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बिहार के डीजीपी को संजय राउत से प्यार हो गया है? कहा-जो गाली देता है, उससे मुहब्बत और बढ़ती है

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आपने प्यार में शायर और कवि बन जाने वाले तो देखे होंगे. लेकिन गाली खाकर कोई शायर बन जाये तो क्या कहेंगे. वो भी बिहार के डीजीपी. शिवसेना सांसद संजय राउत के हमले के बाद रविवार की देर रात डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने फिर शेर कहा है- जो गाली देता है, उससे मुहब्बत और बढती है.

ट्वीटर पर डीजीपी की शेरो-शायरी

हालांकि बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने रविवार को दिन में भी ट्वीटर पर एक शेर लिखा था. लेकिन असली वाला शायद उन्होंने रात के लिए बचा कर रखा था. रविवार की देर रात ट्वीटर पर उनका नया शेर आया. पढिये क्या लिखा डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने

किसके लिए है ये शेरो-शायरी

दरअसल अपने ट्वीट में डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने ये नहीं लिख है कि उन्हें कौन गाली देता है और किससे उन्हें मुहब्बत और बढ़ती जा रही है. लेकिन लोग इस शेरो-शायरी का मतलब समझ रहे हैं. दरअसल बिहार के डीजीपी ने शिवसेना सांसद संजय राउत का जवाब दे रहे हैं. रविवार को संजय राउत ने उन पर तीखा हमला बोला था. डीजीपी उनका नाम तो नहीं ले रहे हैं लेकिन जवाब जरूर दे रहे हैं. रविवार को दिन में भी गुप्तेश्वर पांडेय ने ट्वीट कर शेरो-शायरी पढ़ी थी.

दरअसल इससे पहले सुशांत सिंह राजपूत केस को लेकर शिवसेना सांसद और नेता संजय राउत ने बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे पर जमकर निशाना साधा था. शिवसेना सांसद ने बिहार डीजीपी पर हमला करते हुए कहा कि उनकी कार्य शैली से साफ लगता है कि वह बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया को दिये गये बयान में संजय राउत ने सुशांत सिंह राजपूत मामले पर बिहार के डीजीपी के बयानों की कड़ी आलोचना की थी.

शिवसेना सांसद संजय राउत ने अपनी पार्टी के मुखपत्र सामना में भी बिहार के डीजीपी पर करारा हमला किया है. राउत ने लिखा है कि गुप्तेश्वर पांडेय ने 2009 में उन्होंने पुलिस की नौकरी से समय से पहले रिटायरमेंट ले लिया था, ताकि वह बीजेपी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ सकें. लेकिन उन्हें बीजेपी का टिकट नहीं मिला. संजय राउत ने यह भी आरोप लगाया है कि गुप्तेश्वर पांडे बिहार विधानसभा के अगले चुनाव में जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं.

Input : First Bihar

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बिहार को मिलेगा देश का पहला मेगा स्क्रीन, सीएम नीतीश आज करेंगे उद्घाटन

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पटना: राजधानी पटना (Patna) में शनिवार को पहली बार स्मार्ट सिटी के तहत आने वाली किसी परियोजना का उद्घाटन होगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज शाम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गांधी मैदान में स्थित 75X42 फीट की मेगास्क्रीन का आज उद्घाटन करेंगे. पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड का दावा है कि, सार्वजनिक जगह में 75X42 फीट वाली मेगास्क्रीन सिर्फ राजधानी पटना में ही बनकर तैयार हुई है.

पटना: नीतीश कुमार करेंगे मेगास्क्रीन का उद्घाटन, लोग देख सकेंगे फिल्म-डॉक्यूमेंट्री

सार्वजनिक जगह में 75X42 फीट वाली मेगास्क्रीन सिर्फ राजधानी पटना में ही बनकर तैयार हुई है.

इस मेगास्क्रीन के जरिए 5 हजार लोग एक साथ बैठकर खेल, फिल्म, डॉक्यूमेंट्री का आनंद ले सकेंगे. मेगास्क्रीन पर 6 करोड़ 98 लाख रूपए खर्च हुए हैं. पीवीसी सामग्री से बनी फुल एचडी स्क्रीन को 30 फीट की ऊंचाई पर ट्रस के माध्यम से लगाया जाए. डोल्बी डिजिटल साउंड सिस्टम से लैस इस स्क्रीन पर सूर्यास्त के बाद फिल्मों का प्रसारण संभव है. इसके साथ ही गांधी मैदान के गेट नंबर 3 और 4 के पास इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर की बहुमंजिला इमारत का शिलान्यास भी सीएम करेंगे.

पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की तहत बनने वाली इस परियोजना पर 13 करोड़ 16 लाख रूपए खर्च होंगे. 12 महीने के अंदर इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर बनाने का लक्ष्य रखा गया है. कंट्रोल कमांड सेंटर के जरिए राजधानी के हर चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे के जरिए नजर रखी जा सकेगी.

Patnas view will change Garbage chips will be installed Paintings will be  made in private buildings

गांधी मैदान के सामने एसएसपी कार्यालय परिसर में पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर हेतु भवन का निर्माण प्रस्तावित है. इस भवन का पहला, दूसरा एवं तीसरा तल सर्वर रूम, वीडियो वॉल, संबंधित उपकरण एवं ऑपरेटर वर्क-स्टेशन से सुसज्जित होगा जहां से पुलिस कर्मचारीगण/अधिकारीगण विभिन्न शहरी उपयोगिताओं का प्रबंधन एवं निगरानी करेंगे.

इस चार मंजिला इमारत के टॉप फ्लोर पर स्मार्ट सिटी का दफ्तर भी शिफ्ट किया जाएगा. पटना स्मार्ट सिटी ने रैंकिंग के मामले में भी छलांग लगाई है. मौजूदा तारीख में कंपनी की रैंकिंग सुधरकर 28 हो गई. इससे पहले 11 सितंबर 2020 तक पटना की रैंकिंग 35वें स्थान पर थी.

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21 सितंबर से स्कूल खोलने की तैयारी, जानें बिहार समेत तमाम राज्यों की स्थिति

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देश के कई राज्यों में 21 सितंबर से 9वीं से 12वीं तक की कक्षाओं के लिए स्कूल खुलने जा रहे हैं। केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार 21 सितंबर से कन्टेन्मेंट जोन के बाहर स्थित स्कूलों में नौवीं कक्षा से 12वीं कक्षा तक के छात्रों को अपने शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने के लिए स्कूल जाने की अनुमति दी जा सकती है। स्टूडेंट्स अपने पेरेंट्स से लिखित अनुमति लेने के बाद ही शिक्षकों से गाइडेंस लेने के लिए स्कूल आ सकेंगे। इस दौरान स्कूलों को स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी की गई कोरोना संक्रमण से बचाव संबंधी गाइडलाइंस का पालन करना होगा। कई राज्यों ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्कूल न खोलने के फैसला लिया है, जबकि कुछ राज्यों ने पढ़ाई को हो रहे नुकसान और 2021 की बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखकर 9वीं से 12वीं तक की कक्षाओं के लिए स्कूल खोलने की इजाजत दे दी है। कुछ सरकारें अभी इसको लेकर असमंजस में दिख रही हैं।

यहां जानें किन किन राज्यों में स्कूल खुलने जा रहे हैं और किन-किन राज्यों में बंद रहेंगे – 

यूपी में स्कूल खुलने उम्मीद बेहद कम
उत्तर प्रदेश प्रदेश में 21 सितंबर से स्कूल खुलने की उम्मीद बेहद कम है। उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने सितंबर में स्कूल व कॉलेज बंद रहने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ते कोरोना मामलों के चलते 21 सितंबर से स्कूलों के आंशिक रूप से फिर से खुलने की संभावना बहुत ही कम है। स्कूलों को आंशिक रूप से कार्य करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। स्कूल चलाना संभव नहीं है। छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरी है और इससे समझौता नहीं किया जा सकता है। स्कूलों को खोलने पर फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में लिया जाएगा।

बिहार में स्कूल खोलने की तैयारी
बिहार में 30 सितंबर तक सभी स्‍कूल और कॉलेज बंद हैं। हालांकि पटना डीएम ने कंटेनमेंट जोन के बाहर कक्षा 9 से 12 तक के स्‍कूल खोलने की अनुमति दे दी है। 21 सितंबर से ऑनलाइन क्लास के लिए शिक्षण संस्थान अपने 50 प्रतिशत शिक्षक और कर्मचारियों को बुला सकते हैं। वहीं, कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को गाइडेंस के लिए स्कूल जाने की छूट दी गयी है।

उत्तराखंड में नहीं खुलेंगे स्कूल
कोरेाना संक्रमण को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने 21 सितंबर से स्कूल न खोलने का निर्णय किया है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने मुख्य सचिव, शिक्षा सचिव और शिक्षा निदेशक को इस बाबत कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है, उस स्थिति में स्कूलों को खोलना उचित नहीं होगा। फिलहाल 30 सितंबर तक स्कूल पूरी तरह से बंद रहेंगे। इसके बाद केंद्र के नए दिशानिर्देश और राज्य के हालात के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।

झारखंड
झारखंड में 21 सितंबर से स्कूलों को खोलने को लेकर अभी तक कोई घोषणा नहीं की गई है। अब तक शिक्षा विभाग की ओर से आपदा प्रबंधन विभाग को स्कूल खोलने की अनुमति देने के लिए कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया है। कोरोना संकट के दौर में जब तक आपदा प्रबंधन विभाग  मंजूरी नहीं देगा, तब तक छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए स्कूल नहीं खोले जा सकेंगे। झारखंड सरकार की ओर से अब तक परामर्श के लिए स्कूल खोले जाएंगे या नहीं इसको लेकर किसी तरह की गाइडलाइन अभी तक जारी नहीं की गई है। शिक्षा विभाग की ओर से प्रस्ताव भेजे जाने के बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी इस पर फैसला लेगी। इसके बाद आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से अधिसूचना जारी की जाएगी।

मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के 9वीं से 12वीं कक्षा के स्कूल 21 सितंबर से खुलने जा रहे हैं। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने केंद्र के मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करने के निर्देश दिए हैं। राजधानी के कुछ स्कूलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए स्कूलों को सैनिटाइज करने साथ साफ-सफाई की जा रही है। स्कूल दो पाली में संचालित होंगे, जिसमें अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा। प्रवेश के लिए दो गेट होंगे। इस संबंध में भेल शिक्षा मंडल ने मंगलवार को स्कूल प्राचार्यों के साथ बैठक की। प्राचार्यों ने स्कूल खोलने को लेकर तैयारियों से संबंधित जानकारी दी। वहीं कुछ सीबीएसई और सरकारी स्कूलों में पूरक परीक्षा होने के कारण तैयारियां नहीं हो पा रही हैं। प्राचार्यों का कहना है कि परीक्षा समाप्त होने के बाद स्कूल खोलने को लेकर व्यवस्था बनेगी।

राजस्थान
राजस्थान में स्कूल 21 सितंबर से नहीं खुलेंगे। हालांकि सिर्फ कक्षा 9वीं से 12वीं तक बच्चे पेरेंट्स की लिखित अनुमति से गाइडेंस के लिए जा सकेंगे। शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने स्पष्ट किया है कि केंद्र की गाइडलाइन में स्कूल में बच्चे सिर्फ गाइडेंस के लिए जाने का जिक्र है। गाइडलाइन में कहीं पर भी क्लास लगाने के आदेश नहीं है।

गुजरात
गुजरात सरकार ने 21 सितम्बर के बाद भी राज्य में स्कूलों को नहीं खोलने का निर्णय किया है। राज्य मंत्रिमंडल की आज हुई बैठक में लिए गए इस फैसले की जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री भूपेन्द्रसिंह चूड़ासमा ने पत्रकारों को बताया कि कोरोना की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। ज्ञातव्य है कि अनलॉक 4 के तहत माता-पिता अथवा अभिभावक की  लिखित मंज़ूरी पर इच्छा होने पर कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को 21 सितम्बर से स्कूल आने की मंजूरी दी गई है। राज्य सरकार ने इस पर अमल नहीं करने का निर्णय लिया है।

हरियाणा 
हरियाणा सरकार ने 21 सितंबर से स्कूलों को खोलने की इजाजत दे दी है। शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस बाबत पत्र भी जारी कर दिया है। 9वीं से 12वीं तक के छात्र स्कूलों में जाकर गाइडेंस ले सकेंगे।

केरल
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा है कि कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच सितंबर या अक्टूबर में स्कूल-कॉलेज नहीं खोले जा सकते।

आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश में भी 21 सितंबर से स्कूल खुल रहे हैं। यहां 50 फीसदी टीचिंग और 50 फीसदी नॉन टीचिंग स्टाफ को स्कूल में बुलाया जा सकता है। क्लास 9 से 12 तक का कोई भी छात्र अपने पैरंट्स की लिखित अनुमति के बाद स्कूल जा सकता है और पढ़ाई कर सकता है।

जानें, मंत्रालय की ओर से जारी एसओपी में क्या है नियम : 

  • स्कूल, कालेजों, कौशल संस्थानों को सेनेटाइज करना जरूरी होगा, इसके बिना स्कूल नहीं खोले जा सकते हैं।
  • जिस भी स्कूल या कॉलेज या संस्थान को क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया था उन्हें विशेष सावधानी बरतनी होगी। उन्हें पूरी तरह से सेनेटाइज करके यह सुनिश्चित करना होगा कि संस्थान संक्रमण रहित हो गया है।
  • क्लास में कुर्सियां छह फीट की दूरी पर लगाई जाएंगी।
  • स्कूल या कॉलेज में आने वाले सभी के लिए मास्क पहनना जरूरी होगा।
  • गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग एवं हैंड सेनेटाइ करने के इंतजाम भी करने होंगे।
  • स्कूलों में 21 सितंबर के बाद सिर्फ 9-12 के छात्रों को शिक्षक से सलाह लेने के लिए स्वेच्छा से जाने की अनुमति है। लेकिन इसके लिए अभिभावकों की लिखित अनुमति होनी चाहिए। जबकि 50 फीसदी शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ को स्कूलों में जाने की अनुमति दी गई है। बीमारी कार्मिकों एवं गर्भवती महिला कार्मिकों को जाने की मनाही है।
  • स्कूलों में शिक्षक वहीं से आनलाइन कक्षाएं शुरू कर सकेंगे। इस दौरान यदि कुछ छात्र चाहें तो वहां बैठकर भी पढ़ सकते हैं। स्वेच्छा से पढ़ने के इच्छुक छात्रों को शिक्षक अलग-अलग टाइम स्लाट दे सकते हैं।
  • छात्रों, शिक्षकों के बीच नोटबुक, पेन, पेंसिल आदि की शेयरिंग नहीं की जाएगी।
  • स्कूलों में प्रार्थनाएं, खेलकूद आदि कार्यक्रम नहीं होंगे। स्कूलों कालेजों में स्वीमिंग पूल आदि भीबंद रहेंगे। सभी शिक्षण संस्थानों को हेल्पलाइन नंबर वह स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के नंबर भी प्रदर्शित करने होगें।
  • एसी को लेकर भी पूर्व के नियम रहेंगे जो 24-30 डिग्री के बीच रहेगा। कमरों में वेंटीलेशन होना चाहिए।
  • आरोग्य सेतु एप की बाबत कहा गया है कि जहां तक संभव हो सके, यह फोन में होना चाहिए। थूकने पर सख्त पाबंदी होगी।
  • कंटेनमेंट जोन के बाहर स्थित स्कूल और शिक्षण संस्थानों को ही खुलने की अनुमति होगी। इस प्रकार जो कार्मिक या छात्र कंटेनमेंट जोन के भीतर रह रहे होंगे, उन्हें स्कूल या कालेज आने की अनुमति नहीं है।
  • सभी संस्थानों में एक आइसोलेशन रूम भी बनाना होगा जहां जरूरत पड़ने पर संभावित मरीज को रखा जा सके।
  • स्कूल कोलेजों को मास्क, सेनेटाइजर आदि का भी पर्याप्त इंतजाम करना होगा।

Source : Hindustan

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अब 28 लाख तक खर्च कर सकेंगे प्रत्याशी, चुनाव आयोग ने जारी किया गाइडलाइन

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चुनाव में कोई प्रत्याशी कितनी रकम खर्च कर सकता है. इसको लेकर चुनाव आयोग ने गाइडलाइन जारी किया है. आयोग की ओर से जारी गाइडलाइन के मुताबिक अब एमएलए प्रत्याशी बिहार चुनाव में 28 लाख तक खर्च कर सकेंगे. जिसमें 10 हजार नकद और 28 लाख से ज्यादा खर्च नहीं कर सकते हैं.

भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी नयी गाइडलाइन के अनुसार प्रत्याशी 10 हजार नकद और 28 लाख से ज्यादा खर्च नहीं कर सकते हैं. कोरोना को देखते हुए चुनाव आयोग ने कानून मंत्रालय को पहले ही पत्र लिखा है और इसमें प्रचार खर्च 2 लाख रुपए और बढ़ाने की मांग की है.

निर्वाचन आयोग ने कहा कि कानून मंत्रालय की सहमति के बाद खर्च बढ़ाया जा सकेगा, लेकिन अब तक जारी किये गए आदेश के मुताबिक कोई भी उम्मीदवार 28 लाख से ज्यादा खर्च नहीं कर सकते हैं. कानून मंत्रालय की सहमति मिलने के बाद इसके लिए अलग से अधिसूचना जारी की जाएगी.

इतना ही नहीं, बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए अलग से वोटर लिस्ट बनेगी. पॉजिटिव लोग वोट के लिए अलग लाइन में लगेंगे. उन्हें सबसे अंत में वोट डालने का मौका मिलेगा.कोरोना काल में चुनाव कैसे हो इसको लेकर आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से सुझाव मांगे थे. दलों ने अपनी-अपनी राय चुनाव आयोग को दिया. जिसपर गहन मंथन करते हुए चुनाव को लेकर गाइडलाइन जारी किया गया.

चुनाव आयोग की गाइड लाइन के मुताबिक, मतदान स्थल पर एंट्री गेट पर सभी लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी. इसके साथ ही हाथ साफ करने के लिए वहां सेनेटाइजर, साबुन और पानी की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी. मतदान स्थल पर केंद्र और राज्य सरकार की कोविड-19 को लेकर जारी की गई सोशल डिस्टेसिंग को भी बरकरार रखा जाएगा. इसके लिए वोटिंग स्थल पर बड़े- बड़े गोले बनाए जाएंगे.

ऑनलाइन नोमिनेशन होगा. जमानत राशि भी ऑनलाइन जमा कर सकते है. हालांकि सशरीर नामांकन का भी विकल्प होगा. लेकिन इसके लिए मात्र 2 लोग साथ जा सकेंगे. अधिकतम दो गाड़ी ले जा सकते हैं साथ.

होम मिनिस्ट्री कोविडी सुरक्षा से जुड़े मानक को पूरा करने पर रैली या रोड शो जैसे आयोजन को अनुमति दे. साथ ही पब्लिक रैली करने के लिए सोशल डिस्टेसिंग के साथ होगी. कितने लोग आएंगे इसकी जानकारी भी पूर्व तय होगी. इसमें निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी रहेंगे.

वोटिंग से पहले वोटर को दस्ताने दिए जाएंगे। हर बूथ पर अधिकतम एक हजार वोटर ही होंगे। बूथ पर सैनिटाइजर होग। इसे चुनाव से 72 घंटे पहले लगातार सैनिटाइज किया जाएगा. अगर किसी वोटर का तापामान अधिक दिखता है तो उसे सबसे अंत में वोट देने के लिए बुलाया जाएगा.चुनाव प्रक्रिया में लगे सभी कर्मियों को कोविड से बचाव के लिए किट दी जाएगी. वोटों की गिनती के दिन एक हॉल में अधिकतम सात टेबल लग सकेंगे.

Source : Live Cities

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