बिहार में 39वें राज्यपाल रह चुके वरीय भाजपा नेता लालजी टंडन के निधन पर उनके सम्मान में बिहार में 21 जुलाई को 1 दिन का राजकीय शोक रहेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह घोषणा की। इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल और बिहार के पूर्व राज्यपाल लालजी टंडन के निधन पर दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि लालजी टंडन एक लोकप्रिय राजनेता, कुशल प्रशासक व प्रख्यात शिक्षाविद थे। उनके निधन से राजनीति, सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है।

बतौर राज्पाल बिहार में स्टूडेंट्स हित में कई काम किए
बिहार के 39वें राज्यपाल के रूप में लालजी टंडन ने 23 अगस्त 2018 को शपथ ली थी। तत्कालीन राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालजी टंडन को बिहार का राज्यपाल मनोनीत किया था। हालांकि वे मात्र 331 दिन ही बिहार के राज्यपाल रहे लेकिन अपने सालभर से भी कम के कार्यकाल में उच्च शिक्षा के विकास में कई अहम प्रयास किये।

छोटे-बड़े कई हस्तक्षेपों से उन्होंने बड़ी लकीरें खींचीं। खासतौर से लंबित परीक्षाएं, छात्रहित की अनदेखी और वित्तीय व्यवस्था को दुरुस्त करने पर विशेष तवज्जो रहा। गवर्नर के रूप में उनके 300 दिन पूरा करने पर राजभवन ने एक पुस्तिका का भी प्रकाशन किया था।

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