अब डिजिटल मोड में मैट्रिक व इंटर सर्टिफिकेट उपलब्ध
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मैट्रिक और इंटर के सर्टिफिकेट अब डिजिटल मोड में भी विद्यार्थी ले सकते हैं। बिहार बोर्ड ने विद्यार्थियों की मार्कशीट और सर्टिफिकेट को नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (नैड) में उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इस प्रस्ताव को बिहार बोर्ड की गवर्निंग बॉडी ने मंजूरी दे दी है। बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर के मुताबिक, नैड से विद्यार्थियों को सीधा फायदा मिलेगा। भौतिक सत्यापन की जगह अब आॅनलाइन प्रमाणपत्र की सुविधा मिलेगी। प्रमाणपत्र आॅनलाइन रहने से प्रमाणपत्रों की मूल प्रस्तुति के स्थान पर आॅनलाइन सत्यापन सुलभ हो जाएगा। जाली प्रमाणपत्र जैसे मामलों पर भी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

1160 स्क्वायर मीटर में स्कूल को संबद्धता
माध्यमिक या उच्च माध्यमिक स्कूल की संबद्धता के लिए बनी नियमावली में संशोधन को बोर्ड की गवर्निंग बॉडी ने मंजूरी दी है। संशोधन लागू होने के बाद संबद्धता के लिए स्कूल का क्षेत्रफल 1160 स्क्वायर मीटर यानी 0.294 एकड़ होना चाहिए। समिति के अनुमोदन के बाद संशोधित विनियमावली को बिहार बोर्ड की वेबसाइट पर 30 दिनों के लिए अपलोड किया जाएगा जिससे इस पर लोग आपत्ति दर्ज करा सकें। फिर इसे स्वीकृति के लिए शिक्षा विभाग को भेजा जाएगा।

गर्वनिंग बॉडी के अन्य निर्णय 

क्षेत्रीय कार्यालय में मार्कशीट, सर्टिफिकेट में हुई गलतियों के सुधार के लिए डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम लागू होगा।

समिति के ठेका कर्मी को निर्धारित मजदूरी 367 रुपए प्रतिदिन की दर से दी जाएगी।

अनुकंपा पर 04 लिपिक तथा 06 अनुसेवक की नियुक्ति की स्वीकृति दी गई।

पदाधिकारियों को मोबाइल रिचार्ज के लिए 500 रुपए प्रतिमाह और परीक्षा नियंत्रकों को जनवरी से जून तक की अवधि में 1000 रुपए तक मोबाइल रिचार्ज कराने की सुविधा दी जाएगी।

मैट्रिक में चार आदर्श परीक्षा केंद्र
मैट्रिक परीक्षा में सभी जिलों में चार-चार परीक्षा केंद्र को आदर्श बनाने की स्वीकृति मिली। प्रति केंद्र 25 हजार के हिसाब से 1 लाख रुपए मंजूर किए गए। यहां महिला परीक्षार्थी ही रहेंगी।

 

मैट्रिक परीक्षा की एक कॉपी जांचने के लिए मिलेंगे Rs.14

मैट्रिक-इंटर परीक्षा की कॉपियों की जांच के लिए शिक्षकों की पारिश्रमिक दर को भी गवर्निंग बॉडी ने मान्यता दे दी है। इस वर्ष सभी विषयों में 50% वस्तुनिष्ठ प्रश्न ओएमआर आधारित होने के कारण कॉपियों की जांच के लिए सह परीक्षकों के लिए प्रति उत्तरपुस्तिका पारिश्रमिक में संशोधन किया गया है। इंटर में 25 अंक तक की कॉपी के मूल्यांकन को 12 रुपए जबकि 50 अंक तक की कॉपी पर 15 रुपए प्रति कॉपी दिए जाएंगे। मैट्रिक परीक्षा की कॉपियों की जांच के लिए शिक्षकों को प्रति उत्तरपुस्तिका 14 रुपए का भुगतान बिहार बोर्ड करेगा।

 

Input : Dainik Bhaskar

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