गज़ब : ट्रैक पर नहीं, ट्विटर पर दौड़ती है भ्रारतीय रेल
Spread the love

भारतीय रेल की लेटलतीफी के पीछे भले ही खराब ट्रैक व अन्य कारण गिनाये जाते हों, लेकिन इन दिनों कई ट्रेनें ट्रैक की बजाय ट्विटर पर दौड़ रही है. भले ही यह सुनने में कुछ अटपटा लगे, रविवार की देर रात सियालदह से मुजफ्फरपुर पहुंची फास्ट पैसेंजर के साथ कुछ ऐसा ही हुआ. क्यूल तक दो घंटे विलंब से चल रही यह ट्रेन रेलमंत्री को ट्विटर पर शिकायत किये जाने के बाद मुजफ्फरपुर पहुंचने पर केवल एक घंटा विलंब थी. छोटे-बड़े स्टेशनों पर रुकते हुए ट्रेन ने एक घंटा कवर भी कर लिया.

Twitter, Passenger, Bihar, Train

सियालदह से मुजफ्फरपुर के लिए रविवार को चली सियालदह फास्ट पैसेंजर ट्रेन (53131) रात को करीब सात बजे क्यूल स्टेशन से पहले सुनसान जगह पर रुकी तो यात्रियों को डर से पसीना छूटने लगा.

सुबह 5.50 बजे से सियालदह से मुजफ्फरपुर के लिए चली ट्रेन वर्द्दमान तक सही चली. क्यूल से पहले रुकी, तब तक दो घंटा देर से चल रही थी. इससे यात्री भी परेशान हो चुके थे. इसी बीच ट्रेन में यात्रा कर रहे मुजफ्फरपुर के दामूचौक निवासी देववर्द्धन उर्फ मणिपुष्प ने रेलमंत्री को ट्वीट करके ट्रेन के लगातार लेट होने की शिकायत की. ट्रेन खड़ी थी, तभी उधर से जवाब भी आ गया.

यात्री का टिकट नंबर सहित डिटेल मांगा गया, तो देववर्द्धन ने टिकट की फोटो के साथ अपना डिटेल भी पोस्ट कर दिया. तब तक ट्रेन में सवार रेलवेकर्मी उसे खोजने भी लगे थे. इस दौरान ट्रेन क्यूल स्टेशन को भी पार कर चुकी थी. यही नहीं, जो ट्रेन अक्सर क्यूल स्टेशन पर आधा घंटा से एक घंटा तक बिना वजह रुकी रहती थी, वह शिकायत के बाद निर्धारित समय तक ही रुकी. इसके बाद चली तो रफ्तार किसी एक्सप्रेस ट्रेन से कम नहीं थी. स्थिति यह रही कि क्यूल से मुजफ्फरपुर के बीच सभी छोटे-बड़े स्टेशन व हाॅल्ट पर रुकते हुए ट्रेन ने एक घंटे का समय कवर किया और रात करीब एक बजे मुजफ्फरपुर पहुंच गयी.

Input  : Prabhat Khabar

Divesh Kumar

Total 0 Votes
0

Tell us how can we improve this post?

+ = Verify Human or Spambot ?

News Reporter