Connect with us
leaderboard image

TRENDING

वाराणसी से पीएम मोदी आगे तो अमेठी से राहुल गांधी पीछे, जानें 12 वीआईपी सीटों के रुझान

Avatar

Published

on

लोकसभा चुनाव 2019 के सियासी जंग का आज निर्णायक दिन है। वोटों की गिनती जैसे-जैसे पूरी होती जाएगी, प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला भी भी होता चला जाएगा। देश की 542 लोकसभा सीटों में से यूपी की 80 सीटों पर सबकी ज्यादा नजर होगी। कारण कि यूपी के नतीजे केंद्र की सत्ता की तकदीर लिखते रहे हैं। यूपी की हर एक-एक सीट अपने आप में मायने रखती है। यूपी में कई ऐसी सीटें हैं जिन पर सबकी नजर है। यूपी में वीवीआईपी सीटों पर कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह से लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मुलायम सिंह यादव, सपा प्रमुख और पूर्व सीएम अखिलेश यादव, उनकी पत्नी डिंपल यादव की सीटें हैं, जिनके नतीजों पर सबकी निगाहें हैं। तो चलिए जानते हैं उत्तर प्रदेश की उन सभी वीआईपी सीटों के रुझानों के बारे में…

 

1. वाराणसी लोकसभा सीट: रुझान में पीएम मोदी आगे चल रहे हैं
उत्तर-प्रदेश की सबसे चर्चित वीआईपी सीट है वाराणसी। वाराणसी सीट से इस बार भी भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावी मैदान में हैं। पिछली बार भी वाराणसी से पीएम मोदी ने ही जीत हासिल की थी। दरअसल, पीएम मोदी ने 2014 लोकसभा चुनाव में वाराणसी के अलावा गुजरात के वडोदरा से भी चुनाव लड़ा था और दोनों ही जगह से जीत हासिल की थी, लेकिन उन्होंने वाराणसी को अपने संसदीय क्षेत्र के रूप में चुना। इस बार वाराणसी से पीएम मोदी का मुकाबला कांग्रेस के अजय राय और सपा-बसपा गठबंधन की ओर से शालिनी यादव से है। वाराणसी सीट पर सातवें चरण में वोटिंग हुई थी। यह सीट बीएसएफ से बर्खास्त जवान तेजबहादुर यादव की उम्मीदवारी और पर्चा निरस्त होने की वजहों से भी सुर्खियों रहा।

2. रायबरेली लोकसभा सीट: सोनिया गांधी आगे चल रही हैं
उत्तर-प्रदेश की रायबरेली सीट कांग्रेस पार्टी की मजबूत गढ़ रही है और सोनिया गांधी पांचवीं बार चुनावी मैदान में हैं। इस बार भी कांग्रेस की ओर से सोनिया गांधी ही चुनाव लड़ रही हैं। बीजेपी ने सोनिया गांधी के खिलाफ दिनेश प्रताप सिंह को उतारा है। दिनेश प्रताप सिंह रायबरेली सीट से कांग्रेस एमएलसी थे और वह कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। रायबरेली सीट पर पिछले चार बार से लगातार सोनिया गांधी चुनाव जीतती आ रही हैं। रायबरेली में पांचवें चरण में मतदान हुए हैं।

3. अमेठी लोकसभा सीट: राहुल गांधी पीछे चल रहे हैं, जबकि स्मृति ईरानी आगे
अमेठी कांग्रेस परिवार की परंपरागत सीट में शुमार है। अमेठी लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी हैं। पिछली बार की तरह ही इस बार भी राहुल गांधी का मुकाबला केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से है। बीजेपी ने एक बार फिर से स्मृति ईरानी को राहुल गांधी के खिलाफ मैदान में उतारा है। हालांकि, पिछली बार स्मृति ईरानी को हार का सामना करना पड़ा था। राहुल गांधी इस बार अमेठी के साथ-साथ केरल की वायनाड सीट से भी चुनाव लड़ रहे हैं। अमेठी में भी पांचवें चरण में ही मतदान हुए।

4. कन्नौज लोकसभा सीट:
उत्तर-प्रदेश की कन्नौज लोकसभा सीट मुलायम परिवार का मजबूत गढ़ है। कन्नौज सीट से कई चुनावों से मुलायम परिवार के ही सदस्य जीतते आ रहे हैं। पिछले दो चुनाव से अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव चुनाव जीत रही हैं। इस बार भी सपा की ओर से डिंपल यादव चुनावी मैदान में हैं, वहीं बीजेपी ने सुब्रत पाठक मैदान में है। 2014 में भी डिंपल यादव ने बीजेपी के सुब्रत पाठक को हराया था। चौथे चरण में कन्नौज लोकसभा सीट पर वोटिंग हुई थी।

5. आजमगढ़ लोकसभा सीट: अखिलेश यादव आगे, निरहुआ पीछे
यूपी की आजमगढ़ लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद हैं मुलायम सिंह यादव। मगर इस बार सपा की ओर से खुद अखिलेश यादव चुनावी मैदान में हैं। अखिलेश यादव के खिलाफ बीजेपी ने दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ को उतारा है। अखिलेश यादव के खिलाफ भोजपुरी सुपरस्टार दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ को उतार कर बीजेपी ने सबको चौंका दिया। आजमगढ़ सीट पर छठे चरण में मतदान हुए। बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह यादव ने बीजेपी के रमाकांत त्रिपाठी को हराया था।

6. गाजीपुर लोकसभा सीट: मनोज सिन्हा पीछे चल रहे हैं
पूर्वांचल की गाजीपुर लोकसभा सीट पर सातवें चरण में मतदान हुए। इस सीट पर भाजपा के मनोज सिन्हा और बसपा के अफजल अंसारी के बीच में कड़ी टक्कर है। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा इस सीट से मौजूदा सांसद हैं और पिछली बार उन्होंने सपा के शिवका को हराया था।

7. सुल्तानपुर लोकसभा सीट: मेनका गांधी पीछे चल रही हैं

सुल्तानपुर लोकसभा सीट पर इस बार बीजेपी ने अपने उम्मीदवार बदले हैं। इस सीट पर भाजपा की मेनका गांधी और बसपा की चंद्रभद्र सिंह के बीच कड़ा मुकाबला है। कांग्रेस ने यहां से डॉ संजय सिंह को उतारा है। 2014 के लोकसभा चुनाव में सुल्तानपुर से मेनका गांधी के बेटे वरुण गांधी ने जीत हासिल की थी। मगर इस बार वरुण गांधी पीलीभीत से चुनाव लड़ रहे हैं। सुल्तानपुर सीट पर 6ठे चरण में मतदान हुए।

8. लखनऊ लोकसभा सीट: राजनाथ सिंह चल रहे हैं
लखनऊ लोकसभा सीट पर इस बार त्रिकोणीय मुकाबला है। केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ कांग्रेस ने जहां आचार्य प्रमोद कृष्णम को उतारा है, वहीं महागठबंधन की ओर से शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा मैदान में हैं। 2014 में इस सीट से राजनाथ सिंह ने कांग्रेस की प्रोफेसर रीता को हराया था। बता दें कि इस सीट से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहावी वाजपेयी कई बार चुनाव जीत चुके हैं। इस सीट पर छठे चरण में मतदान हुए।

8. मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट:
यूपी की मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर महागठंबधन को ओर से रालोद प्रत्याशी अजित सिंह चुनावी मैदान में हैं। यहां अजित सिंह और भाजपा प्रत्याशी संजीव बाल्यान के बीच सीधी लड़ाई है। मुजफ्फरनगर सीट पर पहले चरण में चुनाव हुए थे। यहां से मौजूदा सांसद हैं संजीव बालियान हैं। पिछली बार इस सीट पर संजीव बालियान ने बसपा के कादिर राणा को हराया था।

9. बागपत लोकसभा सीट: जयंत चौधरी पीछे, सत्यपाल सिंह आगे चल रहे हैं
उत्तर प्रदेश की बागपत लोकसभा सीट पर रालोद के जयंत चौधरी और भाजपा के सत्यपाल सिंह के बीच लड़ाई है। 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के सत्यपाल सिंह ने सपा के गुलाम मोह को हराया था। वहीं, 2009 में आरएलडी के अजित सिंह यहां से जीते थे। यहां पहले चरण में ही वोटिंग हुई थी।

10. रामपुर लोकसभा सीट:
यूपी में इस बार रामुपर लोकसभा सीट के नतीजे पर भी सबकी नजर होगी। यहां पर आजम खान और जया प्रदा के बीच सीधा मुकाबला है। इस बार जयाप्रदा भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा है। जयाप्रदा पर विवादित टिप्पणी के लिए आजम खान को प्रचार के दौरान चुनाव आयोग की ओर से 72 घंटे का बैन झेलना पड़ा था। 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की ओर से नेपाल सिंह ने जीत हासिल की थी। हालांकि, इस सीट से जयाप्रदा सपा की टिकट पर पहले भी चुनाव जीत चुकी हैं। रामपुर में लोकसभा चुनाव 2019 के तीसरे चरण में वोटिंग हुई।

11. गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट:
लोकसभा चुनाव 2019 के रण में यूपी की गौतमबुद्ध नगर सीट से केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा पर सबकी नजरें हैं। इस सीट से पिछली बार भी महेश शर्मा ने जीत हासिल की थी। मगर इस बार केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा के सामने SP-BSP-RLD गठबंधन के साझा प्रत्याशी के रूप में BSP के सतवीर नागर हैं और इस सीट पर BSP का खासा वोट बैंक माना जाता है। यही वजह है कि यहां पर कड़ी टक्कर देखने को मिली।

12. गाजियाबाद लोकसभा सीट:
गाजियाबाद लोकसभा सीट के नतीजे इसलिए भी मायने रखती हैं, क्योंकि इस सीट पर केंद्रीय मंत्री वीके सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। पिछली बार भी केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने चुनाव जीता था। इस सीट से कांग्रेस ने डॉली शर्मा को उतारा है, वहीं महागठबंधन की ओर से सुरेश बंसल चुनावी मैदान में हैं। बता दें कि पहले चरण में ही इस सीट पर मतदान हुए थे।

TRENDING

पिता बनना चाहते थे IAS लेकिन बन नहीं पाए, फिर बेटी पढ लिखकर IAS बनी और पूरा किया पिता का सपना

Avatar

Published

on

जरूरी नहीं कि एक बेटा ही पिता का सपना पूरा करता है बेटियों को मौका तो दीजिए बेटियां भी देशभर में पिता का नाम रौशन करती है। ऐसी ना जाने कितनी कहानियां हैं जिनमें बेटियों ने मां बाप का सिर गर्व से ऊंचा किया। आज एक ऐसी ही कहानी हम आपको बता रहे हैं। ये कहानी है साक्षी की। जो उत्तर प्रदेश के रॉबर्टगंज की रहनी वाली हैं। साक्षी 2018 में IAS बनीं।

साक्षी ने बताया कि वह पढ़ाई में शुरू से ही अच्छी रही है और स्नातक तक की पढ़ाई उसने राबर्ट्सगंज में रहकर ही की है। हाईस्कूल में 76 प्रतिशत और इंटर में 81.4 प्रतिशत अंक लाकर उसने अपने स्कूल का नाम रोशन किया था। राजकीय महिला महाविद्यालय से साक्षी ने बीए की डिग्री हासिल की।

इंटर के बाद से ही मन बना लिया: यूपीएससी की तैयारी के सवाल पर साक्षी ने बताया कि इंटर में 81 प्रतिशत अंक आने के बाद उसने मन ही मन में यूपीएससी की तैयारी करने का फैसला कर लिया था, लेकिन राबर्ट्सगंज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अच्छे साधन नहीं होने के कारण उसने ग्रेजुएशन तक इंतजार करने का फैसला किया।

पिता के सपने को किया साकार : साक्षी ने बताया कि ग्रेजुएशन करने के बाद उसने दिल्ली आने का फैसला किया। जब उसने अपने पिता को बताया कि वह पढ़लिख कर आईएएस बनना चाहती है तो उसके पिता ने साक्षी को बहुत सपोर्ट किया। साक्षी के पिता कृष्ण कुमार गर्ग पेश से व्यापारी हैं और माता रेनु गर्ग एक घरेलू महिला हैं।

साक्षी ने बताया कि उसके पिता आईएएस बनना चाहते थे, लेकिन किन्हीं वजहों से वह अपना सपना पूरा नहीं कर पाए, इसलिए उन्होंने साक्षी को हमेशा यूपीएससी के लिए ना केवल मानसिक रूप से तैयार किया बल्कि हर कदम पर उसका सपोर्ट भी किया। साक्षी के पिता कृष्ण कुमार गर्ग ने बताया कि वह खुद आईएएस बनना चाहते थे, मगर जब उनका सपना पूरा नहीं हुआ तो बेटी को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

Input:Live Bavaal

Continue Reading

TRENDING

ममता बनर्जी को 10 लाख ‘जय श्री राम’ लिखे पोस्ट कार्ड भेजेगी बीजेपी

Avatar

Published

on

पश्चिम बंगाल से बीजेपी के नवनिर्वाचित सांसद अर्जुन सिंह ने कहा, “हमने मुख्यमंत्री के आवास पर ‘जय श्री राम’ लिखे 10 लाख पोस्टकार्ड भेजने का निर्णय लिया है.”

पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनावों में हार का सामना करने वाली तृणमूल कांग्रेस के जख्मों पर नमक छिड़कते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ‘जय श्री राम’ लिखे 10 लाख पोस्टकार्ड भेजने का निर्णय लिया है.

पश्चिम बंगाल से बीजेपी के नवनिर्वाचित सांसद अर्जुन सिंह ने कहा, “हमने मुख्यमंत्री के आवास पर ‘जय श्री राम’ लिखे 10 लाख पोस्टकार्ड भेजने का निर्णय लिया है.”

तृणमूल कांग्रेस के विधायक रह चुके अर्जुन सिंह आम चुनाव से ठीक पहले बीजेपी में शामिल हो गए थे. उन्होंने ये बात बीजेपी कार्यकर्ताओं के समूह पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के बाद कही, जो उस स्थान पर ‘जय श्री राम’ के नारे लगा रहे थे जहां तृणमूल कांग्रेस के नेता बैठक कर रहे थे.

सूत्रों ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के नेता उत्तर 24 परगना जिले के कांचरापाडा में एकत्रित हुए थे, ताकि पार्टी के उन कार्यालयों को फिर से वापस लेने की रणनीति बनाई जा सके जिन्हें कथित रूप से बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ले लिया है.

तृणमूल कांग्रेस नेता एवं राज्य के मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक ने दावा किया कि अर्जुन सिंह और बीजेपी नेता मुकुल रॉय के पुत्र शुभ्रांशु रॉय ने क्षेत्र में मुश्किल पैदा करन की साजिश रची है. उन्होंने आरोप लगाया कि शुभ्रांशु पिछले मंगलवार तृणमूल छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे.

पुलिस सूत्रों ने कहा कि बैठक स्थल के बाहर एकत्रित लोगों ने नारेबाजी की और आरोप लगाया कि मलिक तथा मदन मित्रा, तपस रॉय और सुजीत बोस जैसे तृणमूल कांग्रेस के नेताओं की मौजूदगी क्षेत्र में शांति के लिए हानिकारक है.

सूत्रों ने बताया कि पुलिस और आरएएफ कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति हाथ से निकलते देख लाठीचार्ज किया. मलिक ने कहा, “यह अभूतपूर्व है. हमने इस तरह की संस्कृति बंगाल में नहीं देखी है. यह बीजेपी की संस्कृति है.”

वहीं अर्जुन सिंह ने इन आरोपों को नकार दिया है. उन्होंने कहा, “तृणमूल कांग्रेस के नेता व्यर्थ की बातें कर रहे हैं. लोगों ने तृणमूल कांग्रेस को खारिज किया है और यह उनकी प्रतिक्रिया है.”

हाल में संपन्न लोकसभा चुनावों में बीजेपी कुल 42 सीटों में से 18 सीटें जीतकर बंगाल में एक राजनीतिक ताकत के तौर पर उभरी है. उसके बाद से तृणमूल कांग्रेस के नेता बीजेपी में शामिल हो रहे हैं.

यह पूछे जाने पर कि क्या तृणमूल कांग्रेस प्रदर्शन को लेकर पुलिस में कोई शिकायत दर्ज कराएगी, मलिक ने कहा कि उनकी पार्टी इससे राजनीतिक रूप से निपटेगी. राज्य के मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार पर हमले का प्रयास किया.

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि वहां तनाव उत्पन्न होने पर दुकानें और बाजार बंद हो गए. उन्होंने कहा, “किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई, लेकिन एक पुलिस पिकेट स्थापित किया गया है. हम इसके लिए सभी उपाय कर रहे हैं कि क्षेत्र में शांति भंग न हो.”

शुक्रवार को पश्चिम बंगाल बीजेपी ने ममता बनर्जी पर लोगों के उस समूह पर भड़कने के लिए निशाना साधा जो उनकी कार के आगे ‘जय श्री राम’ बोल रहे थे. बीजेपी ने सवाल किया कि क्या राज्य में ‘जय श्री राम’ का नारा लगाना अपराध है.

गुरुवार को ममता बनर्जी उस वक्त नाराज हो गई थीं जब कुछ व्यक्तियों ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए. इन लोगों ने उस वक्त ‘जय श्री राम’ का नारा लगाया जब उनका काफिला बैरकपुर लोकसभा क्षेत्र के भाटपारा क्षेत्र से गुजर रहा था.

Input : News18

Continue Reading

TRENDING

प्रेग्नेंट महिला की जान बचाने के लिए मुस्लिम शख्स ने रोजा तोड़ दिया अपना खून, हर तरफ हो रही है तारीफ

Avatar

Published

on

इस्लाम धर्म में रमजान (Ramadan) के दौरान रोजे का बहुत महत्व है. रमजान के पूरे गर्मी भरे महीने भूखे-प्यासे रहना और वक्त पर नमाज़ अदा करना. समय पर सेहरी खाना और शाम के समय सही वक्त पर इफ्तार लेना. रमजान का ये पूरा महीना मुस्लिमों के लिए बहुत खास होता है, लेकिन राजस्थान के एक शख्स ने अपना रोजा सिर्फ इसलिए तोड़ दिया क्योंकि एक महिला को खून की ज़रुरत थी.

रमज़ान के महीने में गरीबों को दान करना और मदद करना अच्छा माना जाता है, लेकिन किसी जरुरतमंद के लिए रोज़ा तोड़ने जैसी घटना बहुत कम देखी है.

दरअसल, राजस्थान के अलवर में एक प्रेग्नेंट महिला को खून की सख्त जरुरत थी. अशरफ खान नाम के इस व्यक्ति ने इंसानियत दिखाई और महिला को खून देने के लिए अपना रोजा तोड़ दिया.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक सावित्री देवी नाम की इस गर्भवती महिला का हीमोग्लोबिन बहुत लो था, इसे तुंरत खून की जरुरत थी.

अशरफ खान के मुताबिक, “मुझे फोन पर मैसेज आया कि एक आदमी को अपनी साली के लिए तुंरत बी ब्लड ग्रुप का खून चाहिए. मैंने तुरंत उस आदमी को फोन किया और कहा कि मैं शाम को इफ्तार के बाद आ जाउंगा, लेकिन उस आदमी ने मुझसे कहा कि डॉक्टर ने जितना जल्दी हो सके खून मांगा है, क्योंकि उसकी साली प्रेग्नेंट है.”

फिर क्या था अशरफ खान तुंरत हॉस्पिटल पहुंचे और उन्होंने अपना रोज़ा तोड़ महिला को खून देकर उसकी और उसके बच्चे की जान बचाई.

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
BIHAR5 hours ago

चमकी बुखार ने छीन ली इस गांव के 11 मासूमों की जिंदगी, जानें…

MUZAFFARPUR8 hours ago

रिसर्च के नाम पर बिहार की शाही लीची बदनाम हो गई

BIHAR8 hours ago

बच्चों की मौत पर सवाल पूछा तो भड़के सुशील मोदी, कहा-ये प्रेस कांफ्रेंस चमकी बुखार के लिए नहीं

MUZAFFARPUR10 hours ago

मुजफ्फरपुरः AES को लेकर डीएम ने की सभी अधिकारियों की छुट्टी रद्द, गांवों में कैंप करने का निर्देश

BIHAR10 hours ago

बिहार में 8 हजार सहायक प्रोफेसर की होगी बहाली, जुलाई महीने से शुरू होगी प्रक्रिया

BIHAR10 hours ago

बिहार में चमकी बुखार का कहर, इससे घबराने की जरूरत नहीं, जानिए

BIHAR10 hours ago

तेजस्वी को खोजिये मत, शायद वर्ल्ड कप देखेने गये हैं…रघुवंश बाबू तो यही कह रहे हैं

MUZAFFARPUR1 day ago

बिहार में AES से 143 की मौत: SC में जनहित याचिका दायर, CM नीतीश व डॉ. हर्षवर्धन पर भी मुकदमा

MUZAFFARPUR1 day ago

Bigg Boss के घर से शुरू हुई लड़ाई पहुंची थाने, दीपक ठाकुर के मजाक पर भड़कीं जसलीन मथारू ने दर्ज कराई शिकायत

BIHAR1 day ago

बिहार में चमकी बुखार से 112 की मौत, सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को होगी सुनवाई

TRENDING2 weeks ago

पिता बनना चाहते थे IAS लेकिन बन नहीं पाए, फिर बेटी पढ लिखकर IAS बनी और पूरा किया पिता का सपना

RELIGION4 weeks ago

इसी जगह पर हुई थी भगवान शिव और देवी पार्वती की शादी, आज भी मौजूद हैं 6 निशानियां

MUZAFFARPUR2 weeks ago

मुज़फ़्फ़रपुर में फिर दहेजलोभी ससुरालवालों ने ली एक विवाहिता की जान

BIHAR2 weeks ago

बिहार में दरोगा बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों का सपना होगा पूूरा , 3500 पदों पर भर्ती शुरू

INDIA3 weeks ago

गर्मी से राहत के लिए सरकार उपलब्‍ध कराएगी सस्‍ता AC, बिजली का बिल भी आएगा कम

BIHAR1 week ago

बिहार में माता-पिता की सेवा नहीं करने वालों को होगी जेल

BIHAR3 weeks ago

बिहार में भी बसा है छोटा सा कश्मीर

INDIA2 weeks ago

प्राइवेट नौकरी वालों की हालत मजदूरों से भी बदतर, NSSO के रिपोर्ट में हुआ खुलासा

BIHAR3 weeks ago

PM मोदी सरकार से JDU का किनारा, बिहार में गरमाई सियासत; HAM बोला- हमारे साथ आइए

BIHAR3 weeks ago

बिहार की बेटी बनी जेट फाइटर प्लेन MiG-21 उडा़ने वाली देश की पहली महिला पायलट

Trending

0Shares