लालू को जज का करारा जवाब, लालू ने दिखाई अपनी वकालत की धौंस तो जज बोले एक डिग्री जेल में भी लेलो
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रिपब्लिक टीवी के पास रांची में गुरुवार को हुई सीबीआई की विशेष अदालत में हुई घटनाओं के बारे में विशेष जानकारी हासिल लगी है. बता दें, रांची की सीबीआई अदालत ने गुरुवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की सुनवाई को एक और दिन टाल दिया है. अब सजा की सुनवाई शुक्रवार को होगी. लालू  प्रसाद यादव को चारा घोटाले में कोर्ट ने दोषी करार दिया है.

इस बीच कोर्ट में लालू प्रसाद यादव और कोर्ट के जज के बीच क्या बातचीत हुई, आपको बताते हैं. 

लालू: क्या हम कल भी आएंगे ?

जज:  आप मुझे बताए आपको कोई परेशानी है ?

लालू:  अगर मेरी पार्टी में कोई बेलगाम है, तो मैं उसे पार्टी से निकाल दूंगा. मैं आपकी आज्ञा का पालन करूंगा. (इस बीच लालू ने जज से कहा कि आप मेरे उपर फैसला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नहीं बल्कि मेरी मौजूदगी में करें)

जज: जगदीश शर्मा, सतर्कता और रिटायर्ड डी.पी ओझा जिम्मेदार हैं

लालू: जिन लोगों को आपने अवमानना के लिए ऑर्डर दिया है.. उन लोगों ने कुछ नहीं कहा है.. उन्होंने कहा है कि वे कानून का पालन करेंगे..

जज: उन्होंने जाति रेखाओं पर मेरे फैसले की आलोचना की है..

लालू: ये राजनीतिक भाषा होती है.. आपके लिए कुछ नहीं बोला है.. जाति से कोई फर्क नहीं पड़ता.. अब अंतर जाति विवाह होती है.. (लालू ने अवमानना ​​के आरोप को वापस लेने का अनुरोध किया)

जज: उन लोगों को 23 जनवरी को पेश होना है..

लालू: मैं सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में वकील हूं..

जज: अब आप कुछ डिग्री जेल के भीतर भी लीजिए..

लालू: जेल के अंदर काफी ठंड है.. आप शांति से सोचिए..

जज: मैं अपने अनुसार काम करता हूं..

बता दें, कोर्ट ने  23 दिसंबर को 22 आरोपियों में से 16 आरोपियों को दोषी करार देते हुए, उन्हें बिरसामुंडा जेल भेजने के निर्देश दिए थे. लालू प्रसाद यादव ने जेल जाने से पहले विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा था, ”मुझे राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है. मैं इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट जाऊंगा.”

क्या है पूरा मामला ?

बता दें, साल 1991 से लेकर 1994 के बीच देवघर कोषागार से पशु चारे के नाम पर अवैध तरीके से 89 लाख 27 हजार रुपये निकाले गए थे. जिस वक्त यह घोटला हुआ था, उस वक्त प्रदेश के मुख्यमंत्री लालू थे. हालांकि पूरे घोटाले की रकम लगभग 950 करोड़ है. कुल मिलाकर इस केस में 34 अभियुक्त थे, जिनमें से 11 की मौत मुकदमे के दौरन हो गई थी और एक अपना जुर्म कबूल करके सीबीआई का गवाह बन गया था.

कितने साल की होगी सजा ?

लालू यादव के वकील चितरंजन प्रसाद का कहना है कि चारा घोटाले मामले में अगर लालू और अन्य को दोषी ठहराया जाता है तो उन्हें ज्यादा से ज्यादा सात साल और कम से कम एक साल की कैद की सजा होगी. हालांकि, सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में गबन की धारा 409 के तहत 10 साल की सजा हो सकती है.

Source : Republic  World

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