अब बिहार के बदमाशों से निपटेगी सांसद आरसीपी सिंह की बेटी IPS लिपि सिंह
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जदयू के राज्‍य सभा सांसद आरसीपी सिंह न सिर्फ मुख्‍य मंत्री नीतीश कुमार के निकट सहयोगी, बल्कि एक सफल पिता भी हैं. सिंह की दोनों बेटियां लिपि और लता ने अपनी शानदार सफलता से पिता को जिंदगी भर की मुस्‍कान प्रदान कर दी है. बड़ी बेटी लिपि सिंह यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा (इम्तिहान-ए-हिंद) को क्रैक कर 2015 बैच की आईपीएस अधिकारी बन चुकी है. छोटी लता सिंह वकील बन अपना और अपने पिता का नाम आगे बढ़ाने को तेजी से जुटी है.

बताते चलें आरसीपी सिंह मूल रुप से नालंदा जिले के अस्‍थावां प्रखंड के मुस्‍तफापुर गांव के निवासी हैं. सफलता की तमाम सीढि़यों को छूने के बाद भी आरसीपी सिंह का गांव से लगाव बना हुआ है. वे सपत्‍नीक तो खुद आते ही हैं. बच्‍चों को भी गांव की मिट्टी से कनेक्‍ट किये हुए हैं.

बिहार काडर मिला है आईपीएस लिपि सिंह को

2015 की सिविल सर्विस परीक्षा में लिपि सिंह का परिणाम बहुत ही शानदार रहा था. उसे 114वां रैंक मिला था. आईपीएस के लिए चुने गये अभ्‍यर्थियों में वह 7वें स्‍थान पर थी. लिपि सिंह की जन्‍म-तारीख सरकारी रिकार्ड में 18 अक्‍तूबर 1986 है. लिपि सिंह की सफलता इस रुप में महत्‍वपूर्ण है कि बिहार के नालंदा जिले ने अब तक बहुत सारे आईएएस-आईपीएस देश को दिए हैं, पर लिपि सिंह को जिले से पहली महिला आईपीएस आफिसर बनने का गौरव प्राप्‍त हुआ है.

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लिपि सिंह ने दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई की है. आईपीएस बनने के पहले भी लिपि सिंह का सेलेक्‍शन एलायड सर्विस के लिए हो गया था. लेकिन अपनी मेधा शक्ति को लेकर कांफिडेंट रही लिपि ने सर्विस ज्‍वाइन करने के बजाय फिर से परीक्षा दी और आईपीएस बन गई.

आईपीएस लिपि सिंह की ट्रेनिंग खत्‍म हो चुकी है. ट्रेनिंग में भी लिपि सिंह ने बेस्‍ट परफार्म किया है. केन्‍द्रीय गृह मंत्रालय ने लिपि सिंह को बिहार काडर अलॉट कर दिया है. मतलब वह बहुत जल्‍द बिहार में बदमाशों से मुकाबला करती दिखने वाली है.

आरसीपी सिंह की दूसरी बेटी मतलब आईपीएस लिपि की छोटी बहन लता सिंह ने कानून की पढ़ाई खत्‍म करने के बाद वकालत की राह पकड़ी है. दोनों बेटियों की सफलता से आरसीपी सिंह की फैमिली में जिंदगी की संतुष्टि के लेवल को आसानी से समझा जा सकता है.

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स्‍वयं भी पहले आईएएस अधिकारी थे आरसीपी सिंह

आरसीपी सिंह भी राजनीति में आने के पहले आईएएस अधिकारी ही थे. उन्‍हें यूपी काडर मिला था. मुलायम सिंह यादव के साथ भी निर्विवादित तरीके से काम किया. बाद में, जब नीतीश कुमार केन्‍द्र में मंत्री बने, तो आरसीपी सिंह दिल्‍ली में उनके प्राइवेट सेक्रेट्री बने. इसके बाद दोनों का संबंध लगातार बना रहा. 2005 में जब नीतीश कुमार बिहार के मुख्‍य मंत्री बने, तब आरसीपी सिंह प्रिंसिपल सेक्रेट्री बनकर आये.

बाद में, नीतीश कुमार को लगा कि आरसीपी सिंह की जरुरत जदयू को है, तब उन्‍होंने आरसीपी सिंह के लिए नई जिम्‍मेदारी तय की. आरसीपी सिंह ने नीतीश कुमार के कहने पर आईएएस की नौकरी छोड़ दी और राज्‍य सभा के सांसद बन गये. अब राज्‍य सभा में वे जदयू के संसदीय दल के नेता हैं.

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Source : Live Cities

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