बीआरए बिहार विश्वविद्यालय अपने सातवें दीक्षांत समारोह को लेकर पूरी तरह तैयार है. 27 फरवरी को सुबह 11 बजे से एलएस कॉलेज के मैदान में आयोजन किया गया है।

इसकी राज्यपाल सह कुलाधिपति लालजी टंडन अध्यक्षता करेंगे, जबकि प्रसिद्ध गांधीवादी विचारक प्रो रामजी सिंह मुख्य अतिथि होंगे. इससे पहले 1965, 1966, 1987, 2004, 2014 व 2015 में ही दीक्षांत समारोह हुआ है. बिहार विश्वविद्यालय की स्थापना दो जनवरी 1952 हुई थी, जब इसे पटना विश्वविद्यालय से अलग दर्जा दिया गया था. हालांकि उस समय मुख्यालय पटना में ही था.

1960 को बिहार विश्वविद्यालय का बंटवारा कर तीन विश्वविद्यालय बनाये गये, जिसमें बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर के अलावा रांची व भागलपुर विवि थे. इसके बाद 1961 में इसके कुछ हिस्से को काटकर मगध विवि, 1973 में मगध विवि और 1973 में मिथिला विवि बनाया गया. 1990 में जयप्रकाश नारायण विवि बना. 1992 में बिहार विश्वविद्यालय का नाम बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर के नाम पर कर दिया गया.

एलएस कॉलेज के मैदान में सुबह 11 बजे से होगा कार्यक्रम: कुलपति डॉ अमरेंद्र नारायण यादव ने कहा कि दीक्षांत समारोह की तैयारी पूरी कर ली गयी है. 36 गोल्ड मेडलिस्टों के साथ ही स्नातक, पीजी, लॉ, बीएड, पीएचडी व डीलिट के 219 छात्र-छात्राओं को समारोह में डिग्री दी जाएगी. एलएस कॉलेज के मैदान में सुबह 11 बजे से कार्यक्रम होगा. कार्यक्रम स्थल पर पंडाल व मंच को अंतिम रूप दिया जा रहा है. मंच के साथ ही पंडाल के लिए भी सीटिंग अरेंजमेंट कर लिया गया है.

दीक्षांत समारोह की तैयारी को लेकर कुलपति सोमवार को विवि के आइक्यूएसी हाल में पत्रकारों से बात कर रहे थे. कहा कि समारोह के लिए झारखंड के केंद्रीय विवि के कुलपति सहित बिहार विवि के सभी पूर्व कुलपतियों को भी न्योता भेजा गया है.

वहीं, विवि की ओर से करीब 600 अतिथियों को निमंत्रण पत्र दिया गया है. कुलपति ने कहा कि दीक्षांत समारोह से छात्र-छात्राओं का उत्साह बढ़ता है और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है. विवि का सत्र अनियमित होने के कारण समय से समारोह नहीं कराया जा रहा. भरोसा दिलाया कि सत्र नियमित करने के साथ ही दीक्षांत समारोह का आयोजन भी नियमित किया जाएगा.

कुलसचिव अजय कुमार राय ने कहा कि समारोह स्थल पर छात्र-छात्राओं के साथ ही सीनेट, सिंडिकेट व एकेडमिक काउंसिल के सदस्यों के बैठने के लिए जगह तय हो गई है. अन्य अतिथियों के लिए भी जगह तय रहेगी. मौके पर प्रोवीसी डॉ आरके मंडल, परीक्षा नियंत्रक डॉ ओपी रमण, विकास अधिकारी डॉ आशुतोष सिंह, डॉ सतीश कुमार राय, डॉ विवेकानंद शुक्ल, एलएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ ओपी राय व एमडीडीएम की प्राचार्या डॉ ममता रानी थी.

बाएं सीनेट और दाहिने होंगे सिंडिकेट सदस्य : समारोह स्थल पर सीटिंग अरेंजमेंट कर लिया गया है. मंच के सामने बाएं बगल सीनेट सदस्यों के साथ ही शिक्षक व अन्य गेस्ट बैठेंगे. वहीं दाहिने बगल सिंडिकेट व एकेडमिक काउंसिल मेंबर के साथ ही मीडिया के लिए भी गैलरी बनेगी
आज सुबह 11 बजे से पूर्वाभ्यास

दीक्षांत समारोह का पूर्वाभ्यास मंगलवार को सुबह 11 बजे से कार्यक्रम स्थल पर ही होगा. कुलसचिव ने डिग्री के लिए आवेदन करने वाले सभी छात्र-छात्राओं के साथ ही गोल्ड मेडलिस्टों को अंगवस्त्रम के साथ समय से पहुंचने को कहा है.

कार्यक्रम स्थल पर बने पंंडाल में छात्र-छात्राओं के लिए सीट आवंटित किया जायेगा. पूर्वाभ्यास के दौरान सबको इसकी जानकारी दी जायेगी. साथ ही समारोह को लेकर किसी तरह का भ्रम होगा, तो विवि के अधिकारी उसका भी समाधान करेंगे.

Input : Prabhat Khabar

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