दूध दुहने के बाद गाय को खुला छोड़ने वाले खटाल संचालकों पर नगर निगम ने कार्रवाई की तैयारी की है। बुधवार को नगर आयुक्त व जिला पशुपालन अधिकारी ने संयुक्त रूप से आदेश जारी कर आवारा पशुओं पर कार्रवाई को लेकर निर्देश दिया। गुरुवार से पशुपालन व निगम की टीम खटालों में पहुंचकर ईयर टैगिंग करेगी। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद शहर में आवारा पशु मिलने पर खटाल संचालकों पर कार्रवाई हाेगी।
नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय का कहना है, आवारा पशु शहर की बड़ी समस्या हैं। इनकी वजह से अक्सर पैदल, साइकिल व बाइक सवार चोटिल होते हैं। ट्रैफिक के लिए भी यह एक समस्या हैं। जहां कूड़े का ढेर रहता है, वहां आवारा पशु पहुंचकर कूड़े को तितर-बितर करते हैं।
इससे लोगों के साथ निगम कर्मी परेशान हाेते हैं। जिला पशुपालन अधिकारी से वार्ता के बाद संयुक्त आदेश जारी किया गया है। 15 जनवरी तक का प्रारंभिक लक्ष्य दिया गया है। खटाल संचालकाें की भी जवाबदेही है कि वह पशुपालन विभाग व निगम से संपर्क कर ईयर टैगिंग करा लें। बिना ईयर टैगिंग वाले पशु रोड पर पकड़े जाएंगे ताे पशु क्रूरता अधिनियम के उल्लंघन को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। खटाल संचालक व्यवसाय चलाते हैं।
दूध दुहने के बाद रोड पर कूड़ा कचरा खाने के लिए छोड़ देते हैं। यह हरकत बर्दाश्त नहीं की जा सकती। अभियान की मॉनिटरिंग के लिए अपर नगर आयुक्त विशाल आनंद व उप नगर आयुक्त राकेश कुमार को मॉनिटरिंग की जवाबदेही दी गई है। वहीं, सिटी मैनेजर ओम प्रकाश व पशुपालन विभाग के डॉ. वशिष्ठ नाथ राय को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
Source : Dainik Bhaskar