गोपालगंज. बिहार के गोपालगंज (Gopalganj) जिले में वन्य जीवों की तस्करी (Wildlife Smuggling) के गोरखधंधे का पर्दाफाश हुआ है. कुचायकोट पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनसे कछुओं की बड़ी खेप को जब्त (Tortoise Smuggling) किया है. जब्त कछुओं की अनुमानित कीमत करोड़ों रुपए आंकी जा रही है. मिली जानकारी के मुताबिक इन कछुओं को लखनऊ से कोलकाता होते हुए भूटान (Bhutan) ले जाया जा रहा था. पुलिस गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ कर रही है.

पुलिस के मुताबिक इन कछुओं को लखनऊ से तस्करी कर कोलकाता ले जाया जा रहा था, जहां से इन्हें आगे भूटान भेज दिया जाना था

सदर एसडीपीओ नरेश कुमार पासवान ने बताया कि बैरिकेडिंग लगाकर उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहनों की तलाशी ली जा रही थी. इस दौरान एक ट्रक पर कई कार्टनों में 1946 कछुओं को छिपाकर ले जाया जा रहा था. उन्होंने बताया कि पुलिस ने तस्करी के लिए ले जाए जा रहे इन कछुओं में 231 मृत पाए गए हैं. मृत पाए गए सभी कछुओं को मिट्टी में दफन कर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है. साथ ही बाकी कछुओं को वन विभाग को सौंपा दिया जाएगा जो इन्हें गंडक नदी में छोड़ देगी.

पासवान के मुताबिक बरामद कछुओं की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत एक करोड़ रुपए से ज्यादा आंकी गई है. यह कछुए तस्करी कर लखनऊ से कोलकाता ले जाए जा रहे थे. जहां से बाद में इन्हें भूटान भेजा जाना था. पुलिस ने इस मामले में बंगाल के पश्चिम परगना के रहने वाले दो तस्करों को गिरफ्तार किया है. इनसे गहनता से पूछताछ की जा रही है. उन्होंने कहा कि इन कछुओं का इस्तेमाल सेक्सवर्धक दवाइयों में होना था.

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बता दें कि वन्य जीव की तस्करी से जुड़ा यह कोई पहला मामला नही है. इसके पहले भी गोपालगंज में दुर्लभ जीव-जंतुओं की तस्करी होती रही है.

Source : News18

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