कोरोना संक्रमण के बढऩे के कारण 15 मई तक कोचिंग संस्थानों और स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया गया है। इस आदेश के बाद भी शहर से गांव तक चोरी-छुपे कोचिंग और स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। मंगलवार को शिक्षा विभाग की ओर से गठित धावा दल ने शहर से गांव तक कोचिंग और स्कूलों के संचालन को लेकर निगरानी की। धावा दल को शहरी क्षेत्र से सटे कई गांवों में कोचिंग संस्थानों के संचालन की सूचना मिली थी। जब टीम वहां पहुंची तो अधिकतर संस्थान बंद मिले। साथ ही कई संस्थान तो खुले थे पर वहां छात्र नहीं थे। एक दो कोचिंग संस्थानों में इक्के – दुक्के छात्र थे जिन्हें प्रॉब्लम सॉल्व के लिए पहुंचे थे। टीम के अधिकारियों ने सभी को समझाया कि ऑनलाइन ही पढ़ाई करें और फोन पर परामर्श लें। धावा दल की सक्रियता के बाद गांव से शहर तक चारों ओर हड़कंप मचा हुआ था।

निजी संस्थान ले रहे प्रायोगिक परीक्षा, छात्रों को डराकर बुला रहे

शहर के कई निजी कोचिंग संस्थान सरकार और प्रशासन के आदेशों को ताक पर रखकर काम कर रहे हैं। कोरोना संक्रमण बढऩे के बाद भी ये छात्रों पर दबाव बनाकर उन्हें प्रायोगिक परीक्षा में शामिल करा रहे हैं। खबड़ा के पास स्थित एक निजी स्कूल के संचालन की सूचना मिली। जब प्रबंधन से छात्र बनकर बात की गई तो मामला सही पाया गया। अधिकारियों की ओर से कहा गया कि ऐसे संस्थानों को चिह्नित किया जा रहा है। इसके खिलाफ महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

Input: Dainik Jagran

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