पटना के दो अस्पतालों में गुरुवार को दो नए ब्लैक फंगस के मरीज मिले हैं। इनमें पटना एम्स में एक और आईजीआईएमएस में एक भर्ती हुए हैं। इस प्रकार अभी तक कुल आठ ब्लैक फंगस के मरीज सामने आए हैं। ऐसे मरीजों की संख्या अब बढ़ने लगी है। अब कुल ब्लैक फंगस के मरीज एम्स में चार, आईजीआईएमएस में दो और रूबन में दो भर्ती हैं।

आईजीआईएमएस में जो तीन नए मामले आए हैं उसे चिकित्सक अभी संदिग्ध बता रहे हैं। हालांकि चिकित्सक यह भी कह रहे हैं कि तीनों के लक्षण ब्लैक फंगस वाले ही हैं। जांच के बाद इसे कंफर्म किया जाएगा। वहीं आईजीआईएमएस में जो मरीज संदिग्ध मिले हैं, उनका इलाज शुरू हो गया है।

आईजीआईएमएस के अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि गुरुवार को एक कंफर्म ब्लैक फंगस के मरीज भर्ती हुए हैं। वे पहले से शुगर के मरीज थे। बाद में कोरोना से संक्रमित हुए हैं। अभी मरीज की हालत स्थिर हैं। वहीं रूबन के प्रशासनिक निदेशक डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि रूबन में भी दो ब्लैक फंगस के मरीज भर्ती हैं। पिछले दो तीन दिनों से इनका इलाज चल रहा हैं।

आईजीआईएमएस के नेत्र विभाग के प्रमुख डॉ. विभूति ने बताया कि ब्लैक फंगस जब आंखों को पकड़ता हैं तो मरीज की आंखों की पुतली गिर जाती है। मरीजों की आंखों में गंभीर रूप से लालिमा आ जाती है और रोशनी जाने लगती है। ये सभी लक्षण ब्लैक फंगस के ही हैं, लेकिन जब तक पूरी तरह से फंगस की जांच नहीं हो जाती तब तक किसी के बारे में कंफर्म नहीं किया जा सकता है। कोरोना से स्वस्थ होने के बाद मरीज ब्लैक फंगस के शिकार होते हैं।

Input: Live Hindustan

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