जिस सोशल मीडिया को हथियार बना कर बीजेपी सत्ता तक पहुंच गयी, वही सोशल मीडिया अब उसे खटकने लगा है. बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने आज मीडिया से बात करते हुए कहा कि फेसबुक, ट्विटर से लेकर इंस्टाग्राम पर लोग ऐसी ऐसी गालियां दे रहे हैं, जिसे बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया है. इसे रोकने का प्रबंध करना जरूरी हो गया है.

सुशील मोदी की पीड़ा

पत्रकारों से आज बात करते हुए सोशल मीडिया को लेकर सुशील मोदी का दर्द छलक उठा. पत्रकारों ने सवाल पूछा था कि सोशल मीडिया पर क्या सब चल रहा है. जवाब में सुशील मोदी बोले “बहुत बड़ी चुनौती हो गयी है इससे निपटना. मुझे पता नहीं इससे कैसे निपटा जायेगा. चूंकि इतनी गालियां, इतनी अभद्रता जिसे बताया नहीं जा सकता. जिसको जो मन में आता है वो लिख देता है. हमलोग कई दफे देखते हैं कि ऐसी-ऐसी गालियां लिखी होती हैं कि अगर सामान्य तौर पर कोई व्यक्ति उसका प्रयोग करे तो उसे जेल भेज दिया जायेगा.”

बिहार के डिप्टी सीएम ने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रहे ऐसे अभियानों से निपटने की पहली जिम्मेवारी उनकी है, जो इसे चला रहे हैं यानि फेसबुक, ट्विटर जैसे प्लेटफार्म के संस्थापकों को गाली-गलौज रोकने की कोशिश करनी चाहिये. पत्रकारों ने सवाल पूछा कि क्या सरकार इस पर अंकुश लगाने की कोशिश कर रही है. जवाब में सुशील मोदी बोले “फेसबुक, ट्विटर भड़ास निकालने का जरिया हो गया है. जिसे जो मन में आये वो लिख दे रहा है. केंद्र की सरकार कोशिश कर रही है कि इसे रोका जाये. केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म के संचालकों को कहा है कि वे फेक न्यूज और गैरकानूनी कामों पर रोक लगायें.”

सुशील मोदी ने कहा कि फेसबुक-ट्विटर पर डाले गये आपत्तिजनक पोस्ट और फेक न्यूज से समाज में तनाव पैदा हो रहा है. इससे निपटना सबसे बड़ी चुनौती हो गयी है. सिर्फ सरकार के चाहने से इस पर रोक लगने वाली नहीं है. इसमें समाज के दूसरे वर्ग के लोगों को भी आगे आना होगा.

पत्रकारों ने पूछा कि इसी सोशल मीडिया के सहारे ही तो बीजेपी सत्ता में आयी थी. सुशील मोदी ने कहा कि ये सही है कि बीजेपी डिजटल प्लेटफार्म को इस्तेमाल करने में बाकी पार्टियों से सबसे आगे है. इसका फायदा पार्टी को मिलता है. आगे आने वाले चुनाव में भी पार्टी को इसका फायदा मिलेगा.

Input : First Bihar

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