प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद से ही बिहार की सियासत गर्म है. केंद्रीय कैबिनेट में लोक जनशक्ति पार्टी (Lok Janshakti Party ) के पशुपति कुमार पारस ( Pashupati kumar Paras) मंत्री बनाए गए हैं.

maths-point-by-neetesh-sir

पारस के मंत्री बनते ही ये सवाल उठने लगा है कि उन्होंने एक आदमी एक पद की बात कर अपने भतीजे चिराग पासवान (Chirag Paswan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहने पर सवाल उठाया था, क्या वो खुद केंद्र में मंत्री बनने पर लोजपा (LJP) पारस गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देंगे? बता दें कि चिराग के साथ बगावत के समय पशुपति पारस ने कहा था कि पार्टी में वन पर्सन-वन पोस्ट का फॉर्मूला लागू हो, इसलिए चिराग को हटाया गया है. पिछले दिनों पटना में न्यूज 18 को दिये अपने इंटरव्यू में पशुपति पारस ने कहा था कि कैबिनेट मंत्री बनने के बाद मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दूंगा.

बता दें कि पिछले दिनों पशुपति पारस ने भतीजा चिराग पासवान के साथ बगावत करते हुए पांच सांसदों के साथ मिलकर लोजपा संसदीय दल के नेता बन गए. इसके बाद उन्हें अध्यक्ष भी चुन लिया गया. अब जब पशुपति पारस मोदी कैबिनेट में मंत्री बने हैं तो उनके पुराने बयान को लेकर सियासी चर्चा शुरू हो गई है. हालांकि अब चर्चा है कि पशुपति पारस लोजपा के संगठन का पद छोड़ सकते हैं और अपने किसी करीबी नेता को यह पद सौंप सकते हैं.

पशुपति पारस के पास हैं चार पद

केंद्र में मंत्री बनने के बाद पशुपति पारस के पास अब चार पदों की जिम्मेदारी हो गई है. केंद्र में मंत्री बनने के बाद पशुपति पारस के पास अब चार पदों की जिम्मेदारी हो गई है. मोदी कैबिनेट में मंत्री के अलावा पारस अपने गुट की तरफ से लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं. इसके अलावा वो संसदीय दल के नेता भी हैं, और लोजपा की एक और इकाई दलित सेना के अध्यक्ष भी हैं. ऐसे में ये तय है की आने वाले दिनों में पारस संगठन के पदों से इस्तीफा दे सकते हैं. हालांकि अभी तक लोजपा (पारस गुट) की ओर से इसपर कोई बयान सामने नहीं आया है.

Input: news18

Muzaffarpur Now – Bihar’s foremost media network, owned by Muzaffarpur Now Brandcom (OPC) PVT LTD

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *