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मुजफ्फरपुर के मुरौल प्रखंड का एक गांव है लौतन। यहां के युवा नई पीढ़ी को शिक्षा का अधिकार दिलाने के लिए प्रयासरत हैं। दिव्यांग अशोक कुमार के नेतृत्व में ‘बदलाव- एक कदम शिक्षा की ओर’ नाम से समूह में शामिल होकर ये ये युवा समाज के सभी बच्चों के सर्वांगीण विकास का लक्ष्य पूरा करने में लगे हैं। दिव्यांग अशोक कुमार बताते हैं कि पिछले आठ साल से ग्रामीण बच्चों में शिक्षा का अलख जगाने के लिए हमारा प्रयास जारी है। वर्ष 2009-10 में गांव के कुछ लड़के-लड़कियों ने हर बच्चे को शिक्षित करने के लिए ‘यूथ पावर’ नामक समूह बनाया। इस समूह के तहत युवक-युवतियां अपने अभियान में जुट गए। बच्चों के बीच विभिन्न प्रतियोगिता कराकर उन्हें प्रोत्साहित किया जाने लगा। धीरे-धीरे समूह के अधिकांश युवा नौकरी में चले गए तो किसी की शादी हो गई। इससे समूह की गतिविधियां कम हो गईं। यह देख जिम्मेवारी मैंने संभाल ली। अब इस समूह का नाम ‘बदलाव’ कर दिया गया है। बदलाव के रविन्द्र कुमार रवि बताते हैं कि हमलोग हर रविवार सुबह सात से 10 बजे तक जांच परीक्षा, क्विज, चित्रकला आदि का आयोजन कर बच्चों को प्रोत्साहित भी करते हैं।

Ashok Kumar, Muzaffarpur

Ashok Kumar

गांव के श्यामनंदन राय, लक्ष्मी राय, शत्रुघ्न राय, कमल पंडित, बिजली पंडित बताते हैं कि बदलाव से जुड़े युवा छह से 14 वर्ष तक की उम्र वाले बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान करते हैं। वे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी अच्छा योगदान दे रहे हैं।

‘बदलाव’ में ये हैं शामिल :
अशोक कुमार, रविन्द्र कुमार रवि, संजीव कुमार, रवि प्रकाश, रौशन कुमार, हरिओम कुमार, मुकेश ठाकुर, कन्हैया कुमार, जूली, रजनी, विश्वनाथ कुमार, संतोष कुमार, महावीर पंडित, गणेश पंडित, सुमित प्रकाश।

इन लोगों का मिलता है मार्गदर्शन :

रमेश पंकज (जेपी सेनानी), मनोज राय (प्रखंड प्रमुख), प्रह्लाद पंडित (बीईओ वैशाली), सच्चिदानंद सुमन (मुखिया), लक्ष्मी राय, सत्यनारायण सहनी, दीपक सत्यार्थी, डॉ. रंजीत कुमार, महावीर पंडित, बिजली पंडित, राजेश ठाकुर, श्यामनंदन राय आदि।

श्रोत : हिन्दुस्तान हिन्दी दैनिक

 

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