पटना. विधानसभा में बिहार सरकार के मंत्री प्रमोद कुमार का मामला मंगलवार को भी छाया रहा. पूरे सदन में एक बार फिर से गन्ना उद्योग मंत्री प्रमोद कुमार चर्चा में बने रहे. आज कारण जरा हटकर था. दरअसल, गृह विभाग के बजट पर चर्चा हो रही थी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सरकार को घेरने में जुटे थे. वह लगातार अपने आंकड़ों के जरिये सरकार को आईना दिखा रहे थे और बता रहे थे कि 1990 से 2005 में कितना अपराध हुआ और किस कदर अपराध 2005 से 2020 तक बढ़ गया. इसी दौरान मंत्री प्रमोद कुमार भी खड़े हुए और उन्होंने तेजस्वी यादव से सोमवार की घटना पर माफी मांगने की बात कही. तेजस्वी यादव ने मंत्री प्रमोद कुमार के पात्रता पर सवाल खड़े किए थे.

सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कहासुनी हो ही रही थी कि अचानक मुकेश साहनी भी बोलने के लिए खड़ा हुए, वो भी में भी तेजस्वी को जवाब देना चाह रहे थे. इसी दौरान गन्ना उद्योग मंत्री प्रमोद कुमार ने अपने हाथों से ‘आपत्तिजनक’ इशारा कर दिया, जिस पर तेजस्वी यादव भड़क गए. उन्होंने मंत्री प्रमोद कुमार के सदन में माफी मांगने की मांग कर दी. फिर हंगामा शुरू हो गया.

प्रमोद कुमार बैकफुट पर जाते नजर आए लेकिन उन्होंने तत्काल इसका जवाब भी ढूंढ लिया. बात न बिगड़े इसके पहले उन्होंने यह कह दिया कि मैं यह बता रहा था कि आरजेडी के लोगों ने कैसे मुकेश सहनी के पीठ में छुरा भोंका था.

हालांकि मामला यहीं नहीं रुका. इस पूरे मामले में विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा को हर बार की तरह एक बार फिर से हस्तक्षेप करना पड़ा. उन्होंने सबसे पहले इस पूरे प्रकरण को विधानसभा की कार्यवाही से बाहर निकालने की बात कही. फिर उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को यह चेतावनी दी कि कोई भी व्यक्तिगत टिप्पणी ना करें. इससे सदन की मर्यादा भंग होती है. उन्होंने इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक के लिए आसन से अनुमति ना मिले, कोई भी सदस्य खड़े होकर ना बोले.
Source : News18







