रेलवे बोर्ड बंपर वैकेंसी: बिहार के छात्रों के आंदोलन के बाद जानिए क्या हुए बदलाव
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रेलवे भर्ती नियंत्रण बोर्ड ने बंपर वैकेंसी निकाली, जिसमें उम्र सीमा को लेकर बिहार में परीक्षार्थियों के हंगामा प्रदर्शन के बाद रेल मंत्री ने परीक्षाओं के लिए आवेदन करने हेतु आयु सीमा में बदलाव कर अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है।

आयु सीमा को लेकर बिहार में छात्रों ने प्रदर्शन किया था जिसके बाद ये बदलाव किए गए हैं। इसपर केंद्रीय कानून मंत्री और बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने बोर्ड को इसके लिए धन्यवाद दिया है। सुशील मोदी ने कहा कि बिहार के अभ्यर्थियों की मांग को रेलवे बोर्ड ने मान लिया है इससे सभी अभ्यर्थियों को फायदा होगा।

इस बदलाव के साथ ही भारतीय रेलवे ने यह भी घोषणा की है कि भर्ती परीक्षाएं जल्द ही क्षेत्रीय भाषाओं मलयालम, तमिल, कन्नड़, ओड़िया, तेलुगु और बांग्ला में भी होंगी, इससे क्षेत्रीय भाषा के अभ्यर्थियों के लिए भी ये काम की खबर है।

बोर्ड की तरह से आयु सीमा को लेकर किए गए बदलाव के बाद लोको पायलट्स और असिस्टेंट लोको पायलट्स के लिए सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा 30 साल कर दी गई है जो पहले 28 साल थी। इसी तरह से ओबीसी के लिए 31 से बढ़ाकर 33 और एससी/एसटी के लिए अधिकतम आयु सीमा 33 साल से बढ़ाकर 35 साल कर दी गई है।

 

 

इसी तरह से ग्रुप डी की परीक्षाओं में सामान्य वर्ग के लिए अधिकतम आयु सीमा को 28 साल से बढ़ाकर 30 साल कर दिया गया है। ओबीसी की अधिकतम आयु सीमा को 34 सालों से बढ़ाकर 36 साल कर दिया गया है और एससी/एसटी के लिए अधिकतम आयु सीमा को 36 साल से बढ़ाकर 38 साल कर दिया गया है।

उम्र सीमा में किए गए बदलाव के बाद भी बिहार में विवाद थमा नहीं है। अब छात्र परीक्षा से आइटीआइ की बाध्यता खत्म करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। A

Input : Dainik Jagran

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