हसनपुर प्रखंड के देवधा गांव में झाड़ी में फेंके गए एक दिन के नवजात के मामले में इस कलियुगी समाज का घिनौना चेहरा भी सामने आया है। बताया जाता है कि देवधा के नरेश ठाकुर की पत्नी क्रांति देवी को 12 जून की सुबह वह नवजात झाड़ी में मिला था। नवजात लड़का था इसलिए उसके मन में लालच उठा। वह बच्चे को घर ले आई। उसने अपने संबंधी से एक लाख में उसका सौदा कर लिया। इस बीच महिला के नवजात को घर लाने की बात गांव में फैल गई। एक महिला ने चाइल्ड लाइन को जानकारी दी। जिसके बाद चाइल्ड लाइन की टीम वहां पहुंची।
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चाइल्ड लाइन हसनपुर की टीम लीडर नविता कुमारी ने बताया कि महिला ने बच्चा देने से इनकार कर दिया। उसने कहा कि हम चाइल्ड लाइन को बच्चा नहीं देंगे, जो एक लाख दे रहा है उसी को देंगे। ग्रामीणों ने बताया कि वह अपने संबंधी से सौदा कर चुकी है। पुलिस व जनप्रतिनिधि की पहल पर बच्चा मिला। जिसे सदर अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉ. अनिल कुमार कंचन ने बताया कि बच्चा अंडर वेट है। उसका वजन 1660 ग्राम है। हालांकि स्थिति अभी सामान्य है।

12 घंटे की मशक्कत बाद मिला बच्चा
नविता कुमारी ने बताया कि हम देवधा गांव में महिला के घर 10 बजे सुबह पहुंचे। मगर महिला ने झगड़ा करते हुए बच्चा देने से इनकार कर दिया। पुलिस के दबाव के बाद रात 10 बजे महिला ने बच्चे को दिया।
चाइल्ड लाइन से बच्चा की जानकारी मिली। महिला के बच्चा नहीं देने की बात पर फोर्स भेजकर बच्चा को वापस लिया गया। – पंकज कुमार, थानाध्यक्ष, हसनपुर
देवधा में नवजात मिलने की जानकारी चाइल्ड लाइन से मिली। यहां से पंचायत सचिव को भेजा गया। महिला पर दबाव बनाकर बच्चा लिया गया। – दुनिया लाल यादव, बीडीओ, हसनपुर
Source : Dainik Bhaskar







