अवैध खनन (illegal mining) रोकने के लिए बिहार सरकार (Bihar Government) अपने कानून में बड़ा बदलाव करने (Law amendment) जा रही है. बालू माफिया पर शिकंजा कसने के लिए खान एवं भूतत्व विभाग (Mines & Geology Department) ने यह निर्णय किया है कि अवैध खनन में शामिल गाड़ियों को खान एवं भूतत्व विभाग जब्त कर कड़ी कार्रवाई करेगा. विभाग की प्रधान सचिव हरजोत कौर ने इस मामले की जानकारी दी. हरजोत कौर के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने भी बार-बार यह कहा है कि अवैध खनन या अवैध वसूली में लिप्त लोगों पर कड़ी करवाई की जाए. इसे देखते हुए सरकार ने यह निर्णय किया है कि अवैध खनन में शामिल गाड़ियों को खान एवं भूतत्व विभाग जब्त कर उन पर कड़ी कार्रवाई करे.

पहले गाड़ियां जब्त करने की व्यवस्था नहीं थी

पहले खनन विभाग के द्वरा अवैध खुदाई या चोरी करने वालों की गाड़ियों को जब्त करने की व्यवस्था नहीं थी. पहले गाड़ियों को जब्त कर स्थानीय पुलिस को दी जाती थी और बड़ी ही आसानी से फाइन जमा कर बालू माफिया अपनी गाड़ी छुड़वा लिया करते थे. लेकिन अब बिहार में अवैध खनन रोकने के लिए और बालू माफिया पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने यह फैसला किया है कि अब खान एवं भूतत्व विभाग ही अवैध खनन में लिप्त गाड़ियों को जब्त करेगा और चोरी के मामले में उन्हें कड़ा दंड भी दिया जाएगा.

लक्ष्य से अधिक राजस्व आया

बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग ने दावा किया है कि COVID 19 ले दौर में भी राजस्व वसूली लक्ष्य से अधिक की गई. खनन विभाग की प्रधान सचिव हरजीत कौर ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में लक्ष्य 1600 करोड़ के मुकाबले 1678.79 करोड़ रुपये राजस्व की वसूली की गई. 104.92 फीसदी कुल वसूली की प्राप्ति हुई, जिसमें ईंट भट्ठा से 73.08 करोड़ रुपये और जुर्माने के तौर पर 54.64 करोड़ रुपये की वसूली हुई. सबसे अधिक बालू बंदोबस्ती से 668 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई. वही वर्किंग डिपार्टमेंट से 772.07 करोड़ रुपये और पत्थर और क्रशर से 79.39 करोड़ रुपये की वसूली की गई.

Input: News18

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