Connect with us

INDIA

मोदी सरकार में ओबीसी की बहार, केंद्र की नौकरियों में बढ़ी भागीदारी

Published

on

केंद्र सरकार की नौकरियों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की भागीदारी बढ़ गई है. जनवरी 2012 में ओबीसी का नौकरियों में प्रतिनिधित्व 16.55 परसेंट था जो मोदी सरकार के दौरान जनवरी 2016 में 21.57 परसेंट हो गया. हालांकि अब भी उनके लिए निर्धारित 27 पर्सेंट तक पहुंचना बड़ी चुनौती है. पिछड़ा वर्ग की आबादी देश में सबसे ज्यादा करीब 52 फीसदी है. लेकिन केंद्र की नौकरियों में वे अपनी आबादी से आधी संख्या में भी नहीं हैं. जानकारों को उम्मीद है कि जब 2018 के आंकड़े आएंगे तो स्थिति और सुधरी होगी.

यह आंकड़ा संघ लोकसेवा आयोग एवं चुनाव आयोग सहित 78 मंत्रालयों, विभागों और उनसे संबंधित कार्यालयों में काम करने वाले ओबीसी कर्मचारियों का है. केंद्र सरकार ने दिसंबर 2014 में ही रिजर्व सीटों के बैकलॉग की पहचान करने, ऐसा होने के कारण जानने और विशेष भर्ती अभियान के जरिये ऐसे खाली स्थानों को भरने के लिए मंत्रालयों, विभागों को एक आंतरिक समिति गठित करने के निर्देश दिए थे. इसके बाद इसमें तेजी आई है.

Advertisement

27 फीसदी है केंद्र सरकार में कोटा

कार्मिक विभाग के आंकड़े बताते हैं कि सबसे बड़ी आबादी होने के बावजूद 2011 तक केंद्र की सेवाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग की भागीदारी अनुसूचित जातियों से भी कम थी. केंद्र ने अगस्त 2018 में लोकसभा में दिए गए लिखित जवाब में कहा था, ‘केंद्र सरकार की सेवाओं में ओबीसी का प्रतिनिधित्व अभी उनके लिए निर्धारित 27 फीसदी तक नहीं पहुंच सका है, क्योंकि इस वर्ग के लिए आरक्षण की शुरुआत 1993 में ही हुई.’ अब से डेढ़ दशक पहले केंद्र की सेवाओं में ओबीसी का प्रतिनिधित्व महज 4.53 प्रतिशत ही था.

Advertisement

जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण की मांग

कार्मिक विभाग के आंकड़ों की मानें तो आज भी सरकारी नौकरियों में सामान्य वर्ग की भागीदारी 57.79 फीसदी है. वहीं बड़े पदों की बात करें तो ये आंकड़ा 74.48 प्रतिशत तक पहुंच जाता है. इसीलिए ओबीसी समुदाय के नेता लगातार मांग करते रहे हैं कि एससी/एसटी ( आबादी: एससी-16.63, एसटी-8.6 फीसदी, आरक्षण: एससी- 15, एसटी- 7.5 फीसदी) की ही तरह उन्हें भी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण मिले.

Advertisement

लोकसभा में अनुप्रिया पटेल और उपेंद्र कुशवाहा यह मांग उठा चुके हैं. बीजेपी सांसद रहे राजकुमार सैनी भी इस मांग का समर्थन करते रहे हैं. एनएसएसओ (2011-12) की रिपोर्ट बताती है कि ओबीसी के 36.6 फीसदी लोग खेती पर ही निर्भर हैं. ओबीसी में पांच हजार से अधिक जातियां हैं.

बीजेपी प्रवक्ता राजीव जेटली का कहना है कि मोदी सरकार हर वर्ग के लिए काम कर रही है, चाहे वो पिछड़ा हो, अनुसूचित जाति का हो या सामान्य वर्ग का. इसीलिए नौकरियों में पिछड़ा वर्ग की हिस्सेदारी बढ़ी है. उम्मीद है कि आगे और बढ़ेगी. यही सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास मंत्र है.

Advertisement

पिछड़ों में भी पिछड़े लोगों पर दांव

ओबीसी में भी सबसे पिछड़ी जातियों को लाभ देने के लिए मोदी सरकार ने 27 फीसदी कोटे के अंदर कोटा देने का प्लान बनाया हुआ है. सरकार उन जातियों को ज्यादा लाभ देने की कोशिश में है जो ओबीसी में तो हैं लेकिन उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं मिल सका. उनकी नौकरियों में भागीदारी नहीं हो पाई. ओबीसी सब-कटेगराइजेशन के लिए 2 अक्टूबर 2017 को सरकार ने एक आयोग गठित किया था. जिसकी अध्यक्ष दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश जी. रोहिणी हैं.

Advertisement

यह आयोग तय कर रहा है कि ओबीसी में शामिल ऐसी कौन सी जातियां हैं जिन्हें आरक्षण का पूरा लाभ नहीं मिला और ऐसी कौन सी जातियां हैं जो आरक्षण की मलाई खा रही हैं. माना जाता है आरक्षण का लाभ कुछ ही जातियों ने उठाया. बाकी सब हाशिए पर रहीं.

Input:News18

Advertisement
Advertisement

INDIA

योगी सरकार 2.0 ने 100 दिनों में अपराधियों की तोड़ी कमर, 500 से ज्यादा एनकाउंटर और करोड़ों की संपत्ति जब्त

Published

on

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे हो गए हैं. इस अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ अपने कामकाज का ब्योरा का देते हुए कहा कि 100 दिनों में माफियाओं पर कड़ा प्रहार किया गया. उन्होंने कहा कि 2017 के बाद से अब तक करीब 2925 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की गई है. यह सरकार की अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का परिणाम है. सीएम योगी ने कहा कि पिछले पांच साल में प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है. पहले प्रदेश दंगा और अराजकता के लिए जाना जाता था पर भाजपा सरकार में एक भी दंगा नहीं हुआ है. वहीं धार्मिक स्थलों से अनावश्यक लाउडस्पीकर हटाए गए हैं. यह बिना किसी विवाद के हुआ है. किसी भी धार्मिक त्योहार में सड़कों पर कोई आयोजन नहीं हुआ. जिससे प्रदेश में पहली बार निवेश का माहौल बना है.

उन्‍होंने मीड‍िया को बताया कि 2017 के पहले प्रदेश में विकास कार्यों को लेकर बड़ी समस्‍या थी. यूपी के सामने पहचान का संकट था. केंद्र की लाभकारी योजनाओं को लागू करने में प्रदेश सरकार रूच‍ि नहीं लेती थी. मगर 2017 के बाद इसमें बदलाव हुआ. आज प्रदेश में केंद्र सरकार की हर योजना का लाभ मुहैया हो रहा है. प्रदेश में गुडों-माफि‍या के खिलाफ व्‍यापक अभ‍ियान चलाया जा रहा है.

Advertisement

umanag-utsav-banquet-hall-in-muzaffarpur-bihar

2017 के बाद से अब तक 844 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियों को बुलडोजर से गिरवाया गया है. पॉस्‍को एक्‍ट के तहत 2273 अपराध‍ियों पर कार्रवाई की गई है. 68,784 अनध‍िकृत कब्‍जे और 76,196 अनध‍िकृत पार्क‍िंग को मुक्‍त कराया गया है.

nps-builders

जबकि 74,385 लाउडस्‍पीकर्स को धार्म‍िक स्‍थलों से हटाया गया है. वहीं, प्रदेश स्‍तर पर 50 माफि‍या और जिला स्‍तर पर 12 माफ‍िया पर कठोर कार्रवाई की गई है. बता दें कि योगी सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त रवैया अपना रही है. 25 मार्च 2022 से लेकर एक जुलाई 2022 तक कुल 525 एनकाउंटर हुए है. इस दौरान 1034 अपराधी गिरफ्तार किए गए हैं और 425 बदमाश पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए हैं. बदमाशों से हुई इस मुठभेड़ में 68 पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं.

Advertisement

Source : News18

Genius-Classes

Advertisement
Continue Reading

INDIA

मैं कहीं नहीं जा रहा, मेरे बीजेपी जाने की खबरें पूरी तरह से गलत- केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह

Published

on

केंद्रीय मंत्री और जेडी यू नेता आरसीपी सिंह के बीजेपी में जाने की खबरें निराधार बताई जा रही हैं. सोमवार दोपहर ऐसी अफवाह फैली की उन्होंने बीजेपी जॉइन कर लिया है. दरअसल वे बीजेपी कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने हैदराबाद गए थे. आरसीपी सिंह जेडीयू के कोटे से राज्य सभा सदस्य थे. उनके राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त हो चुका है. दूसरी बार उन्हें पार्टी ने राज्यसभा में भेजने का अवसर नहीं दिया. राज्यसभा के कार्यकाल समाप्त होने के बाद कानूनन वे 6 महीने तक मंत्रीपद पर रह सकते हैं. इस बीच यदि वे संसद के किसी सदन के सदस्य नहीं बनते हैं तो उनका मंत्रीपद स्वतः समाप्त हो जाएगा. पिछले साल जेडीयू का अध्यक्ष ललन सिंह को बनाए जाने के बाद से ही आरसीपी सिंह की जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार के बीच अनबन की खबरें आ रहीं थीं.

Advertisement

खबर अपडेट हो रही है…

Advertisement
Continue Reading

INDIA

अग्निपथ स्कीम के खिलाफ दायर अर्जी पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट, नोटिफिकेशन रद्द करने की मांग

Published

on

सेना में भर्ती के लिए लाई गई अग्निपथ स्कीम के विरोध में दायर अर्जी को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। शीर्ष अदालत में अगले सप्ताह गर्मियों की छुट्टियां समाप्त होने के बाद इस पर सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट में दायर जनहित याचिका में एयरफोर्स कर्मियों का कहना है कि इसके चलते उनका करियर 20 साल की बजाय महज 4 साल का ही हो जाएगा। याचिका दायर करने वाले एडवोकेट एम.एल शर्मा ने कहा, ‘मेरी अर्जी है कि सरकार की ओर से भर्ती के लिए जो नोटिफिकेशन जारी किया गया है, उसे कैंसिल किया जाए। सरकार कोई भी स्कीम ला सकती है, लेकिन यहां बात सही और गलत की है। अब भी 70 हजार लोग ऐसे हैं, जो नियुक्ति पत्र का इंतजार कर रहे हैं।’

यह अर्जी जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस जेके माहेश्वरी की वैकेशन बेंच के समक्ष दाखिल की गई है। याची का कहना है कि अग्निपथ स्कीम कम से कम उन लोगों पर लागू नहीं होनी चाहिए, जो पहले से चल रही भर्ती प्रक्रिया में शामिल हैं और नियुक्ति पत्र का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मसले पर तत्काल सुनवाई होनी चाहिए क्योंकि यह सैनिकों के करियर का सवाल है। वकील ने कहा कि कई बार कोशिशों के बाद भी रजिस्ट्री विभाग की ओर से तारीख नहीं दी गई है। शर्मा ने कहा कि अदालत को 14 जून को रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन को कैंसिल करना चाहिए, जिसमें अग्निपथ स्कीम का ऐलान किया गया था।

Advertisement

umanag-utsav-banquet-hall-in-muzaffarpur-bihar

इस मामले में एक और अर्जी अधिवक्ता विशाल तिवारी की ओर से दायर की गई है। उन्होंने अदालत से मांग की गई है कि अग्निपथ स्कीम के परीक्षण के लिए एक एक्सपर्ट कमिटी का गठन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कमेटी यह तय करे कि इस स्कीम का युवाओं के भविष्य और देश की सुरक्षा व्यवस्था पर क्या असर होगा। अग्निपथ स्कीम के विरोध में दायर याचिकाओं को देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से भी एक परिवाद दाखिल किया गया है। इसमें सरकार ने कहा कि अदालत कोई भी फैसला सुनाने से पहले इस मसले पर सरकार का पक्ष भी सुन ले।

Source : Hindustan

Advertisement

nps-builders

Genius-Classes

Continue Reading
BIHAR22 mins ago

पटना राजीवनगर में बुलडोजर पर लगी रोक, नहीं टूटेंगे मकान, 6 जुलाई को होगी सुनवाई

INDIA2 hours ago

योगी सरकार 2.0 ने 100 दिनों में अपराधियों की तोड़ी कमर, 500 से ज्यादा एनकाउंटर और करोड़ों की संपत्ति जब्त

HEALTH2 hours ago

कोरोना के सभी वेरिएंट का पता सिर्फ 1 घंटे में, अमेरिका में विकसित हुआ CoVarScan टेस्ट

INDIA2 hours ago

मैं कहीं नहीं जा रहा, मेरे बीजेपी जाने की खबरें पूरी तरह से गलत- केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह

BIHAR2 hours ago

पटना: रूह कंपा देगा टीचर की पिटाई का वीडियो, पिटते हुए बेहोश हुआ छात्र, केस दर्ज

BIHAR3 hours ago

पटना के राजीव नगर में हुए बवाल मामले में पप्पू यादव के खिलाफ केस दर्ज

INDIA4 hours ago

अग्निपथ स्कीम के खिलाफ दायर अर्जी पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट, नोटिफिकेशन रद्द करने की मांग

INDIA5 hours ago

देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 16,135 नए मरीज मिले, 24 की मौत, एक्टिव केस 1.13 लाख हुए

BIHAR6 hours ago

बिहार के 2 मंत्रियों को हुआ कोरोना, शिक्षा मंत्री विजय चौधरी और जल संसाधन मंत्री संजय झा COVID-19 पॉजिटिव

BIHAR7 hours ago

बिहार : 10 साल की करीना के दोनों हाथों में है सिर्फ 1 अंगूठा, पढ़-लिखकर बनना चाहती है डॉक्‍टर

TECH2 weeks ago

अब केवल 19 रुपये में महीने भर एक्टिव रहेगा सिम

BIHAR5 days ago

विधवा बहू की ससुरालवालों ने कराई दूसरी शादी, पिता बन कर ससुर ने किया कन्यादान

BIHAR1 week ago

बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद से मदद मांगना बिहार के बीमार शिक्षक को पड़ा महंगा

BIHAR4 weeks ago

गांधी सेतु का दूसरा लेन लोगों के लिए खुला, अब फर्राटा भर सकेंगे वाहन, नहीं लगेगा लंबा जाम

MUZAFFARPUR4 days ago

मुजफ्फरपुर: पुलिस चौकी के पास सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, अड्डे से आती थी रोने की आवाज

BIHAR4 weeks ago

समस्तीपुर के आलोक कुमार चौधरी बने एसबीआई के एमडी, मुजफ्फरपुर से भी कनेक्शन

BIHAR3 weeks ago

बिहार : पिता की मृत्यु हुई तो बेटे ने श्राद्ध भोज के बजाय गांव के लिए बनवाया पुल

JOBS4 weeks ago

IBPS ने निकाली बंपर बहाली; क्लर्क, PO समेत अन्य पदों पर निकली वैकेंसी, आज से आवेदन शुरू

BIHAR2 weeks ago

बिहार का थानेदार नेपाल में गिरफ्तार; एसपी बोले- इंस्पेक्टर छुट्टी लेकर गया था

BIHAR5 days ago

बिहार संपर्क क्रांति समेत चार ट्रेनों के रूट डायवर्ट

Trending