गोपालगंज ट्रिपल मर्डर का मामला हो या फिर यूप के हाथरस में हुए दलित युवती के साथ दुष्कर्म इन सभी मामलों पर आरजेडी सरकार पर हमलावर रही है. खुद तेजस्वी पिछले दिनों ही महागठबंधन में टिकट बंटवारे के दौरान नीतीश सरकार पर अपराध को रोकने में विफल करार देते हुए कहा था कि बिहार में प्रत्येक चार मिनट पर हत्या और 5वें मिनट रेप होता है. अगर मेरी सरकार बनी तो बिहार की यह तस्वीर बदलकर रख दूंगा.

लेकिन जब टिकट देने की बात आयी तो तेजस्वी अपने ही बयान की तिलांजलि दे दी. अपने पार्टी के दो बलात्कारियों की पत्नियों को उन्होंने उम्मीदवार बनाकर उन्हें पुरस्कृत करने का काम किया. जिसको लेकर सियासी गलियारे मे खूब चर्चा हो रही है.
दरअसल आरजेडी ने नवादा से राजवल्लभ यादव की पत्नी विभा देवी को अपना प्रत्याशी बनाया है. राजबल्लभ यादव नवादा से पार्टी के विधायक थे और नाबालिग से दुष्कर्म मामले में कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा दी है. 2016 में नाबालिग से रेप के मामले में विधायक रहे राजबल्लभ यादव को कोर्ट ने 2018 में उम्रकैद की सजा सुनाई थी. तब से वो जेल में बंद है. सजा मिलने के बाद बलात्कारी राजबल्लभ की सदस्यता रद्द कर दी गई है.

दूसरी टिकट आरजेडी ने भोजपुर के संदेश से सीटिंग विधायक अरुण यादव की पत्नी को दिया है. अरूण यादव रेप के आरोप में फरार है. आरजेडी ने भले ही नाबालिग से रेप के आरोपी अरूण यादव को टिकट नहीं दिया हो लेकिन उनकी पत्नी किरण देवी को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है. विधायक अरुण कुमार यादव नाबालिग से रेप केस में करीब एक साल से फरार है लेकिन अबतक पुलिस पकड़ने में विफल रही.
इन बलात्कारियों की पत्नी को टिकट देने से राजद का बलात्कारियों से मोहब्बत की पोल एक बार फिर से खुल गई है. टिकट बंटवारे में उपरी तौर पर भले ही दागियों को उम्मीदवार नहीं बनाने का निर्णय लिया गया हो लेकिन रेपिस्ट और बलात्कार के आरोपी की पत्नी को विधानसभा का टिकट देकर ऐसे लोगों को पुरस्कृत किया जा रहा है.
Source : Live Cities





