आरटीपीएस के तहत ऑनलाइन दाखिल-खारिज के निपटारे की समय सीमा 35 दिन निर्धारित है। इसके बावजूद मुजफ्फरपुर समेत पूरे राज्य में करीब छह माह से 2.35 लाख दाखिल-खारिज के मामले अटके हैं। इन मामलों के तुरंत निपटारे का निर्देश राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के विशेष सचिव डॉ. श्यामल किशोर पाठक ने दिया है। उन्होंने प्रमंडलीय आयुक्तों को इसकी मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया है।

राज्य स्तर पर हुई समीक्षा में यह बात सामने आई है कि तिरहुत प्रमंडल के करीब 80 हजार समेत राज्य में 2.35 लाख आवेदन लंबित पड़े हैं। आवेदकों को पहले तो वेरिफिकेशन के नाम पर दौड़ाया गया। इसके बाद अंचल कार्यालयों में लॉकडाउन का बहाना बना टरका दिया गया। अब जब अनलॉक थ्री लागू है और कार्यालय खुल गए हैं, तब भी इन आवेदनों का निष्पादन नहीं हो रहा है। इसको लेकिर विशेष सचिव ने कड़ा निर्देश दिया है। कहा गया है कि जो अंचलाधिकारी दाखिल-खारिज के आवेदन लटकाते हैं, उन्हें नोटिस देते हुए उनपर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए।

आवेदन लटकाने वाले टॉप पांच जिले

जिला लंबित आवेदन

सीतामढ़ी 24922

पूर्वी चंपारण 18852

मुजफ्फरपुर 17517

दरभंगा 16750

गया 14352

पांच हजार से अधिक मामले लटकाने वाले 12 अन्य जिले

अररिया 13377, पश्चिम चंपारण 12296, रोहतास 11572, भोजपुर 11176, मधुबनी 10931, मधेपुरा 9894, भागलपुर 7600, किशनगंज 7195, पटना 7060, पूर्णिया 6684, वैशाली 6506 व सुपौल 6497 आवेदन।

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