नीतीश सरकार का गिफ्ट: 2860 पंचायतों में प्लस टू स्कूल खुलने का रास्‍ता साफ
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नये साल में सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्‍व में बिहार कैबिनेट की पहली बैठक संपन्‍न हुई। प्रदेश की 2860 पंचायतों में उच्च माध्यमिक (प्लस टू)  स्कूल स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप सभी पंचायतों में कम से कम एक उच्च माध्यमिक स्कूल की स्थापना की जानी हैं, परन्तु नियम के मुताबिक एक एकड़ जमीन ना होने की वजह से इन पंचायतों में स्कूल नहीं बन पा रहे थे।

अब सरकार ने एक एकड़ जमीन की बाध्यता को घटा दिया है। 75 डिसमिल या पौन एकड़ जमीन रहने पर भी पंचायतों में उच्च माध्यमिक स्कूल स्थापित किए जा सकेंगे। मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल ने शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने 2009-10 से केंद्र प्रायोजित योजना से बनाए जा रहे 81  मॉडल स्कूल के अधूरे भवनों के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए 186.67 करोड़ रुपये व्यय करने की अनुमति भी दी है।

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कैबिनेट के विशेष सचिव यूएन पांडेय ने बताया कि सभी पंचायतों में कम से कम एक उच्च माध्यमिक स्कूल की स्थापना की जानी है। साथ ही राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और अन्य योजना के मिडिल विद्यालयों को उच्च माध्यमिक विद्यालयों में उत्क्रमित किया जाना है वहां भी जमीन के यही मानक लागू होंगे।

एक एकड़ की बाध्यता की वजह से समस्या से आ रही थी और कई पंचायतों में घोषणा के अनुरूप उच्च माध्यमिक स्कूलों की स्थापना नहीं हो पा रही थी। सरकार द्वारा जमीन के मानक में बदलाव के बाद प्लस टू स्कूल विहीन 2860 पंचायतों में यह स्कूल खोले या उत्क्रमित किए जा सकेंगे।

 

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पांडेय ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2009-10 और इसके बाद 2010-11 में केंद्र प्रायोजित योजना के तहत प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मॉडल स्कूल की स्थापना का काम शुरू किया गया। इनमें से 81 भवन ऐसे हैं जिनका निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। अब सरकार ने इन स्कूलों के भवन निर्माण के कार्य को पूरा करने के लिए एक अरब छियासी करोड़ 67 लाख रुपये खर्च करने की अनुमति दी है।

मंत्रिमंडल ने पथ निर्माण विभाग की विभिन्न परियोजनाओं के सुचारु संचालन एवं इनके प्रबंधन के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट) के गठन के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है। परियोजना प्रबंधन इकाई में आवश्यकता के आधार पर विशेषज्ञों की सेवा ली जाएगी।

इकाई में प्रोफेशनल सपोर्ट सर्विस वित्त का एक पद, तकनीकी सपोर्ट अधिकारी का एक पद, थिमेटिक सपोर्ट के लिए दो पद, उप निदेशक का एक पद, सिस्टम एनालिस्ट का एक, प्रोग्राम एनालिस्ट के ग्यारह पद सहित कुल 21 पद होंगे।

Source : Dainik Jagran

 

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