हाई प्रोफाइल नवरुणा हत्‍याकांड में CBI की पहली बड़ी कार्रवाई, वार्ड पार्षद गिरफ्तार

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CBI, Navruna case, Supreme court, Ward Parshad

 

CBI, Navruna case, Supreme court, Ward Parshad

सूबे के अबतक के अनसुलझे मामलों में से एक मुजफ्फरपुर के नवरुणा कांड में सीबीआई ने पहली बार बड़ी कार्रवाई की है. आज सोमवार को सीबीआई ने इस मामले में जिले के वार्ड 23 के पार्षद राकेश कुमार सिन्हा उर्फ पप्पू को गिरफ्तार कर लिया है. वार्ड पार्षद की गिरफ्तारी मुजफ्फरपुर में ही उनके घर के पास से की गई जिसके बाद टीम उन्हें पटना लेकर आई.

मिल रही जानकारी के अनुसार पटना लाने के बाद सीबीआई ने उन्हें अज्ञात स्थान पर रखा है जहां पूछताछ जारी है. इस रहस्यमय अपहरण व हत्याकांड में उक्त पार्षद के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिलने की बात बताई जा रही है. मंगलवार को उन्हें विशेष सीबीआई कोर्ट में पेश किया जा सकता है. इस मामले में सीबीआई की यह पहली गिरफ्तारी है.

पार्षद का है आपराधिक इतिहास

गौरतलब है कि इस मामले के तार अब एक पूर्व विधायक से भी जुड़े हैं जिनके गिरफ्तार वार्ड पार्षद को करीबी बताया जाता है. जांच एजेंसी ने बीते मंगलवार को ही मुजफ्फरपुर एसएसपी विवेक कुमार को पत्र लिख दोनों के आपराधिक इतिहास की जानकारी मांगी थी. पता चला था कि वार्ड पार्षद रेल डकैती सहित कई गंभीर कांड में चार्जशीटेड है.

पार्षद राकेश कुमार सिन्हा के खिलाफ नगर थाने में डोजियर भी उपलब्ध है. 28 साल पूर्व उन पर रेल व नगर थाने में डकैती का मामला दर्ज हुआ था. नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति के सदस्य भी है. वहीं पूर्व विधायक के खिलाफ भी कई राजनीतिक मुकदमे दर्ज हैं. उनके भाई भी जमीन की खरीद बिक्री का काम करते रहे हैं. नवरूणा के परिजन बार-बार प्रोपर्टी डीलिंग के कारोबार में ही उसके अपहरण की बात बता चुके हैं.

क्या है नवरुणा मामला

वर्ष 2012 की 17-18 सितंबर की रात नगर थाना के जवाहरलाल रोड स्थित आवास से नाबालिग नवरुणा का अपहरण कर लिया गया. बाद में ढ़ाई माह बाद उसके घर के नाला से कंकाल बरामद हुआ. डीएनए टेस्ट से यह कंकाल नवरुणाा का निकला. शुरू में इस मामले की जांच पुलिस फिर बाद में सीआइडी ने की. दोनों जांच में नतीजा कुछ नहीं निकला. बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई को जांच सौंपी गई. सीबीआई फरवरी 2014 से इस मामले की जांच कर रही है.

 

Source : Live Cities