मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) का कहर जारी है। मरनेवालों और पीड़ितों के आने का सिलसिला नहीं थम रहा।
उत्तर बिहार के सबसे बड़े अस्पताल श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) में 24 घंटे के अंदर कई बच्चों की मौत हो गई। इस बीमारी से अबतक 72 बच्चों की मौत हो गई है। इस बीच बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने एसकेएमसीएच का दौरा कर मरीजों का हालचाल जाना।
इस मौसम में एसकेएमसीएच और केजरीवाल अस्पताल में अब तक 72 बच्चों की मौत हो चुकी है। जबकि, 189 बच्चों को भर्ती कराया गया है। उधर, मोतिहारी में भी एईएस पीड़ित एक बच्चे को भर्ती कराया गया। इस सीजन में सोमवार को स्थिति सबसे भयावह रही, जब 23 बच्चों की मौत हुई थी।
इधर, बुधवार की देर शाम केंद्रीय टीम एसकेएमसीएच पहुंची। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने पीड़ित बच्चों की जांच की। साथ ही, स्थानीय डॉक्टरों की टीम के साथ बीमारी और कारणों पर चर्चा भी की।
आगे गुरुवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सुदान मुजफ्फरपुर पहुंचने वाले थे। उनके साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्वनी कुमार चौबे भी इस बीमारी के प्रकोप से उत्पन्न हालात का जायजा लेने मुजफ्फरपुर पहुंचने वाले थे। लेकिन दोनो मंत्रियों का दौरा रद हो गया है। मिली जानकारी के मुताबिक मंत्री पहले मुजफ्फरपुर से जांच रिपोर्ट की टीम से हालात का जायजा लेंगे फिर मुजफ्फरपुर आएंगे।
केंद्रीय जांच टीम आयी मुजफ्फरपुर, बता दें कि बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की डॉक्टरों की केंद्रीय जांच टीम डॉक्टर अरुण कुमार सिन्हा के नेतृत्व में मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच पहुंची। टीम में डॉ. गोयल, डॉ. पूनम, पटना एम्स के डॉ. लोकेश और एनसीडीसी पटना के डॉ. राम सिंह शामिल थे।
Input : Dainik Jagran