पूर्व मेयर समीर कुमार व चालक रोहित की हत्या का दूसरा मुख्य आरोपित सुजीत बुधवार को स्टेशन रोड से पकड़ा गया। वह नेपाल भाग गया था। लौटने पर पुलिस ने लोकेट किया। उधर, अफवाह उड़ती रही कि वह नेपाल से मंगलवार की देर रात शहर लौटा और खुद मिठनपुरा थाने पहुंच गया। मिठनपुरा के जगदीशपुरी लेन में ही उसका मकान है। वहां पुलिस ने इश्तेहार चिपकाया था।

स्टेशन रोड से सुजीत की गिरफ्तारी की पुष्टि एसएसपी मनोज कुमार ने की। उन्होंने बताया कि सुजीत घटना के बाद नेपाल भाग गया था। चंदवारा नवाब रोड में हत्या की सीसीटीवी फुटेज में शूटर गोविंद बाइक पर पीछे बैठा था और सुजीत ड्राइव कर रहा था। हत्याकांड में अब तक 7 गिरफ्तार किए गए हैं। इसमें छह आरोपित न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए हैं। सुजीत से पूछताछ चल रही है। समीर हत्याकांड का किंगपिन कुख्यात मंटू शर्मा और हत्या में इस्तेमाल एके-47 के संदर्भ में सुजीत से वरीय पुलिस अधिकारियों ने भी पूछताछ की। सुजीत से पुलिस ने हत्या में मंटू के साथ मिल चुके पूर्व मेयर के कारोबारी पार्टनरों के नाम भी पूछे हैं।

EX Mayor, Sameer,

गिरफ्तार सभी आरोपितों को आमने सामने लाकर की जाएगी पूछताछ

हत्याकांड में गिरफ्तार 7 आरोपितों को अब पुलिस आमने-सामने लाकर पूछताछ करेगी। अब तक पुलिस ने सभी का अलग-अलग स्वीकारोक्ति बयान लिया है। एसएसपी ने बताया कि एक बार सभी आरोपितों का एक साथ पुलिस रिमांड की अर्जी कोर्ट में दी जाएगी। ताकि सभी गुत्थियों की कड़ी दर कड़ी का सत्यापन हो सके।

पूर्व मेयर हत्याकांड का दूसरा मुख्य आरोपित सुजीत कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। -मनोज कुमार, एसएसपी

 

समीर के कई पार्टनर मुनाफा देख कर मंटू से जुड़ गए इसी सिंडिकेट ने कल्याणी की जमीन का कराया एग्रीमेंट

पूर्व मेयर समीर कुमार हत्याकांड में जेल भेजे गए ट्रांसपोर्टर मृत्युंजय कुमार उर्फ पिंटू के स्वीकारोक्ति बयान में बड़ा खुलासा किया गया है। इसमें कहा गया है कि पूर्व मेयर के कई पार्टनर मुनाफा देख मंटू शर्मा से मेल कर लिया था। इसके बाद कल्याणी मछली मंडी की जमीन का मंटू शर्मा के सिंडिकेट ने एग्रीमेंट कर लिया। इधर, पूर्व मेयर ने कल्याणी मछली मंडी को खाली कराने के लिए शंभू को गिरोह से अलग कर 25 लाख रुपए दे दिया। इसमें मंटू शर्मा को हिस्सेदारी नहीं मिली। इधर, मंटू शर्मा से जुड़े गोविंद, सुजीत और ओमकार जमीन को खाली नहीं होने देने पर अड़ा। तब मंटू ने पूर्व मेयर की हत्या की प्लानिंग कर डाली। पिंटू ने खुद को मूल रूप से शंभू का आदमी बताया है। उसने पुलिस को बताया है कि हार्डकोर नक्सली अनिल राम एवं अन्य नक्सलियों ने उससे संगठन के लिए आर्थिक मदद ली। नक्सली मीटिंग व मेला में जाने के लिए नक्सलियों को बस भी दिया करते थे। इस तरह वर्ष 2014 में वह आपराधिक मामले में गिरफ्तार हुआ।

जेल में उसकी मुलाकात व दोस्ती शंभू से हो गई। फिर शंभू ने ही मंटू से उसकी मुलाकात कराई। यह गिरोह पहले सीपीडब्ल्यूडी टेंडर पर कब्जा के लिए हत्या, रंगदारी व धमकी जैसा अपराध करता था। बाद में शंभू ने प्रॉपर्टी का कारोबार किया, तब मंटू शर्मा ने भी गोविंद, सुजीत, ओमकार समेत अपने कई लोगों के जरिए भी प्रॉपर्टी डीलिंग में उतर गया, लेकिन कल्याणी मछली मंडी की जमीन के मुद्दे पर शंभू-मंटू में टसल हो गई।

एक वरीय अधिकारी के सहयोग से शंभू-मंटू ने पटना में किया था एसटीएफ के समक्ष सरेंडर

ट्रांसपोर्टर पिंटू सिंह ने स्वीकारोक्ति बयान में कहा है कि सीपीडब्ल्यूडी के टेंडर वार, रंगदारी और हत्या के कई कांडों में आरोपित बन चुके शंभू-मंटू गैंग के पीछे एसटीएफ बुरी तरह पड़ गई। तब इसके सरेंडर के लिए एक वरीय अधिकारी का सहयोग लिया गया। उन्हीं के सहयोग से पटना में शंभू-मंटू ने सरेंडर किया था।

पूछताछ के बाद नवीन को भेजा गया जेल

पूर्व मेयर समीर कुमार व उनके चालक रोहित हत्याकांड में गोबरसही से गिरफ्तार किए गए ट्रांसपोर्ट एजेंसी के संचालक नवीन शर्मा को पुलिस ने पूरी पूछताछ के बाद बुधवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। समीर हत्याकांड के किंगपिन मंटू शर्मा के भाई नवीन सेे पूछताछ में पुलिस को एके-47 हथियार का सुराग जानने में कामयाबी नहीं मिल सकी। हालांकि पिंटू ने पुलिस को बताया था कि हत्या के बाद नवीन ने ही हथियार को ठिकाने लगाया था। लेकिन, कोई जानकारी नहीं मिलने पर उसे जेल भेज दिया गया।

Input : Dainik Bhaskar