एयरपोर्ट से उड़ान में देरी होने पर यात्रियों को दी जानेवाली सुविधाओं में से अधिकांश का लाभ लेने से दरभंगा एयरपोर्ट के यात्री वंचित है। बावजूद इसके कि एयरपोर्ट पर यात्री सुविधाओं के लिए यात्री परेशान है। जानकार बताते हैं कि यदि यात्री विमान के उड़ने में सेवा प्रदाता कंपनी के कारण देरी होती है तो यात्रियों को होटल में रुकने की व्यवस्था सेवा प्रदाता कंपनी करती है। एयरलाइंस की गलती के चलते घरेलू उड़ान में देरी होती है तो यात्री को कई तरह के अधिकार दिए गए हैं। अगर उड़ान में देरी की वजह एयरलाइंस के नियंत्रण से बाहर है तो ये नियम लागू नहीं होंगे। इस नियम के तहत उड़ान से 24 घंटे पहले अगर एयरलाइंस उड़ान में चार घंटे से ज्यादा देरी की सूचना देती है तो यात्री को टिकट का पूरा पैसा वापस मिलेगा।
अगर देरी के चलते यात्री अगले दिन (आधी रात के बाद) उड़ान भरता है तो एयरलाइंस को यात्री को होटल में रहने की सुविधा फ्री में देनी पड़ेगी। फ्लाइट उड़ान भरने के लिए तैयार होने के बाद अगर एक घंटे तक उड़ान नहीं भरती है तो यात्रियों को मुफ्त स्नैक्स और कोल्ड ड्रिंक देनी होगी। अगर यह देरी दो घंटे हो जाए तो पैसेंजर्स को विमान से उतार देना होगा । नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अनुसार, निर्धारित समय से 24 घंटे से कम की देरी पर यात्री एयरपोर्ट पर भोजन और रिफ्रेशमेंट के हकदार हैं। यदि विलंब 24 घंटे से अधिक होता है तो आपके होटल में ठहरने की व्यवस्था एयरलाइन को करानी होगी। ऐसे मामले में होटल चुनने का हक़ पूरी तरह से एयरलाइन पर निर्भर होता है।
दरभंगा एयरपोर्ट पर मूलभूत सुविधाओं की कमी
दरभंगा एयरपोर्ट पर मूलभूत सुविधाओं की घोर कमी देखी जा रही है। बता दें कि दरभंगा से वर्तमान में दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरू के लिए स्पाइसजेट की विमान सेवा शुरू है। रोजाना अब तक एयरपोर्ट से लगभग 50 हजार से अधिक यात्रियों ने आवागमन किया है। इसके बाद भी एयरपोर्ट की मूलभूत सुविधा जैसे कैंटिग, फ्लाइट्स रद होने पर बैठने की यात्रियों के लिए बैठने की सुविधा, होटल की सुविधा समेत कई मूलभूत सुविधाओं के अभाव में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Input: Dainik Jagran





