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सदर अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में बेड पर कुत्तों के बैठने की दैनिक भास्कर में 5 दिसंबर के अंक में प्रकाशित तस्वीर का बड़ा असर दिखा। मंगलवार सुबह 11 बजे डीएम धर्मेंद्र सिंह अस्पताल पहुंचे और सर्जिकल वार्ड सहित अन्य का निरीक्षण किया। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने सिविल सर्जन से मामले की रिपोर्ट मांगी है। डीएम ने अस्पताल उपाधीक्षक से सर्जिकल वार्ड में रात में आवारा कुत्तों के बेड परबैठने की जानकारी ली। सर्जिकल वार्ड में रात में कुत्तों के घुसने से रोकने के लिए सर्जिकल वार्ड में ग्रिल लगाने का निर्देश भवन निर्माण विभाग के इंजीनियर को दिया। यही नहीं, जांच के दौरान कई स्तर पर गंभीर लापरवाही सामने आई। पुरुष ओपीडी में दो डॉक्टर की जगह एक ही उपस्थित मिले। गंदगी, मेन्यू के अनुसार खाना नहीं मिलने की शिकायत पर डीएम ने सख्त नाराजगी जताई और डीएस को तलब किया। शिशु वार्ड में एक भी मरीज के नहीं रहने पर डीएम ने व्यवस्था पर सवाल उठाया। शिशु वार्ड के रजिस्टर की जांच करने पर 1 दिसंबर को एक बच्चे के भर्ती होने की जानकारी दी गई। सिविल सर्जन डॉ. ललिता सिंह ने शिशु रोग विशेषज्ञ की कमी बताई। इस बीच अनुपस्थित क्लर्क के वेतन पर रोक लगा दी। सीएस, डीएस हेल्थ मैनेजर को डीएम ने जमकर फटकार लगाई।

मरीजों के बैठने की व्यवस्था नहीं होने पर फटकार 

दवा काउंटर पर डीएम ने रजिस्टर की जांच की और दवाओं की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों से भी बात की। उन्होंने दवा खरीदने का आदेश दिया। वहीं, बाह्य विभाग में मरीजों की लंबी कतार और उनके बैठने के लिए व्यवस्था नहीं होने पर डीएम ने नाराजगी जताई।

मामला बहुत ही गंभीर है। सिविल सर्जन से रिपोर्ट तलब की गई है। जो भी दोषी होगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -मंगलपांडेय, स्वास्थ्य मंत्री, बिहार

सदर अस्पताल में पशुओं की एंट्री नहीं होनी चाहिए। सिविल सर्जन, डीएस और हेल्थ मैनेजर की ओर से मॉनिटरिंग नहीं की जा रही है। यह गंभीर मामला है। सर्जिकल वार्ड के बाहर ग्रिल लगाने का निर्देश दिया गया है। उपाधीक्षक, हेल्थ मैनेजर वार्ड अटेंडेंट के विरुद्ध सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी। -धर्मेंद्रसिंह, डीएम, मुजफ्फरपुर

मरीज ने खोली पोल; कहा- पहले की बेडशीट ही पलटकर बिछा दी 

सर्जिक लवार्ड में रात में किसकी ड्यूटी रहती है…। सर, वार्ड अटेंडेंट की। …तो फिर कैसे जानवर घुसता है। रोकने की जवाबदेही किसकी है? आप को मालूम है डीएस की क्या जवाबदेही होती है?…सर, अस्पताल की व्यवस्था देखना। …तो यही व्यवस्था है। सदर अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में मंगलवार को औचक निरीक्षण के दौरान डीएम धर्मेंद्र सिंह ने डीएस (अस्पताल उपाधीक्षक) डॉ. एनके चौधरी से अगला सवाल बेडशीट को लेकर पूछा। डीएस का जवाब… सर रोज बदली जाती है। डीएम को मरीज ने बताया कि सोमवार की बेडशीट ही सुबह में पलट कर बिछाई गई है। डीएम की नाराजगी सिविल सर्जन को भी झेलनी पड़ी। डीएम ने बेडशीट के क्रय के संबंध में जानकारी ली। अस्पताल उपाधीक्षक से डीएम ने पूछा कि ओपीडी में कितने डॉक्टर की तैनाती रहती है। डीएस ने दो-दो डॉक्टर की तैनाती की जानकारी दी। ओपीडी के डॉक्टर से पूछताछ में खुलासा हुआ कि पुरुष ओपीडी में एक ही डॉक्टर है। डीएस ने बताया कि एक डॉक्टर अवकाश पर हैं। डीएम ने पूछा कि अवकाश पर हैं तो उनकी जगह किसकी तैनाती की गई। इसका डीएस के पास कोई जवाब नहीं था।

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मेन्यू के अनुसार खाना नहीं मिलने की शिकायत 

देखिए सर, मेन्यू के अनुसार खाना नहीं मिलता। हर्निया का ऑपरेशन कराए 60 साल के बंदरा के महेशपुर गांव के शत्रुघ्न साह ने सर्जिकल वार्ड में डीएम के सामने सीएस अस्पताल उपाधीक्षक की मौजूदगी में व्यवस्था की कलई खोल दिया। बुजुर्ग ने डीएम को मोबाइल की कॉल डिटेल दिखाते हुए कहा कि- देखिए रात में दो बार सिविल सर्जन को कॉल किए। कोई रेस्पॉन्स नहीं मिला। डीएम बोले- आपको क्या दिक्कत है? देखिए सुबह में चाय सेव देना है। ये कभी नहीं मिला। दो केला की जगह एक केला पाउडर वाला दूध मिलता है। सीएस से मुखातिब डीएम ने पूछा- कौन है इसके लिए जवाबदेह? सीएस- सर, हेल्थ मैनेजर को देखना है। बुलाइए हेल्थ मैनेजर को…।

Source : Dainik Bhaskar | Photo by Tushar Rai (Chief Photo Journalist Dainik Bhaskar)

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