ऐसी है बिहार की इस बेटी की संघर्ष भरी कहानी

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जिले के खुश्कीबाग रेलवे कॉलोनी की रहने वाली पुष्पा कुमारी ने दरोगा भर्ती की परीक्षा में सफलता पाई है। पुष्पा के पिता सुबोध मेहता पूर्णिया जंक्शन में स्वीपर हैं, जबकि मां गीता देवी हाउस वाइफ हैं। पुष्पा दो बहन और एक भाई में सबसे बड़ी है। पुष्पा ने बताया, घर की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि आगे की पढ़ाई कर सकूं। फिर भी हर कदम पर मेरे घरवालों ने मुझे सपोर्ट किया। यही वजह है कि आज दरोगा पद के लिए मेरा सिलेक्शन हुआ है।

बीपीएससी की तैयारी करती रहेंगी

पुष्पा ने बताया, मेरे पापा रेलवे में सफाईकर्मी हैं। सीमित सैलरी के बावजूद उन्होंने संघर्ष कर मुझे हमेशा आगे बढ़ने के लिए सपोर्ट किया। उनके इसी सपोर्ट और मनोबल के चलते आज मैं इस मुकाम पर हूं। पुष्पा का अगला टारगेट बीपीएससी है। वे इसकी तैयारी करती रहेंगी। मां गीता देवी कहती हैं, पुष्पा उनके लिए बेटे से कम नहीं है। लाडली ने उनका मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा, बेटी ने इस कामयाबी को हासिल करने के लिए काफी संघर्ष किया है। पिता सुबोध कहते हैं सरकार का नारा है, ‘बेटी बढ़ाओ, बेटी पढ़ाओ।’ मैंने भी कभी बेटा और बेटी में फर्क नहीं किया है। उन्होंने कहा, आगे वो बीपीएससी में सफलता हासिल कर हमें गौरान्वित करेगी।

ग्रेजुएशन के बाद जुट गई थी तैयारियों में

पुष्पा ने 2009 में मैट्रिकुलेशन, 2011 में इंटरमीडिएट और 2015 में नेशनल डिग्री कॉलेज, रामबाग से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद से ही तैयारियों में जुट गई। पूर्णिया जंक्शन के रेलकर्मी भी अपने सफाईकर्मी की बेटी की कामयाबी से बेहद खुश हैं। फिलहाल, पुष्पा के घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। स्टेशन अधीक्षक मुन्ना कुमार कहते हैं, सुबोध अपनी ड्यूटी के साथ-साथ बच्चों के प्रति भी काफी सजग हैं। बेटी की सफलता इसी का नतीजा है।

Input : Dainik Bhaskar

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