कोरोना वैक्सीन की कमी से जहां एक ओर लाेग टीकाकरण से वंचित रह जा रहे हैं, वहीं स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण बड़ी संख्या में वैक्सीन बर्बाद हो रही है। इसका खुलासा 6 जुलाई को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा देशभर के राज्यों की समीक्षा के दौरान हुआ। स्वास्थ्य मंत्रालय की समीक्षा में पाया गया है कि बिहार में 1 मई से 19 जून तक यानी सिर्फ 50 दिनों में वैक्सीन की 2 लाख 66 हजार 438 डोज स्वास्थ्य विभाग ने बर्बाद कर दी।

स्वास्थ्य मंत्रालय की समीक्षा के बाद राज्य स्वास्थ्य समिति ने जो आंकड़ा जारी किया है, उसके अनुसार कोविशील्ड वैक्सीन बर्बाद करने में मुजफ्फरपुर राज्य में पहले स्थान पर है। जबकि कोवैक्सीन बर्बाद करने में पटना पहले पायदान पर है। जबकि बांका जिले में कोविशील्ड सबसे कम संख्या में बर्बाद हुई है।

डीएम को पत्र लिख बर्बादी रोकने को कहा
वैक्सीन बर्बाद होने के बाद बिहार देशभर में वैक्सीन बर्बाद करने वाले राज्यों में दूसरे नंबर पर आ गया है। इसके बाद राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने सभी डीएम को पत्र लिखकर कहा है कि वैक्सीन की बर्बादी नहीं हो, इसके लिए अपने स्तर से मॉनीटरिंग करें।
Input: dainik bhaskar






