुत करने के लिए सभी विश्वविद्यालयों को कहा गया।

5 मार्च की इस बैठक में ही ‘सातवें वेतनमान’ के कार्यान्वयन, प्रोन्नति, सेवांत लाभ आदि से संबंधित भुगतेय राशि विषयक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की भी अपेक्षा की गई। साथ ही यह भी निदेश दिया गया कि मार्च, 2018 तक सेवानिवृत्त होनेवाले सभी शिक्षकों एवं कर्मियों के वेतन एवं पेंशनादि से संबंधित सभी भुगतान भी ससमय सुनिश्चित होने चाहिए।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आगामी 31 मार्च, 2018 तक विश्वविद्यालय परिसरों, स्नातकोत्तर विभागों के अतिरिक्त महाविद्यालय स्तर तक बायोमेट्रिक सिस्टम संस्थापित कर लिया जाएगा। बायोमेट्रिक सिस्टम के साथ सी॰सी॰टी॰वी॰ कैमरा भी लगाने पर विचार हुआ। साथ ही शिक्षकों की अनियमित अनुपस्थिति के विरूद्ध विश्वविद्यालयों द्वारा कृत कार्रवाई पर भी शीघ्र प्रतिवेदन भेजने को कहा गया।

बैठक में प्रधान सचिव शिक्षा विभाग ने बताया कि गर्ल्‍स काॅमन रूम, शौचालय-निर्माण, परीक्षा-भवन निर्माण आदि के लिए विश्वविद्यालयों के अनुरोध पर उन्हें आबंटन उपलब्ध कराया जाएगा। महाविद्यालयों/विश्वविद्यालयों में स्वच्छ पेयजल हेतु आर॰ओ॰ वाटर प्यूरीफायर संयंत्र लगाने का भी निर्णय लिया गया।

Input : Dainik Jagran


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