दहला बस स्टैंड : 40 मिनट तक होती रही फायरिंग, यात्रियों में मची भगदड़

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20015

बैरिया में बस इंचार्ज कुंदन सिंह को भूना हमलावर को एसटीएफ ने मार गिराया

बैरिया बस स्टैंड में वर्चस्व की लड़ाई में शुक्रवार की दोपहर बस इंचार्ज कुंदन सिंह को तीन अपराधियों ने भून डाला। इलाज के दौरान कुंदन ने दम तोड़ दिया। गोलीबारी के बाद दो अपराधी भाग निकले। जबकि, भीड़ से घिरता देख एक अपराधी गैराज में खड़ी बस में छिप गया। बस में छिपे अपराधी ने अंदर से ही भीड़ पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान किशनगंज का रहने वाला यात्री जख्मी हो गया। इसी बीच एसटीएफ की ओएसजी टीम उसी रास्ते जाने के दौरान मौके पर पहुंच गई। एसटीएफ ने जवाबी कार्रवाई में बस में छिप कर फायरिंग कर रहे अपराधी को एके-47 से मार गिराया। मारा गया अपराधी सीतामढ़ी जिले के परसौनी का रोहित है। घटनास्थल से पिस्टल व अत्याधुनिक हथियार के कई खोखे जब्त किए गए हैं। घटनास्थल की फॉरेंसिक, बम स्क्वायड की टीम ने जांच की। बैरिया बस स्टैंड स्थित शाही तिरुपति काउंटर पर कुंदन सिंह बैठे थे। इस बीच तीन अपराधी गोली चलाने लगे। कुंदन चार-पांच गोली लगने से वहीं लुढ़क गए। पोस्टमार्टम के बाद कुंदन की डेडबॉडी रूनीसैदपुर थाने के भकुरा गांव स्थित पैतृक गांव भेजा गया। कुंदन सिंह पर पूर्वी चंपारण के चकिया थाने में दो, दरभंगा के बहादुरपुर थाने में एक, जबकि अहियापुर थाने में 2 मामले दर्ज हैं।

रून्नीसैदपुर में भी कई मामले दर्ज हैं। उधर, कुंदन की हत्या के बाद पुलिस टीम ने गन्नीपुर में चुन्नू ठाकुर के घर व बैरिया के चौबे टोला में छापेमारी की। दो अलग-अलग टीम सीतामढ़ी व शिवहर में छापेमारी में जुटी रही। संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मुठभेड़ के बाद जांच के लिए मौके पर मजिस्ट्रेट पहुंचे।

 
बैरिया बस स्टैंड में हुई वारदात के बाद बस में छिपे अपराधी से मुठभेड़ के दौरान एके-47 व पिस्टल से जवाबी फायरिंग करते एसटीएफ के जवान।

इंस्पेक्टर शैलेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में हम लोग एक रेकी में जा रहे थे। बैरिया में जाम होने की वजह से गाड़ी से उतरे। जवान नागा के पास एके-47 देख तेजी में एक लड़का गोली चलाते बस में घुस गया। अंदर से बस लॉक कर लिया। भीड़ भी जुट गई। हम लोगों को देख भीड़ बोलने लगी आप लोग उसको मारते क्यों नहीं? तब तक हम लोगों को कुछ जानकारी भी नहीं थी। बस में छिप कर वह फायरिंग कर रहा था। जब सरेंडर के लिए बोला तो मुझ पर फायरिंग कर दी। भीड़ में गोली चलाना मुश्किल था। हम लोग में ज्यादातर सिविल में थे। मैंने चितकबरा फूलपैंट पहन रखी थी। एसटीएफ जवान सुनील सिंह ने दूसरे बस पर चढ़ कर, जबकि मैंने बस के पीछे जाकर 9 एमएम से बस में छिप कर फायरिंग कर रहे अपराधी से निपटना शुरू कर दिया। तब तक अपराधी बस की सीट के नीचे छिप कर फायरिंग करने लगा। एसटीएफ जवान नागा ने एके-47 से फायर झोंक दिया। कुछ ही देर में बस से फायरिंग थम गई।

(जैसा कि मुठभेड़ में शामिल एसटीएफ के जवान राज कुमार सिंह ने दैनिक भास्कर को बताया)

बस में छिप कर फायरिंग कर रहे अपराधी को एसटीएफ जवान ने ललकारा। अपराधी ने जवान पर फायरिंग कर दी। मुठभेड़ के दौरान एके-47 से एसटीएफ ने अपराधी को मार गिराया। मारे गए अपराधी के पास से पिस्टल व गुप्ती बरामद हुई है। एसटीएफ जवान के बयान पर एफआईआर दर्ज की जा रही है। दूसरी प्राथमिकी कुंदन सिंह के परिजन के बयान पर दर्ज पर होगी। -मनोज कुमार, एसएसपी, मुजफ्फरपुर

रेकी में जा रहे थे, जाम देख रुके, सरेंडर को बोला तो की फायरिंग

दिल्ली जाने वाली बसों को लेकर कुंदन से चल रही थी तनातनी

बैरिया बस स्टैंड में इन दिनों कुंदन सिंह दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में जाने वाली लॉन्ग रूट की बसों की इंचार्ज-शिप को लेकर अधिक सक्रिय थे। इसके कारण उसकी कई लोगों से टसल चल रही थी।

तीनों अपराधी पैदल बैरिया गोलंबर की ओर भागे : वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों अपराधी पैदल बैरिया गोलंबर की ओर भागे। दो अपराधी तो भाग निकले, लेकिन एक अपराधी भीड़ से घिर गया। भीड़ से घिरने के बाद बस में छिपा अपराधी फायरिंग करने लगा। इसी दौरान एक यात्री किशनगंज निवासी पवन दास के पैर में गोली लग गई। इससे पहले 2008 में मोतीपुर में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई थी।