देश की अखंडता और संप्रभुता को सुरक्षित रखने के लिए लद्दाख के गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में बिहार के सहरसा जिले के कुंदन कुमार शहीद हो गए। उनकी शहादत पर उनके किसान पिता को गर्व है।
वीरगति को प्राप्त होने वाले सहरसा के विशनपुर पंचायत के आरण गांव के रहने वाले शहीद कुंदन के किसान पिता निमेन्द्र यादव ने कहा कि- देश के लिए बेटा शहीद हुआ है। उन्होंने कहा कि कुंदन के दोनों बेटे और अपने पोते को भी सेना में भेजेंगे।
#WATCH Bihar: Father of Sepoy Kundan Kumar, who lost his life in #GalwanValley of Ladakh on June 15-16, says, "My son sacrificed his life for the nation. I have two grandsons, I will send them too." pic.twitter.com/WHkkJw0HEX
— ANI (@ANI) June 17, 2020
उल्लेखनीय है कि लद्दाख के गलवान घाटी के पास सोमवार की देर रात चीनी सैनिकों के साथ झड़प में बिहार के सहरसा जिले का बेटा कुंदन कुमार शहीद हो गए।देश की सीमा को सुरक्षित रखने के लिए किसान निमेन्द्र यादव के बेटे कुंदन वीरगति को प्राप्त हुए। कुंदन वर्ष 2012 में सेना में शामिल हुए थे।
मंगलवार की रात करीब दस बजे सेना के अधिकारी ने पिता को फोन कर उनके बेटे के शहीद होने की जानकारी दी। बेटे की शहादत की खबर मिलते ही शहीद सैनिक कुंदन कुमार के विशनपुर पंचायत के आरण गांव के लोग स्तब्ध हैं।
शहीद कुंदन कुमार के परिजनों ने खबर की पुष्टि करते हुए कहा कि फोन से सूचना मिली है। शहीद सैनिक कुंदन कुमार की शादी मधेपुरा जिले के घैलाढ़ थाने के इनरबा गांव में बेबी कुमारी से हुई थी। कुंदन को छह साल और चार साल के दो बेटे हैं।
परिजनों के मुताबिक शहीद का पार्थिव शव देर रात तक पंहुचने की संभावना है। जिसके बाद गुरुवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा।








