कोलकाता में जारी संग्राम पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा है कि चुनाव का दौर शुरू हों एवाला है इसलिए कुछ भी हो सकता है। उन्होंने मामले के राजनीतिकरण पर कहा सब को वोट की चिंता है, देश की चिंता किसी को नहीं। हालाँकि उन्हों एमामले पर कोई भी सीधी टिपण्णी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं शुरू से ही ऐसे मामलों पर कोई टिपण्णी नहीं करता हूँ।

उन्होंने कहा चुनाव से पहले ऐसे राजनितिक हथकंडे खूब देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि हम संविधान का अपालन करते हैं लेकिन जो लोग संवैधानिक नियमों का पालन नहीं करते उनसे जा कर सवाल पूछिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी जो देश में माहौल है उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि अगले एक महीने तक कुछ भी हो सकता है। हालांकि उन्होंने मामले पर सीधी टिपण्णी करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि आज सबको अपने वोट की चिंता है, देश की चिंता किसी को नहीं है। चुनाव की घोषणा होने तक यही सब चलेगा फिर जब जनता के हाथ में गेंद जायेगी तो सब ख़त्म हो जाएगा। इस तरह की चीजें तात्कालिक होती हैं।

ममता बनर्जी को गैर भाजपा साषित राज्यों के मुख्यमंत्रियों का समर्थन मिल रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चन्द्रबाबू नायडू ने ममता बनर्जी का समर्थन किया है। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी ज्ममता बनर्जी का असमर्थन किया है और केंद्र सरकार पर संविधान को ख़त्म करने का आरोप लगाया है। भाजपा के फायरब्रांड नेता और केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कोलकाता में जारी घटनाक्रम पर बड़ा बयां दिया है। उन्होंने कहा है कि बंगाल में राष्ट्रपति शासन जैस हालात हैं। उन्होंने ममता बनर्जी पर चोरी और सीनाजोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि संवैधानिक पद पर बैठा मुख्यमंत्री कानून को नहीं मान रहा और भ्रष्टाचार के आरोपी पुलिस अधिकारी को बचाने के लिए संवैधानिक व्यवस्था को तोड़ रही है।

Input-Live Bihar

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