लोकतंत्र के महापर्व में मोकामा विधानसभा क्षेत्र में करीब 51 प्रतिशत मतदान हुआ। चुनाव आयोग की तमाम कोशिशों के बाद भी मतदान को लेकर लोगों में उत्साह नहीं दिखा और करीब आधे मतदाता मतदान को नहीं पहुंचे।
हालांकि, पिछले करीब तीन दशक के चुनावों में यह पहला मौका रहा जब मोकामा में छिटपुट हिंसा की एक भी घटना नहीं हुई। मोकामा में शांतिपूर्ण तरीके से मतदान सम्पन्न होने पर यहाँ के लोग इसे लोकतंत्र का विजय होना बताते रहे। विधानसभा क्षेत्र के तीनों प्रखंडों में सर्वाधिक 54.50 प्रतिशत मतदान मोकामा में जबकि घोसवरी में 53.69 और पण्डारख प्रखंड में मात्र 48 फीसदी मतदान हुआ।

गुलाबी ठंड के कारण सुबह 7 बजे जब मतदान शुरू हुआ। तब मतदाताओं का उत्साह भी ठंडा ही था लेकिन जैसे जैसे दिन चढ़ा मतदान प्रतिशत में तेजी से चढ़ने लगा। सुबह 11 बजे तक जहाँ मात्र 18 प्रतिशत मतदान हुआ वहीं, दोपहर 1 बजे तक 33 फीसदी आंकड़ा पहुंचा।
मतदान के दौरान 21 जगहों पर ईवीएम में खराबी आई। सर्वाधिक 15 ईवीएम में तकनीकी खराबी मोकामा प्रखंड में आई। घोसवरी प्रखंड की बीडियो कामिनी देवी ने बताया कि चुनाव शुरू होने से पूर्व तीन वीवीपैट मशीनों में तकनीकी खराबी हुई। 241 पैजना, 236 घोसवरी, 236 क घोसवरी के बूथों के वीवीपेट को तुरंत बदल दिया गया। वहीं पंडारक बीडीओ के अनुसार तीन जगहों पर ईवीएम खराब हुई।
Source : Hindustan





