पटना : राज्य सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रही फेक न्यूज पर भरोसा नहीं करने का आग्रह करते हुए कहा कि चिकन, अंडा, मटन और मछली खाने से कोरोना के संक्रमण का डर नहीं होता है। अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है, बल्कि नहीं खाने से शरीर में प्रोटीन की कमी हो सकती है। चिकन खाने से रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ती है।

पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सचिव एन. सरवन कुमार ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रंेस कर स्पष्ट किया कि पशु, पक्षियों और मछलियों से कोरोना वायरस नहीं फैलता। इसलिए लॉकडाउन में मीट-मछली की दुकानें खुली रहेंगी। हालांकि उन्होंने कहा कि शारीरिक दूरी का पालन करना अनिवार्य होगा। विश्व एवं राष्ट्रीय स्तर के शोधों का हवाला देते हुए कहा कि चिकन को प्रोटीन का सबसे सुरक्षित एवं सस्ता स्नोत माना जाता है। बरेली स्थित केंद्रीय एवियन अनुसंधान संस्थान ने भी बताया है कि भारतीय पॉल्ट्री उत्पाद मानव उपयोग के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। केंद्र सरकार ने भी स्पष्ट किया है चिकन खाने और कोरोना संक्रमण फैलने में कोई संबंध नहीं है। सचिव ने कहा कि बर्ड फ्लू, कोरोना समेत सभी तरह के जीवाणु 70 डिग्री तापमान पर मर जाते हैं। हमलोग मांस, मछली को 100 डिग्री से ज्यादा तापमान में पकाते हैं। इसलिए यह पूरी तरह सुरक्षित है। किसानों के पुआल जलाने को भी सरकार ने गंभीरता से लिया है। इसके लिए सभी जिलों के डीएम को निर्देश जारी किया गया है।

ये रहेगी व्यवस्था
- पशु-पक्षी के लिए चारा-दाना की दुकानें रहेंगी खुलीं
- उत्पादों को बेचने एवं परिवहन पर भी रोक नहीं
- दुग्ध उत्पादों की बिक्री एवं प्रसंस्करण भी मुक्त
- रात आठ बजे तक खुले रहेंगे सुधा मिल्क पार्लर
- फसल कटाई-बोआई एवं अन्य काम पर रोक नहीं
Input : Dainik Jagran







