बिहार में किसानों के घर तक अनुदानित दर पर बीज पहुंचाने की ऑनलाइन व्यवस्था की केंद्र सरकार ने भी तारीफ की है। साथ ही अन्य राज्यों को इस प्रक्रिया को अपनाने का निर्देश दिया है। कोरोना संक्रमण के दौरान निवारक उपायों के तहत बिहार के कृषि विभाग ने खरीफ फसलों के बीज के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे थे और घर तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की थी।

केंद्र ने माना, सराहनीय कदम
कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि केंद्रीय कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने सभी राज्यों के कृषि विभागों को बिहार के इस मॉडल को अपनाने का निर्देश दिया है। केंद्र ने माना कि कोरोना के खिलाफ निवारक उपायों के तहत खेती से संबंधित सुविधाएं, उपादानों और बीजों की होम डिलीवरी के लिए इस तरह की प्रणाली विकसित करना, सराहनीय कदम है।

कृषि विभाग ने पिछले साल बांका में की शुरुआत
कृषि विभाग ने पिछले साल प्रयोग के तौर पर बांका जिला में गेहूं के बीज की होम डिलीवरी के अभियान की शुरुआत की थी। सफलता मिलने के बाद अब इसे पूरे राज्य में लागू किया जाना है। कृषि मंत्री ने बताया कि अब रबी फसलों के बीज को अनुदानित दर पर किसानों के घर तक पहुंचाने की तैयारी है। राज्य बीज निगम के पास अभी तक सात लाख पांच हजार 251 किसानों से ऑनलाइन आवेदन पहुंचे हैं। इनमें एक लाख 30 हजार 597 किसानों ने 77 हजार 367 क्विंटल बीज की होम डिलीवरी के लिए आवेदन किया है।
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू
खरीफ मौसम में छह लाख 56 हजार 144 किसानों को अनुदानित दर पर 51 हजार 462 क्विंटल बीज वितरण किया गया। इसमें 48 हजार 525 किसानों को तीन हजार 714 क्विंटल बीज की होम डिलीवरी की गई। प्रक्रिया पारदर्शी थी। आवेदन ऑनलाइन लिए गए। बिहार देश का पहला राज्य है, जहां कोरोना को देखते हुए अभी से रबी मौसम में बीज की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। पटना तथा मगध प्रमंडल के किसानों को राज्य बीज निगम के बीज उत्पादन के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
Source : Dainik Jagran





