पटना के जिलाधिकारी की ओर से जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार वृद्धि को देखते हुए कोरोना के लिए निजी अस्पतालों में भी व्यवस्था की गई है। इन अस्पतालों में दंडाधिकारी की भी नियुक्ति की गई है ताकि रोजाना अस्पतालों के बेड, दवा, ऑक्सीजन की व्यवस्था सुनिश्चित कराएंगे। जिला प्रशासन की ओर से 50 से अधिक अस्पतालों के नंबर जारी किए गए हैं ताकि मरीजों को जरूरत पड़ने पर सुविधा मिल सके। लेकिन इसका फायदा मरीजों और परिजनों को नहीं मिल पा रहा है।

जिला अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी किए गए अस्पतालों के मोबाइल नंबर पर फोन उठता नहीं या फिर लगातार व्यस्त बताता है। हाईटेक इमरजेंसी हॉस्पिटल सगुना मोड़ दानापुर के मोबाइल नंबर पर फोन करने के बाद लगातार फोन व्यस्त आया। इसी तरह बिहटा के नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का फोन बार-बार करने के बाद भी उठा ही नहीं।

सगुना मोड़ दानापुर खगौल रोड स्थित समय हॉस्पिटल के मोबाइल पर फोन करने पर भी लगातार व्यस्त का संदेश आता रहा। अगमकुआं स्थित अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल का नंबर बार-बार बिजी रहा। पालिका विनायक हॉस्पिटल बहादुरपुर के नंबर पर फोन करने के बाद कमलेश मिश्रा के नाम का मैसेज आता रहा, लेकिन फोन उठा ही नहीं। उधर पटना के सबसे महंगे अस्पताल पारस एचआरएम आई हॉस्पिटल राजा बाजार के नंबर पर बार-बार फोन करने के बाद ही फोन व्यस्त आ रहा। उधर आरएन सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और रिसर्च सेंटर खाजपुरा बेली रोड के नंबर पर भी फोन करने पर कोई रिस्पांस नहीं मिला। ऐसे में इन अस्पतालों की ओर से जारी किए गए नंबर से लोगों को किसी प्रकार की कोई मदद नहीं मिल रहे है।

जिला प्रशासन ने कोरोना संक्रमितों की सुविधा के लिए निजी हॉस्पिटल का नंबर तो जारी कर दिया लेकिन इसमें अधिकतर नंबर या तो गलत है या फिर पुराने हैं, जो अब बंद हो चुके हैं। हिन्दुस्तान टीम की तरफ से यह पड़ताल की गयी तो यह सच सामने आया। ज्यादातर हॉस्पिटल के नंबर सही नहीं हैं। जिला प्रशासन ने नंबर जारी किया। आमलोग, कोरोना संक्रमितों के परिजन आदि को एक उम्मीद जगी कि अब उनके लिए इलाज करवाना आसान हो जायेगा। उन्हें दूसरों से जानकारी नहीं लेनी होगी। क्योंकि जिला प्रशासन ने 52 सरकारी और निजी हॉस्पिटल का नंबर जारी किया है। जब कोरोना संक्रमित के परिजन नंबर डायल करते हैं तो उन्हें मायूसी के अलावा कुछ भी हाथ नहीं लगता है। यह स्थिति कोई एक हॉस्पिटल की नहीं है बल्कि ज्यादातर का यही हाल है। निजी हॉस्पिटल ने जिला प्रशासन के साथ कोरोना मरीजों को भी गुमराह किया है।

मंगलवार 3.45 पर नहर रोड स्थित रूपसपुर के बुद्धा कैंसर हॉस्पिटल में 9934107121 पर फोन किया गया। नंबर आउट ऑफ कवरेज बताया। कई बार फोन करने पर जवाब एक ही था। 3.50 पर एसएस हॉस्पिटल, लाल मंदिर अनिसाबाद का 9308437254 नंबर स्विच ऑफ बताया। इसी तरह निदान हॉस्पिटल, हरनीचक मोड़, अनीसाबाद का 9430968157 नंबर लगातार 45 मिनट तक व्यस्त था।

एटलांटिस हॉस्पिटल, रूपसपुर आरओबी के निकट, दानापुर का 9203631807 नंबर उपयोग में नहीं बताया। श्री मुरलीधर मेमोरियल नर्सिंग होम, मेन रोड बाढ़ का 9955706874 नंबर स्विच ऑफ बताया। चार बजकर 15 मिनट पर आयुष्मान केयर हॉस्पिटल, दनियावां के नंबर पर कहा गया ऑक्सीजन नहीं है। बेड मिलेगा लेकिन एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं है। पांच मिनट के बाद जब दुबारा संपर्क किया गया तो नंबर नहीं उठा।

Input: Live Hindustan

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