बिहार के पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक उपेंद्र कुमार शर्मा आज के समय में बिहार पुलिस के हीरो माने जाते हैं। पुलिस अधीक्षक उपेंद्र जहां एक ओर अपराधियों पर कहर बन कर टूटते हैं तो दूसरी ओर स्नेह और ज्ञान के साथ-साथ युवाओं को फिटनेस का मंत्र बताते हैं। एसपी उपेंद्र शर्मा पुलिसिंग में हमेशा जनता का ख्याल रखते हैं।

तो वहीं उपेंद्र को उनके बेहतरीन कार्यों के लिए उन्हें 2011, 2012, 2013, 2014, 2015, 2016 और 2017 में वार्षिक पुलिस अवार्ड से नवाजा जा चुका है। पूर्वी चंपारण में अगस्त 2017 से पदस्थापित हैं। यहां आने के साथ ही उन्होंने अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया। ऐसा नहीं है कि इनके समय में अपहरण, हत्या व लूट जैसी घटनाएं ही नहीं हुईं, लेकिन इन घटनाओं को सुलझाने का इनका तरीका अलग है। एसपी उपेंद्र शर्मा पुलिसिंग में हमेशा जनता का ख्याल रखते हैं। 22 सितंबर 2017 को छौड़ादानो से व्यवसायी का अपहरण हो गया था। एसपी के प्रयास से 15 घंटे के अंदर उन्हें मुक्त करा लिया। 9 मार्च 2018 को घोड़ासहन में सीएसपी संचालक की हत्या कर लाखों की लूट हो गई। 14 दिनों तक लगातार छापेमारी चली। गैंग के सात शातिरों को घटना में प्रयुक्त चार तमंचे, कारतूस व तीन बाइक के साथ दबोच कर ही चैन की सांस ली। ऐसा कई सी और घटनाएं है जहां उपेंद्र ने अपनी बहादुरी दिखाई है।

आपको बता दें कि प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की माटी सिवान के बसंतपुर निवासी चंद्रभूषण शर्मा व लालमति देवी के घर 04 सितंबर 1983 को जन्मे उपेंद्र कुमार शर्मा की बचपन से ही देश सेवा की चाहत थी। झारखंड के धनबाद से 10वीं पास की। गुजरात से इंजीनियरिंग की। सिविल सर्विस की परीक्षा में 125वां रैंक पाया। 2008 से बतौर आइपीएस अपनी सेवा दे रहे हैं। उपेंद्र कुमार नई पीढ़ी को प्रगति की राह दिखाते हैं। एसपी उपेंद्र शर्मा ने बेहतर पुलिसिंग में अपनी अलग पहचान बनाई है।

Input:Live Bihar

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