पोस्टमार्टम के लिए एेसे ले जा रहे थे शव, देखकर लोगों की झुक गईं आंखें
Spread the love

इंसान की मृत्यु के बाद उसका सम्मान के साथ दाह संस्कार कराने की परंपरा रही है। वहीं, सरकार ने लवारिश और गरीब लोगों के शव के सही तरीके से दाह संस्कार के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। एक ओर जहां कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत शवों के अंतिम संस्कार के लिए तीन हजार रुपये दिए जाते हैं।

वहीं, थाना पुलिस को भी कंटीजेंसी फंड से लवारिश शव का दाह संस्कार कराने के लिए पूर्व से दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं। लेकिन, शुक्रवार को सदर अस्पताल में इन सब प्रावधानों की कलई खुलती नजर आई। जिस तरीके से पशु की मृत्यु होने के बाद बांस में लटका कर शव को फेंकने के लिए ले जाया जाता है।

ठीक उसी प्रकार लखीसराय जिला के मेदनीचौकी अमरपुर हाइ स्कूल के समीप से बरामद किए गए लवारिश शव को बांस में प्लास्टिक के बोरे के सहारे टांग कर दो लोग अस्पताल पहुंचे थे। शव को इस हालत में ले जाता देखकर रास्ते में लोगो की आंखों झुक गईं। शव लेकर पहुंचे लोगों ने कहा कि नदी से पुलिस ने लवारिश शव को बरामद किया।

पोस्टमार्टम कराने के लिए हमलोगों को सदर अस्पताल मुंगेर भेजा गया है। खैर, शव को लेकर आए लोगों को न तो कानूनी प्रावधान की जानकारी थी और न ही शवों के सम्मान की। शव के साथ आए लोगों ने कहा कि पुलिस बाबू (पुलिस अधिकारी) बोले शव को मुंगेर अस्पताल पहुंचा दो, तो हम चले आएं।

हालांकि, शव को बांस के सहारे टांग कर लाए जाने की बात पर एसपी आशीष भारती ने कड़ी नाराजगी जताई। एसपी ने कहा कि थानेदार को कंटीजेंसी फंड से लावरिश शवों का दाह संस्कार कराना है। अगर, किसी ने शव को अस्पताल तक पहुंचाने में अमानवीय तरीका अपनाया है, तो मामले की जांच होगी। जांच के बाद कार्रवाई भी की जाएगी।

Input : Dainik Jagran

Total 0 Votes
0

Tell us how can we improve this post?

+ = Verify Human or Spambot ?

News Reporter