मकान मरम्मत व फसलों के लिए मिलेगी राशि
Spread the love

 

सूबे के 18 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। सभी जगह राहत व बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। बाढ़ में काफी संख्या में गरीबों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। उन्हें इनकी मरम्मत के लिए छह हजार रुपये दिए जाएंगे। पानी में फसलों की भी बर्बादी हुई है। इसके लिए उन्हें प्रति हेक्टेयर 6800 रुपये मिलेंगे, ताकि वे फिर से बुआई व नई फसलों को तैयार कर सके।

ये जानकारी नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने दीं। वे शनिवार को अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। मंत्री ने कहा कि पानी खत्म होते ही सर्वे का कार्य शुरू होगा। आरटीजीएस के माध्यम से पीड़ितों के खातों में राशि भेजी जाएगी।

..तो अधिकारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई

बताया कि राहत शिविरों में पीड़ितों को दोनों समय भोजन मिल रहा है। यह व्यवस्था तबतक रहेगी, जबतक पानी कम नहीं हो जाता। शिविरों में पॉलिथीन या प्लास्टिक की जगह पत्तल का उपयोग किया जाएगा। शिविर में भोजन नहीं मिलने की शिकायत मिलने पर वहां के अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। पानी कम होने पर जब पीड़ित घर लौटेंगे तो उन्हें दस किलो राशन दिया जाएगा। जिले के वैसे इलाके, जहां पीने का पानी नहीं पहुंच सका है, वहां के लिए 25 हजार पाउच मंगाए जा रहे हैं।

 

टूटी सड़कों की होगी मरम्मत

 

बाढ़ में करीब आठ हजार से अधिक सड़कें टूट गई हैं। इसके अलावा एनएचएआइ व पीडब्ल्यूडी की भी कई सड़कें बर्बाद हो गई हैं। पुल-पुलिया को भी काफी नुकसान पहुंचा है। पानी घटते ही सभी की मरम्मत होगी। उन्होंने बताया कि उत्तर बिहार में सबसे ज्यादा सीतामढ़ी व मोतिहारी बाढ़ से प्रभावित हैं।

 

ये हो रही व्यवस्था

 

– सरकारी नावों पर लिखा जाएगा निश्शुल्क

– दो सौ बोरी ब्लीचिंग पाउडर व चार सौ बोरा चूना

– शहरी क्षेत्र के जलजमाव व बाढ़ वाले इलाकों में डीडीटी का छिड़काव

– पर्याप्त मात्रा में मंगाया जा रहा हैलोजन टेबलेट

– आपातकाल में दो टाइम भोजन के अलावा अतिरिक्त मिलेगा चूड़ा-गुड़

– बच्चों को दिया जाएगा बिस्कुट।

 

 

ये की गई व्यवस्था

 

– नगर निगम क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित वार्डो 12, 13, 14, 15, 16, 17, 45, 46, 47, 48 व दस के कुछ इलाकों में राहत कैंप

– पंडाल व पॉलीथीन की व्यवस्था

– दोनों टाइम भोजन की व्यवस्था

– सिकंदरपुर व अखाड़ाघाट इलाके में पानी निकासी को पांच पंप

– टैंकर से पीने के पानी की व्यवस्था

– प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ की टीम की तैनाती

– नाव की कमियों को दूर करने के लिए मंगाया जा रहा दूसरे जिलों से

– नौ स्वास्थ्य कैंप में पीड़ितों का किया जा रहा इलाज

– सिवान से मंगाया गया चलंत शौचालय

– शिविरों में जेनरेट व लाइट की व्यवस्था।

 

Source

Total 0 Votes
0

Tell us how can we improve this post?

+ = Verify Human or Spambot ?

News Reporter