भले ही राजग में अभी तक सीटों को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ हो पर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने अपनी सीटें और प्रत्याशी तय कर लिए हैं। इन्होंने अपनी सीटों पर मतदाताओं तक पहुंचना भी शुरू कर दिया है।
हम मोर्चा सूत्रों की माने तो मांझी नौ सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। इनमें मांझी की पारंपरिक सीट इमामगंज के अलावा मखदुमपुर, टेकारी, आरा, बाराचट्टी, वाययी, मोहनिया, और केसरिया हैं। इन सीटों पर मांझी की पार्टी ने प्रत्याशी भी तय कर दिए हैं। इमामगंज से खुद मांझी मैदान में होंगे। जबकि मखदुमपुर से देवेंद्र मांझी, टेकारी से पूर्व मंत्री अनिल सिंह, आरा से दानिश रिजवान, बाराचट्टी से ज्योति देवी, मोहनिया से साधना देवी और केसरिया से ज्योति सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। इन नेताओं ने क्षेत्र में चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया है। बता दें कि महागठबंधन से अलग होकर जदयू में शामिल होते वक्त मांझी ने साफ किया था कि वे बिना शर्त जदयू के साथ रिश्ते बना रहे हैं। परन्तु वादे से इतर उन्होंने बगैर एनडीए में सीटों का फैसला हुए अपनी सीटें और उम्मीदवार तय करते हुए उन्हें प्रचार में भी लगा दिया है।
पार्टी कार्यकर्ता ने उनकी सीट पर ठोका दावा
उधर, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) की पारंपरिक सीट पर उनके ही पार्टी के कार्यकर्ता (Party worker) ने दावेदारी ठोकी है। प्रत्याशी ने पार्टी को अपना बायोडाटा (Bio data) भी सौंपा है और साफ शब्दों में कह दिया है कि जीतन राम मांझी की उम्र चुनाव लडऩे लायक नहीं रह गई है।
बिजेंद्र पासवान हम मोर्चा के पुराने कार्यकर्ता हैं। राजनीति में 74 के आंदोलन से ही सक्रिय हैं, परन्तु अब तक किसी चुनाव मैदान में किस्मत आजमाने का मौका नहीं पा सके। मोर्चा के इस सिपाही ने दो दिन पहले हम के पार्टी कार्यालय पहुंच प्रदेश प्रभारी को अपना बायोडाटा दिया और चुनाव लडऩे की इच्छा जाहिर की। कार्यालय प्रभारी ने उनका बायोडाटा ले लिया। बायोडाटा में दर्ज था कि वे इमामगंज या फिर मखदुमपुर से चुनाव लडऩा चाहते हैं पार्टी उन्हें सिंबल प्रदान करे।
कार्यकर्ता ने अपने बायोडाटा पर गंभीरता से विचार का भी आग्रह किया
बात कार्यालय प्रभारी से निकल कर प्रदेश अध्यक्ष से होते हुए दूसरे नेताओं तक पहुंच गई। इसके बाद संबंधित उम्मीदवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलाया गया। इस प्रत्याशी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने जो तर्क रखे वह राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए भी चौंकाने वाले थे। संबंधित उम्मीदवार ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जी की उम्र हो चुकी है और उन्हें सक्रिय राजनीति से परहेज करना चाहिए। वैसे भी उन्होंने खुद कहा है कि एक उम्र के बाद व्यक्ति को चुनाव नहीं लडऩा चाहिए। ऐसी स्थिति में दूसरे को मौका मिले इसके पूर्व उसने अपना बायोडाटा जमा किया है। पार्टी उसे प्रत्याशी बनाने पर गंभीरता से विचार करे।
अब पार्टी प्रवक्ता कह रहे, हमारी पार्टी में लोकतंत्र
बहरहाल हम मोर्चा अध्यक्ष ने फिलहाल उसे कोई जवाब नहीं दिया है। प्रत्याशी बिजेंद्र पासवान को उम्मीद है कि उसे मखदुमपुर या फिर इमामगंज विधानसभा क्षेत्र से किस्मत आजमाने का मौका मिला सकता है। मसले पर पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा कि हमारी पार्टी में लोकतंत्र है। इसी वजह से हर कार्यकर्ता को बोलने का अधिकार है और कार्यकर्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष की पारंपरिक सीट तक पर चुनाव लडऩे का दावा कर सकता है। इसमें गलत कुछ भी नहीं।
Input: Dainik Jagran






