बिहार (Bihar Corona Case) सरकार ने शुक्रवार को हाईकोर्ट को सौंपी रिपोर्ट में पटना मेडिकल कॉलेज (PMCH) को आवश्यकता ज्यादा ऑक्सीजन की आपूर्ति दिखाई है. इस पर कोर्ट ने सवाल किया है कि जब अन्य अस्पताल ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे हैं तो ऐसे में PMCH को ज्यादा क्यों भेजी जा रही है. सरकार ने ऑक्सीजन सिलेंडरों की संख्या भी पर्याप्त बताई है लेकिन कोर्ट ने इस पर भी सवाल किया कि आखिर ये ऑक्सीजन सिलेंडर (Oxygen Cylinder) है कहां? इस बीच बीते 24 घंटे में 13,466 नए कोरोना संक्रमित पाए गए हैं जबकि 64 लोगों की इससे मौत हो गई है.

हाई कोर्ट ने सरकार की तरफ से दाखिल रिपोर्ट की सत्यता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि होम क्वारंटीन में रह रहे कोरोना संक्रमित मरीजों को जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन सिलेंडर कैसे पहुंचाए जा रहे हैं. पटना हाई कोर्ट की खंडपीठ ने राज्य के मुख्य सचिव से पूछा कि सूबे में 18 से 45 साल के लोगों को कब से कोविड वैक्सीन का टीका लगना शुरू होगा. हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति शिवाजी पांडेय अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कोविड संक्रमण के इलाज में ऑक्सीजन की दिक्कतों पर राज्य के मुख्य सचिव की ओर से दाखिल हलफनामे पर विचार किया गया. इस मामले पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति शिवाजी पांडे ने राज्य सरकार से पूछा कि प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी क्यों है? कोर्ट ने प्रदेश सरकार से जानना चाहा कि जो लोग घर पर रहकर अपना इलाज करा रहे हैं, उन्हें ऑक्सीजन की कमी होने पर राज्य सरकार किस तरह ऑक्सीजन उपलब्ध करा रही है.

केंद्र सरकार से मिल रहा ऑक्सीजन कोटा इस्तेमाल करें

इस मामले की सुनवाई के दौरान राज्य के मुख्य सचिव की ओर से दायर हलफनामा में कहा गया कि प्रदेश में जिस रफ्तार से कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में प्रदेश को हर दिन 300 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत है. इस पर कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार से निर्धारित कोटा का सौ फीसदी इस्तेमाल तक नहीं कर पा रही है और अब 300 मीट्रिक टन ऑक्सीजन कोटा बढ़ाने की बात कर रही है.

ऑक्सीजन की कमी तो PMCH में ज्यादा क्यों दी?

वहीं, केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार राज्य सरकार को 7 ऑक्सीजन टैंकर जल्द ही उपलब्ध करा देगी. उनका कहना था कि दो टैंकर दो दिनों के भीतर पहुंच जाएंगे. बाकी के सात टैंकर मिलने के बाद प्रदेश सरकार हर दिन 300 मीट्रिक टन ऑक्सीजन ही ले सकेगी. हाई कोर्ट की बेंच ने प्रदेश सरकार से कहा है कि एक ओर तो ऑक्सीजन की उपलब्धता की कमी बतायी जा रही है. वहीं दूसरी ओर पीएमसीएच में जरूरत से ज्यादा ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई है. आखिर ऑक्सीजन सिलेंडर कहां गए.

कोरोना के मामलों में हुई बढ़ोत्तरी

प्रदेश में कोरोना वायरस के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है. ऐसे में प्रदेश में पिछले 24 घंटे में पटना समेत 10 जिलों में कोरोना के नए संक्रमित मिले है. वहीं राजधानी पटना में सबसे ज्यादा 2410 नए संक्रमित मरीज मिले है. जबकि भागलपुर में 512, मुंगेर में 603, मुजफ्फरपुर में 630, नालंदा में 548, गया में 517, सारण में 509, सुपौल में 513, वैशाली में 509 और पश्चिमी चंपारण में 537 नए कोरोना संक्रमितों के मामलें सामने आया है. प्रदेश में पिछले 24 घंटे में 1,07,153 सैंपल की कोरोना जांच की गई जबकि 13,466 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले. प्रदेश में संक्रमण दर 12.56 फीसदी है.

25 जिलों में 100 से ज्यादा एक्टिव मामले सक्रिय

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ो के मुताबिक प्रदेश के 25 जिलों में सौ से ज्यादा नए कोरोना संक्रमितों मरीजों की पहचान हुई की गई है. वहीं अररिया में 200, अरवल में 140, बांका में 236, बेगूसराय में 488, भोजपुर में 190, बक्सर में 150, दरभंगा में 178, पूर्वी चंपारण में 267, गोपालगंज में 246, औरंगाबाद में 140, जमुई में 263, जहानाबाद में 108, कैमूर में 109, कटिहार में 216, किशनगंज में 173, मधेपुरा में 279, मधुबनी में 362, नवादा में 131, पूर्णिया में 459, रोहतास में 140, सहरसा में 285, समस्तीपुर में 378, सीतामढ़ी में 160 और सीवान में 425 नए कोरोना संक्रमितों के एक्टिव मरीजों के मामलें सामने आए है.

Input: tv9

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