मुज़फ़्फ़रपुर जिले के 234 अनुबंध रदद् ग्रामीण आवास सहायकों को पुनः योगदान करने के लिए लोक चेतना दल उन कर्मियों के साथ खड़े हुए हैं। दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता शकिन्द्र कुमार यादव ने मुख्यमंत्री सहित ग्रामीण विकास विभाग के सचिव एवं संयुक्त सचिव पटना को अनुबंध रदद् ग्रामीण आवास सहायकों को पुनः नियोजन करने हेतु लिखा है।

उन्होंने लिखा कि जिले के 234 ग्रामीण आवास सहायकों का अनुबंध समाप्त आपके द्वारा मानदेय वृद्धि एवं अन्य मॉगों को लेकर सात दिनों से अधिक हड़ताल / अनाधिकृत अनुपस्थिति रहने के कारण अनुबंध रद्द किया गया है। कर्मियों ने अपने मौलिक अधिकार के तहत अपनी मांग मनवाने के लिए हड़ताल/प्रदर्शन आदि किया है परंतु अनुबंध शर्तो की अनदेखी की है, लेकिन उनकी मंशा कार्य बाधित/शर्तों का उल्लंघन कतई नहीं था। ग्रामीण आवास कर्मियों ने सिर्फ अपने मौलिक अधिकार प्राप्त करने के उद्देश्य से ही मात्र हड़ताल किया है।

विदित हो कि अनुबंध रद्द करने का आधार उनकी मांगों को लेकर हड़ताल / अनाधिकृत अनुपस्थिति का उल्लेख है तथा इसमें काफी संख्या में कर्मी सम्मिलत है। ऐसी परिस्थिति में सख्त चेतावनी देकर, भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न होने का शपथ आदि अन्य विधिवत स्पष्टीकरण के साथ एक बार पुनः योगदान कराया जाए।

ज्ञात हो कि ग्रामीण आवास सहायकों के हड़ताल, अनुबंध समाप्त होने के कारण से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को लाभ पहुंचाने के लक्ष्य में बेहद गिरावट आई है और जनता को उक्त योजना से लाभान्वित में काफी समय लग रहा है, जो कि जनहित में नहीं है। इतना ही नहीं कार्य प्रगति के मामले में भी 20वां स्थान से 37 वें स्थान पर पहुंच गया है जो कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।