‘वो चार मारेंगे तो हम 40 मारेंगे’, ये होगा पाकिस्तान को भारत का जवाब
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पाकिस्तान अपनी करतूतों से बाज नहीं आ रहा है। जम्मू-कश्मीर में इस नापाक देश ने एक बार फिर से सीजफायर का उल्लंघन किया है। इस हमले में भारतीय सेना के एक अफसर कपिल कुंडू समेत तीन जवान शहीद हो गए। इसके साथ ही तीन जवान गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। भारतीय सेना ने भी इसका जवाब देते हुए पाकिस्तान के कई बंकर तबाह कर दिए। लेकिन लगता है कि पाकिस्तान के मंसूबे ठीक नहीं हैं तभी उसके राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन और प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी ने धमकी भरे अंदाज में कहा है कि जब तक कश्मीर समस्या का समाधान नहीं हो जाता तब तक शांति बहाल नहीं हो सकती है।

पाक नहीं पिया मां का दूध कि ले जाए कश्मीर

इधर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पाकिस्तान को चेता दिया है कि किसी ने इतना मां का दूध नहीं पिया है कि वो भारत को कश्मीर से अलग कर सके। उन्होंने पाकिस्तान पर बरसते हुए कहा कि हमारा एक पड़ोसी देश है पाकिस्तान जो कहता रहता है कि कश्मीर को भारत से अलग कर देंगे। राजनाथ सिंह ने अगरतला में कहा कि मैंने अपनी सिक्युरिटी फोर्सेस को सीधा ऑर्डर दिया है। अगर पाकिस्तान की तरफ से हमारी बॉर्डर पर एक भी गोली चलाई जाए तो आप अनगिनत गोलियों से जवाब दें। किसी ने मां का दूध नहीं पिया है जो कश्मीर को भारत से अलग कर सके। कश्मीर भारत का था, है और हमेशा रहेगा। इससे पहले भी राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा था कि पाकिस्तान अगर हमारे 4 सैनिकों को शहीद करेगा तो भारत पाकिस्तान के 40 सैनिकों की जान लेगा।

उप सेना प्रमुख शरत चंद ने कहा कि पाकिस्तान की सेना सीमा पर आतंकियों की घुसपैठ का समर्थन करती है। लेकिन भारत इसका मुंहतोड़ जवाब देता रहेगा और सेना की कार्रवाई खुद हकीकत बयां करेगी। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाकिस्तान को इसके लिए माफ नहीं किया जा सकता। अहीर ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को सबक सिखाया जाएगा। अहीर ने कहा कि हम पाकिस्तान को माफ नहीं करेंगे। यह पाकिस्तान की बहुत बड़ी मूर्खता साबित होगी और इसका अंजाम पाक को भुगतना होगा।

पाकिस्तान की करतूत

गौरतलब है कि पाकिस्तान ने 2017 में 860 से अधिक बार सीज़फायर उल्लंघन किया, वहीं 2018 में ही 160 से अधिक बार सीजफायर तोड़ चुका है। आपको बता दें कि 2014 में 51 जवान शहीद हो गए जबकि 110 आतंकियों को मार गिराया गया। 2015 में 41 सैनिक शहीद हुए और 113 आतंकियो को ढेर किया गया। 2016 में सुरक्षाबलों के 88 जवान शहीद हुए थे जबकि 165 आतंकियों को मार गिराया गया था। 2017 में 83 जवान शहीद हुए जबकि सेना के ऑपरेशन ऑलआउट में 218 आतंकियों को मार गिराया गया।

35 दिन में 12 जवान शहीद

जनवरी की स्थिति

  • 3 जनवरी- सांबा सेक्टर में बीएसएफ के डेड कांस्टबेल आप पी हाजरा शहीद हुए।
  • 13 जनवरी- सुन्दरबनी सेक्टर में आर्मी के लांस नायक योगेश भड़ाने ने शहादत दी।
  • 17 जनवरी- आरएस पुरा सेक्टर में बीएसएफ के हेड कांस्टेबल ए सुरेश शहीद हुए।
  • 19 जनवरी- सुन्दरबनी सेक्टर में आर्मी के लांस नायक सैम अब्राहम शहीद हुए।
  • 19 जनवरी- इसी दिन सांबा सेक्टर में बीएसएफ के हेड कांस्टेबल जगपाल सिंह शहीद।
  • 20 जनवरी- कृष्णा घाटी सेक्टर में सेना के सिपाही मनदीप सिंह शहीद।
  • 21 जनवरी- मेंढर सेक्टर में सेना के सिपाही चंदन कुमार राय शहीद।
  • 24 जनवरी- कृष्णा घाटी सेक्टर में सेना के सिपाही नायक जगदीश शहीद।

फरवरी की स्थिति

  • 4 फरवरी- भिंबर गली सेक्टर में सेना के कैप्टन कपिल कूंडू शहीद।
  • 4 फरवरी- भिंबर गली सेक्टर में सेना के हवलदार रोशन लाल शहीद।
  • 4 फरवरी- भिंबर गली सेक्टर में सेना के राइफलमैन रामअवतार शहीद।
  • 4 फरवरी- भिंबर गली सेक्टर में सेना के राइफलमैन शुभम सिंह शहीद।
  • साल 2017 में पाकिस्तान ने किया 881 बार सीजफायर का उल्लंघन

मुंह की खाने के बाद भी नहीं छोड़ता कश्मीर राग

कश्मीर के मुद्दे पर बेनकाब पाकिस्ता‍न हर मंच पर मात खाता रहा है, लेकिन इसके बाद भी वह कश्मीुर का राग अलापना नहीं छोड़ता है। इतना ही नहीं कश्मीबर में लगातार आतंकियों की फौज को घुसपैठ कराने की कोशिश में वह भारतीय सीमा पर लगातार गोलाबारी कर सीजफायर का उल्लंघन करता आ रहा है। इसी वर्ष महज फरवरी में ही उसके द्वारा की गई गोलाबारी में अब तक सेना के आठ जवान शहीद हो चुके हैं। हालांकि हर बार भारतीय जवानों ने उसकी कारगुजारियों का मुंहतोड़ जवाब भी दिया है।

आतंकी गतिविधियों को खुला समर्थन

कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्ता न खुलेतौर पर आतंकी गतिविधियों का साथ देता रहा है। यह किसी से छिपा भी नहीं है। इसी फहरिस्त में पाकिस्ताधन में सोमवार को कश्मीर एकता दिवस [Kashmir Solidarity Day] मना रहा है। इसके लिए पाकिस्तारन के प्रधानमंत्री शाहिद खकान अब्बामसी मुजफ्फराबाद में स्थित असेंबली में वहां के नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कश्मीर की समस्या के समाधान के बगैर कश्मीर में शांति और तरक्की का सपना पूरा नहीं हो सकता है। इससे एक दिन पहले ही पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इस इलाके में एक रैली को संबोधित करते हुए कश्मीपर में चल रही आतंकी मुहिम को समर्थन देने की बात दोहराई थी। कश्मी्र को लेकर पाकिस्तातन विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट कर कश्मीथर में चल रही मुहिम का समर्थन करते हुए लिखा है कि कश्मीलर पाकिस्ता न का होकर रहेगा।

Source : Dainik Jagran

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