ऐसी है बिहार में दहेज लेने-देन की लिस्ट…
Spread the love

 

दैनिक भास्कर ने बिहार में दहेज के रेट जानने के लिए पड़ताल की। इसके लिए हमारी टीम ने कई लोगों से संपर्क किया। इनमें वैसे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने हाल ही में अपनी बेटी की शादी की है या वर की तलाश में हैं। इनसे बातचीत के दौरान दहेज के रेट की ये तस्वीर सामने आई।

– इसके अनुसार सबसे ज्यादा रेट आईएएस और आईपीएस दूल्हों के हैं।
– जाति के हिसाब से आईएएस/आईपीएस दूल्हों के रेट में अंतर आ सकता है। जैसे ब्राह्मण-राजपूत जाति के दूल्हों के लिए 60 लाख रुपयों की बोली लगाई जाती है तो भूमिहार या कुर्मी जाति के आईएएस/आइपीएस दूल्हे के रेट 80 लाख से डेढ़ करोड़ रुपए तक पहुंच जाते हैं।
– क्लास फोर्थ यानी प्यून की नौकरी कर रहे दूल्हे तीन से पांच लाख रुपए तक कैश मांगते हैं। साथ ही बाइक की मांग अलग से होती है।
– महंगाई के साथ ही दहेज का रेट भी बढ़ रहा है। पिछले साल की तुलना में करीब 25 फीसदी का उछाल आया है।

 

कार्ड देखते ही पूछते हैं, क्या लिया-क्या दिया?

– आप किसी के घर शादी का कार्ड लेकर जाएंगे तो लोगों का पहला सवाल होता है- बेटे की शादी में कितना और क्या-क्या लिया? ऐसे ही सवाल लड़की पक्ष से भी होते हैं।
– लोगों ने दहेज लेने के अपने-अपने तरीके इजाद कर रखे हैं। कुछ लोग कैश की जगह लड़की पक्ष से जमीन और जेवर में भी डील करते हैं।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट

– समाजशास्त्री डीएम दिवाकर कहते हैं कि बिहार में दहेज और बाल विवाह जैसी कुरीतियों की जड़ यहां के सामंती मिजाज में हैं।
– बिहार दहेज के खिलाफ कानून बनाने वाला आजाद भारत में पहला राज्य था। 1950 में ही राज्य ने दहेज विरोध कानून लागू किया।

– 1961 में संसद द्वारा पारित दहेज कानून के 11 साल पहले यह कानून आया।

– 2015 में बिहार में दहेज हत्या के 1154 मामले दर्ज हुए थे। देश में कुल दहेज हत्या के मामलों में 15% अकेले बिहार में दर्ज हुए।

(नोट : ये बिहार राज्य की एक सामान्य तस्वीर है। हालांकि वहां ऐसे भी कई युवा सामने आ रहे हैं जो दहेज का विरोध करते हैं।)

Report by : Dainik Bhaskar

यह भी पढ़ें -» बिहार की इस बेटी ने मॉस्को में लहराया तिरंगा, बनीं ‘राइजनिंग स्टार’

Total 8 Votes
1

Tell us how can we improve this post?

+ = Verify Human or Spambot ?

News Reporter