लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने मंगलवार को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से एनआईटी की परीक्षा की तारीख बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि इस कोरोना काल में कई बच्चे परीक्ष केन्द्र तक जाने की स्थिति में नहीं हैं।
चिराग ने कहा है कि बिहार की प्रति व्यक्ति आमदनी देश में सबसे कम हैं। ऐसी स्थिति में राज्य के युवक परीक्षा केन्द्रों पर जाने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में हालात सुधरने तक परीक्षा टालने की जरूरत है।
छह फीट की दूरी पर दे पायेंगे जेईई परीक्षा
जेईई मेन की परीक्षा एक से छह सितंबर तक आयोजित की जानी है। परीक्षा को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने गाइडलाइन जारी की है। छात्रों को परीक्षा देते वक्त छह फीट की दूरी बनाकर रखनी होगी। परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले साबुन से हाथ धोने होंगे। छात्र को कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन सभी अभ्यर्थियों को करना होगा। परीक्षा केन्द्र पर आने वाले सभी लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग होगी।
जिन अभ्यर्थियों का तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस या 98.4 फारेनहाइट से कम होगा, उन्ही को परीक्षा केंद्र में जाने की अनुमति होगी। जिनका बुखार या तापमान अधिक होगा उनके लिए एक अलग कमरे का इंतजाम किया गया है। हर अभ्यर्थी को इस बात का सेल्फ डिक्लरेशन देना होगा कि वो कोरोना पॉजिटिव नहीं है और न ही किसी कोरोना मरीज के संपर्क में आये हैं।
अपने लिए घर से पारदर्शी बोतल में पानी लाना होगा। इस बार परीक्षा केंद्रों में अभ्यर्थियों के लिए पानी की व्यवस्था नहीं होगी। परीक्षा केंद्र में नया थ्री प्लाई फेस मास्क व ग्लब्स दिये जाएंगे। जिनको पहनकर परीक्षा देनी होगी। एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र के मैप का हाईपर लिंक दिया होगा ताकि आसानी से अभ्यर्थी परीक्षा सेंटर पहुंच सकें। परीक्षा हॉल में सभी अभ्यर्थियों, शिक्षकों और स्टाफ को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा।
Input : Live Hindustan






